करनाल की अनाज मंडियों में धान की आवक में भारी गिरावट, पिछले साल के मुकाबले 65 हजार टन कम पहुंची पराली धान

पांच दिन पहले हुई भारी बारिश से कटाई और परिवहन प्रभावित, 1 अक्टूबर तक जिले की मंडियों में पहुंची महज 28,485 मीट्रिक टन धान की फसल।

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हरियाणा के करनाल जिले में भारी बारिश के कारण धान की आवक धीमी पड़ गई है। 1 अक्टूबर तक मंडियों में 28,485 मीट्रिक टन धान पहुंचा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 94,097 मीट्रिक टन धान की आवक हुई थी। इससे इस सीजन में धान की आवक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

हरियाणा के करनाल जिले में पांच दिन पहले हुई भारी बारिश का असर अब धान की कटाई और मंडियों में फसल की आवक पर दिखाई देने लगा है। बारिश के कारण जिले की अनाज मंडियों में परमल (PR) धान की आवक पिछले साल की तुलना में काफी कम दर्ज की गई है। 1 अक्टूबर की शाम तक जिले की मंडियों में महज 28,485 मीट्रिक टन धान पहुंचा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 94,097 मीट्रिक टन था।

हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड (HSAMB) के आंकड़ों के अनुसार, इस सीजन में अब तक मंडियों में पहुंचे धान में से 15,948 मीट्रिक टन की खरीद हो चुकी है, जबकि 12,537 मीट्रिक टन धान अभी मंडियों में पड़ा हुआ है।

बारिश के बाद धान की आवक में आई गिरावट

पिछले दिनों हुई भारी बारिश ने करनाल जिले में धान की कटाई और फसल को मंडियों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को प्रभावित किया है। इसके चलते इस सीजन में धान की आवक की रफ्तार धीमी हो गई है।

पिछले साल के मुकाबले इस बार 1 अक्टूबर तक धान की आवक में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। मंडियों में कम फसल पहुंचने के कारण इस सीजन की शुरुआती आवक पिछले वर्ष की तुलना में काफी पीछे चल रही है।

करनाल समेत प्रमुख मंडियों में धान की आवक का हाल

जिले की प्रमुख अनाज मंडियों में भी धान की आवक में गिरावट दर्ज की गई है। HSAMB के आंकड़ों के अनुसार, करनाल, घरौंडा और असंध समेत कई मंडियों में पिछले साल की तुलना में इस बार काफी कम धान पहुंचा है।

प्रमुख मंडियों में धान की आवक

अनाज मंडी

इस साल आवक (MT)

पिछले साल आवक (MT)

करनाल

1,776

8,980

घरौंडा

1,486

8,238

असंध

1,675

15,957

तरावड़ी

7,230

17,899

इंद्री

7,523

17,790

नीलोखेड़ी

920

1,008

निसिंग

3,001

8,426

कुंजपुरा

433

4,573

निगधू

3,702

7,282

जुंडला

739

3,944

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले की अधिकांश प्रमुख मंडियों में धान की आवक पिछले साल की समान अवधि से कम रही है। खासतौर पर असंध, करनाल और घरौंडा की मंडियों में आवक में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

15,948 मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीद

मंडियों में धान की कम आवक के बीच अब तक कुल 15,948 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। वहीं, 12,537 मीट्रिक टन धान मंडियों में मौजूद है।

खरीद और आवक के आंकड़े बताते हैं कि इस सीजन में बारिश के कारण मंडियों तक फसल पहुंचने की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में मौसम और कटाई की गति के आधार पर आवक में बदलाव हो सकता है।

अधिकारियों ने बारिश को बताया कम आवक का प्रमुख कारण

अधिकारियों के अनुसार, पांच दिन पहले हुई भारी बारिश धान की आवक में गिरावट की प्रमुख वजह है। बारिश से खेतों में कटाई का काम प्रभावित हुआ और फसल को मंडियों तक पहुंचाने में भी देरी हुई।

कटाई और परिवहन गतिविधियों में आई बाधा का सीधा असर मंडियों में पहुंचने वाली धान की मात्रा पर पड़ा है।

Key Highlights

  • करनाल जिले में 1 अक्टूबर तक 28,485 मीट्रिक टन PR धान की आवक हुई।

  • पिछले साल इसी अवधि में 94,097 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा था।

  • इस सीजन में अब तक 15,948 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है।

  • मंडियों में 12,537 मीट्रिक टन धान अभी खरीद के लिए मौजूद है।

  • भारी बारिश के कारण कटाई और फसल के परिवहन में देरी हुई है।

  • तरावड़ी और इंद्री की मंडियों में इस सीजन में सबसे अधिक धान पहुंचा है।

FAQ Section

1. करनाल की मंडियों में 1 अक्टूबर तक कितने धान की आवक हुई?

HSAMB के आंकड़ों के अनुसार, 1 अक्टूबर 2026 की शाम तक करनाल जिले की मंडियों में 28,485 मीट्रिक टन PR धान की आवक हुई।

2. पिछले साल इसी अवधि में कितनी धान की आवक हुई थी?

पिछले साल इसी अवधि में करनाल जिले की मंडियों में 94,097 मीट्रिक टन PR धान पहुंचा था।

3. करनाल में धान की आवक कम होने का क्या कारण है?

अधिकारियों के अनुसार, पांच दिन पहले हुई भारी बारिश के कारण धान की कटाई और परिवहन प्रभावित हुआ है। इसी वजह से मंडियों में फसल की आवक धीमी हुई है।

4. करनाल जिले में अब तक कितने धान की खरीद हुई है?

इस सीजन में 1 अक्टूबर तक कुल 15,948 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है।

5. करनाल जिले की किस मंडी में सबसे अधिक धान पहुंचा है?

दिए गए आंकड़ों के अनुसार, इंद्री मंडी में 7,523 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जो सूचीबद्ध मंडियों में सबसे अधिक है।

Conclusion

करनाल जिले में हाल ही में हुई भारी बारिश का असर धान की कटाई और मंडियों में आवक पर साफ दिखाई दे रहा है। पिछले साल की तुलना में इस बार धान की आवक काफी कम रही है। अधिकारियों ने इसके लिए बारिश से प्रभावित कटाई और परिवहन को प्रमुख कारण बताया है। आने वाले दिनों में मंडियों में धान की आवक मौसम और कटाई की गति पर निर्भर करेगी।Screenshot_370

Edited By: Atul Sharma

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