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Haryana में गेहूं उठान में देरी पर ट्रांसपोर्टरों पर लगेगा प्रतिदिन 500 रुपये प्रति ट्रक जुर्माना
मंडियों में जगह की कमी के चलते सरकार सख्त; उठान प्रक्रिया में लापरवाही पर सीधे बिल से कटेगा जुर्माना।
हरियाणा में खरीदे गए गेहूं के धीमे उठान के कारण मंडियों में जगह की समस्या बढ़ गई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने ट्रांसपोर्टरों पर प्रति ट्रक प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला किया है।
खरीदे गए गेहूं के धीमे उठान के कारण अनाज मंडियों में जगह की कमी पैदा होने पर हरियाणा सरकार ने ट्रांसपोर्टरों पर प्रतिदिन प्रति ट्रक 500 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय लिया है।
करनाल के जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक Mukesh Kumar ने कहा, “सरकार उठान प्रक्रिया में देरी की अनुमति नहीं दे सकती। दूसरों की लापरवाही के कारण किसानों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। जुर्माने का प्रावधान पहले से ही खरीद नीति का हिस्सा है और इसे सख्ती से लागू किया जाएगा।”

खरीद एजेंसियों ने प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए ट्रांसपोर्टरों की सूची तैयार करना भी शुरू कर दिया है।
उन्होंने कहा, “यदि देरी ट्रांसपोर्टर की ओर से होती है, तो प्रति ट्रक प्रतिदिन 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। यह कदम खरीद कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए उठाया गया है।”
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी मंडी के लिए एक दिन में 20 ट्रक निर्धारित किए गए हों, लेकिन ट्रांसपोर्टर केवल 10 ट्रक उपलब्ध कराए, तो बाकी 10 ट्रकों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
हरियाणा की अनाज मंडियों में अब तक कुल 84.15 लाख मीट्रिक टन गेहूं पहुंच चुका है। इनमें से 82.53 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, जबकि 67.62 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान हो पाया है।
बाकी स्टॉक अभी भी मंडियों में पड़ा हुआ है, जिससे भंडारण और गुणवत्ता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
सरकार अब तक खरीदे गए गेहूं के बदले किसानों के खातों में 16,424.98 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर चुकी है।
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