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Lisa Ray ने मेनोपॉज पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं— “यह जीवन का अंत नहीं”
FICCI FLO अमृतसर के वेलनेस कॉन्क्लेव में महिलाओं के स्वास्थ्य, मेनोपॉज और जागरूकता पर खुलकर हुई चर्चा।
अभिनेत्री और उद्यमी लिसा रे ने अमृतसर में आयोजित वेलनेस कॉन्क्लेव में मेनोपॉज और महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि मेनोपॉज को शर्म या “महिलाओं की प्राकृतिक पीड़ा” की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे जागरूकता और जानकारी के जरिए समझने की जरूरत है।
भारत जैसे देश में, जहां मेनोपॉज और महिलाओं के स्वास्थ्य को अब भी अक्सर “महिलाओं की प्राकृतिक पीड़ा” मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है, वहां इन विषयों पर खुलकर संवाद शुरू करने और जागरूकता फैलाने की दिशा में अभिनेत्री और उद्यमी Lisa Ray ने अहम पहल की।
अमृतसर के ITC होटल में आयोजित FICCI FLO अमृतसर चैप्टर के वेलनेस कॉन्क्लेव में लिसा रे ने मेनोपॉज और उससे जुड़ी शारीरिक एवं मानसिक बदलावों पर खुलकर चर्चा की।

लिसा रे ने कहा, “मिडल एज या मेनोपॉज की उम्र की महिलाओं को अक्सर ‘खतरनाक’ माना जाता है, क्योंकि इस उम्र में हम यह सोचना छोड़ देते हैं कि दूसरे लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं। लेकिन यही वह समय भी है, जब हमें अपने शरीर में होने वाले बदलावों और मेनोपॉज के प्रभावों के बारे में जानकारी हासिल कर खुद को सशक्त बनाना चाहिए।”
लिसा रे इस वर्ष शुरू किए गए महिलाओं के स्वास्थ्य और मेनोपॉज क्लिनिक NuHer की सह-संस्थापक भी हैं।
महिलाओं के स्वास्थ्य और खासकर भारत में मेनोपॉज को लेकर समाज की सोच बदलने पर हमेशा मुखर रहने वाली लिसा रे ने कहा कि मेनोपॉज को शर्मनाक विषय या “सिर्फ महिलाओं द्वारा सहन की जाने वाली स्थिति” की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कई बार कहा है कि मेनोपॉज को लेकर समाज में भारी कलंक और चुप्पी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कैंसर उपचार के दौरान 37 वर्ष की उम्र में कीमोथेरेपी के कारण उन्हें मेनोपॉज का सामना करना पड़ा था, लेकिन उस समय उन्हें पर्याप्त मार्गदर्शन और भावनात्मक सहयोग नहीं मिला।
2025 में एक निजी हेल्थकेयर फाउंडेशन द्वारा कम संसाधन वाले भारतीय समुदायों की 32,000 से अधिक महिलाओं पर किए गए सर्वे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत महिलाओं को मेनोपॉज के प्रभावों की जानकारी नहीं थी, जबकि 62 प्रतिशत महिलाओं को यह तक पता नहीं था कि इसके उपचार के विकल्प भी उपलब्ध हैं।
लिसा रे ने कहा, “मैं हमेशा विज्ञान आधारित और व्यक्तिगत स्वास्थ्य सेवाओं का समर्थन करती हूं, जिनके बारे में महिलाओं को जानकारी होनी चाहिए। मेनोपॉज जीवन का अंत नहीं है और इसे ऐसा नहीं माना जाना चाहिए।”
NuHer की सह-संस्थापक के रूप में लिसा रे ने एक विस्तृत पैनल चर्चा में हिस्सा लिया, जिसमें मिडल एज से जुड़े पुराने सामाजिक दृष्टिकोणों को चुनौती दी गई।
उन्होंने पेरिमेनोपॉज के दौरान महिलाओं की पहचान, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को दोबारा स्थापित करने पर चर्चा की। उनके अनुसार, यह जीवन में गिरावट का नहीं, बल्कि बदलाव और आत्म-समझ का दौर है।
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