Uttar Pradesh में 2024 के दौरान अपराधों में बड़ी गिरावट, NCRB रिपोर्ट में दावा

दहेज हत्या, अपहरण, डकैती और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई।

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नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के ‘क्राइम इन इंडिया’ आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में वर्ष 2024 के दौरान कई प्रमुख अपराध श्रेणियों में तेज गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट में महिलाओं के खिलाफ अपराध, डकैती, लूट और सेंधमारी के मामलों में कमी का उल्लेख किया गया है।

Uttar Pradesh में वर्ष 2024 के दौरान कई प्रमुख अपराध श्रेणियों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। यह जानकारी National Crime Records Bureau (NCRB) द्वारा जारी ‘क्राइम इन इंडिया’ आंकड़ों में सामने आई है।

रिपोर्ट के अनुसार, दहेज हत्या के मामलों में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली।

वर्ष 2023 में जहां दहेज हत्या के 2,122 मामले दर्ज हुए थे, वहीं 2024 में यह संख्या घटकर 1,047 रह गई, यानी 50.7 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

वर्ष 2022 में यह संख्या 2,138 थी, जिसके मुकाबले दो वर्षों में लगभग 51 प्रतिशत की गिरावट आई है।

अपहरण और महिलाओं के खिलाफ अपराधों में कमी

अपहरण और किडनैपिंग के मामलों में 62.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

2023 में 14,272 मामलों के मुकाबले 2024 में यह संख्या घटकर 5,306 रह गई। यह 2022 की तुलना में 64.4 प्रतिशत सुधार माना गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, यह बदलाव राज्य सरकार की आक्रामक अपराध विरोधी कार्रवाई, पुलिस गश्त में वृद्धि और फास्ट ट्रैक अदालतों की कार्यवाही का परिणाम माना जा रहा है।

बलात्कार के मामलों में भी कमी दर्ज हुई। 2023 में 3,516 मामलों के मुकाबले 2024 में 3,209 मामले दर्ज किए गए, यानी 8.7 प्रतिशत की गिरावट।

महिलाओं की हत्या के मामले 702 से घटकर 668 हो गए, जो 4.8 प्रतिशत की कमी दर्शाते हैं।

महिलाओं की मर्यादा भंग (Outrage of Modesty) के मामलों में 53.3 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। यह संख्या 9,453 से घटकर 4,418 रह गई।

छेड़छाड़ के खिलाफ कार्रवाई में बढ़ोतरी

महिलाओं से छेड़छाड़ के मामलों में कार्रवाई 103.1 प्रतिशत बढ़ी।

रिपोर्ट में कहा गया कि यह महिलाओं के पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराने के बढ़ते भरोसे और राज्य की एंटी-रोमियो स्क्वॉड पहल के कारण संभव हुआ।

घरेलू उत्पीड़न मामलों में हल्की बढ़ोतरी

घरेलू उत्पीड़न के मामले 21,266 दर्ज किए गए, जिनमें 6.9 प्रतिशत की मामूली वृद्धि हुई।

अधिकारियों का कहना है कि इसका कारण महिलाओं का शिकायत दर्ज कराने के प्रति बढ़ा विश्वास है, न कि जमीनी स्थिति का बिगड़ना।

डकैती, लूट और दंगों में गिरावट

डकैती के मामलों में 21.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

2023 में 73 मामलों की तुलना में 2024 में केवल 57 मामले दर्ज हुए।

लूट के मामले 1,354 से घटकर 1,163 हो गए, यानी 14.1 प्रतिशत की गिरावट।

दंगों के मामलों में भी 17.4 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। यह संख्या 3,160 से घटकर 2,610 रह गई।

रिपोर्ट में कहा गया कि सांप्रदायिक और गुटीय हिंसा के लिए कभी बदनाम रहे राज्य में दंगों में लगातार गिरावट एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

सेंधमारी और कुल अपराध आंकड़े

सेंधमारी के मामलों में 46.1 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

2023 में 6,968 मामलों के मुकाबले 2024 में यह संख्या 3,753 रह गई।

Bharatiya Nyaya Sanhita के तहत दर्ज कुल संज्ञेय अपराधों की संख्या लगभग स्थिर रही। 2023 में 4,28,794 मामलों के मुकाबले 2024 में 4,30,552 मामले दर्ज हुए, जो केवल 0.4 प्रतिशत का अंतर दर्शाता है।

SC/ST अत्याचार मामलों में भी कमी

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार के मामलों में 3.2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।

2023 में 15,130 मामलों की तुलना में 2024 में यह संख्या घटकर 14,642 रह गई।Screenshot_1123

Edited By: Karan Singh

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