- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- सतत खेती और पराली प्रबंधन में योगदान के लिए होशियारपुर के 10 किसान सम्मानित
सतत खेती और पराली प्रबंधन में योगदान के लिए होशियारपुर के 10 किसान सम्मानित
पीएयू में आयोजित सम्मेलन में पर्यावरण संरक्षण और वैज्ञानिक खेती अपनाने वाले किसानों को मिला सम्मान
Punjab Agricultural University में आयोजित “सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट समिट” में Hoshiarpur के 10 प्रगतिशील किसानों को पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ खेती में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
Punjab Agricultural University में आयोजित “सस्टेनेबल एग्रीकल्चर एंड क्रॉप रेजिड्यू मैनेजमेंट समिट” में Hoshiarpur के पीएयू-कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) से जुड़े 10 प्रगतिशील किसानों को टिकाऊ खेती और पर्यावरण संरक्षण में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
इस सम्मेलन का उद्देश्य पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना और किसानों को पराली जलाने की बजाय फसल अवशेष प्रबंधन के प्रभावी तरीकों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम का आयोजन संयुक्त रूप से Punjab Agricultural University, Clean Air Punjab, Sanjh और Aasra द्वारा किया गया।कार्यक्रम की जानकारी देते हुए Dr Maninder Singh Bons ने बताया कि सम्मेलन की अध्यक्षता Dr Satbir Singh Gosal ने की। इस अवसर पर Dr Makhan Singh Bhullar और Dr Ajmer Singh Dhatt भी उपस्थित रहे और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों के प्रयासों की सराहना की।
सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य उन “ग्रीन चैंपियंस” को पहचान देना और प्रोत्साहित करना था, जिन्होंने पराली जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों से फसल अवशेषों का प्रबंधन किया तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की सेहत सुधारने में योगदान दिया।
सम्मेलन के दौरान होशियारपुर जिले के विभिन्न गांवों के किसानों को पर्यावरण अनुकूल खेती और वैज्ञानिक फसल अवशेष प्रबंधन तकनीकों को अपनाने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
सम्मानित किसानों में थिंडा गांव के Onkar Singh और Kulvir Singh, पड्डी सूरा सिंह गांव के Kulwant Singh Gill और Jagdeep Singh, सैला खुर्द गांव के Ramandeep Singh, भाम गांव के Balwinder Singh और Bakhtawar Singh, खानपुर गांव के Jaspal Singh तथा रसूलपुर गांव के Harnek Singh और Bali Singh शामिल रहे।
आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की पहल किसानों के बीच टिकाऊ कृषि और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।


