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'सतलुज' फिल्म हटाए जाने पर AAP का केंद्र सरकार पर हमला, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बताया प्रहार
जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म को OTT से हटाने पर आम आदमी पार्टी ने जताया विरोध, प्रतिबंध हटाने की मांग।
जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार की आलोचना की है। पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए फिल्म पर लगे प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग की।
'सतलुज' फिल्म हटाने पर AAP का विरोध
आम आदमी पार्टी (AAP) ने सोमवार को मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म 'सतलुज' को एक OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने की कड़ी आलोचना की।
पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा हमला बताते हुए केंद्र सरकार से फिल्म पर लगे प्रतिबंध को तत्काल हटाने की मांग की।
कुलदीप सिंह धालीवाल ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना
मीडिया से बातचीत के दौरान पंजाब AAP के मुख्य प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।उन्होंने आरोप लगाया कि फिल्म को हटाने का फैसला युवाओं को कांग्रेस शासनकाल के दौरान कथित घटनाओं और विवादों से दूर रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया।
BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर लगाए आरोप
धालीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा और कांग्रेस इस मुद्दे पर "मिलीभगत" से काम कर रही हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि शिरोमणि अकाली दल (SAD) भी इस कथित साजिश में बराबर का भागीदार है।
यह आरोप AAP की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित दलों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।
अकाली दल की भूमिका पर भी उठाए सवाल
AAP प्रवक्ता ने कहा कि जसवंत सिंह खालड़ा स्वयं शिरोमणि अकाली दल से जुड़े रहे थे, लेकिन उनके अनुसार उस समय पार्टी नेतृत्व और बादल परिवार ने उनका पर्याप्त साथ नहीं दिया।
धालीवाल ने इस मुद्दे पर अकाली दल की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
फिल्म से जुड़े विवाद ने पकड़ा राजनीतिक रंग
'सतलुज' फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद पंजाब की राजनीति में इस मुद्दे पर बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न राजनीतिक दल इस मामले को अलग-अलग नजरिए से देख रहे हैं, जबकि फिल्म हटाने के फैसले को लेकर बहस जारी है।
Key Highlights
- AAP ने 'सतलुज' फिल्म हटाने का विरोध किया।
- पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
- केंद्र सरकार से फिल्म पर लगा प्रतिबंध हटाने की मांग।
- कुलदीप सिंह धालीवाल ने BJP, कांग्रेस और अकाली दल पर लगाए आरोप।
- अकाली दल की भूमिका पर भी उठाए सवाल।
- फिल्म हटाने के मुद्दे पर पंजाब की राजनीति में बढ़ी बयानबाजी।
FAQ Section
Q1. 'सतलुज' फिल्म किस पर आधारित है?
यह फिल्म दिवंगत मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन और कार्यों पर आधारित बताई जाती है।
Q2. AAP ने फिल्म हटाने पर क्या कहा है?
AAP ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताते हुए प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
Q3. कुलदीप सिंह धालीवाल ने किन दलों पर आरोप लगाए?
उन्होंने भाजपा, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल पर राजनीतिक आरोप लगाए।
Q4. क्या इन आरोपों पर संबंधित दलों की प्रतिक्रिया आई है?
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, संबंधित दलों की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
Q5. AAP की मुख्य मांग क्या है?
पार्टी ने फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म पर फिर से उपलब्ध कराने और प्रतिबंध हटाने की मांग की है।
Conclusion
'सतलुज' फिल्म को OTT प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। AAP ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मामला बताते हुए केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। अब इस विषय पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर रहेगी।

