आतमसुख आत्मदेव आश्रम की सामुदायिक इंटर्नशिप से छात्रों को मिली नई सीख, दिव्यांग बच्चों के जीवन को करीब से समझने का अवसर

होशियारपुर और अमृतसर के 58 कॉलेज छात्र बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के साथ कर रहे संवाद, सेवा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का मिल रहा व्यावहारिक अनुभव।

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आतमसुख आत्मदेव आश्रम में आयोजित सामुदायिक सहभागिता (Community Engagement) इंटर्नशिप के माध्यम से विभिन्न कॉलेजों के 58 छात्र बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन और उनकी चुनौतियों को नजदीक से समझ रहे हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना है।

सामुदायिक इंटर्नशिप के जरिए छात्रों को मिल रहा व्यावहारिक अनुभव

आतमसुख आत्मदेव आश्रम में चल रही कम्युनिटी एंगेजमेंट इंटर्नशिप कॉलेज छात्रों को बौद्धिक दिव्यांग (Intellectual Disabilities) बच्चों के जीवन, उनकी चुनौतियों और उनकी देखभाल से जुड़ी वास्तविक परिस्थितियों को समझने का अवसर प्रदान कर रही है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी को विकसित करना है।


58 छात्र प्रतिदिन आश्रम पहुंच रहे हैं

इंटर्नशिप कार्यक्रम के तहत 2 जुलाई से विभिन्न शिक्षण संस्थानों के 58 छात्र प्रतिदिन आश्रम का दौरा कर रहे हैं।

इन संस्थानों के छात्र शामिल

  • गवर्नमेंट कॉलेज, होशियारपुर – 49 छात्र
  • डीएवी कॉलेज, होशियारपुर – 7 छात्र
  • गुरु नानक देव विश्वविद्यालय, अमृतसर – 1 छात्र
  • साई कॉलेज – 1 छात्र

दिव्यांग बच्चों के साथ संवाद और सीखने का अवसर

आश्रम में छात्र बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के साथ समय बिताते हैं और शिक्षकों, देखभालकर्ताओं तथा सहयोगी कर्मचारियों के कार्यों को नजदीक से देखते हैं।

इस दौरान उन्हें बच्चों और उनके परिवारों के सामने आने वाली चुनौतियों की प्रत्यक्ष जानकारी भी मिलती है।


विशेष कार्यक्रम में वक्ताओं ने साझा किए विचार

इस पहल के अवसर पर आश्रम में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

टेक चंद सूद चैरिटेबल ट्रस्ट एवं आतमसुख आत्मदेव आश्रम के अध्यक्ष नवदीप सूद ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चे समाज के सबसे उपेक्षित वर्गों में शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि जब माता-पिता वृद्ध हो जाते हैं, बीमार पड़ते हैं या उनका निधन हो जाता है, तब इन बच्चों की समस्याएं और अधिक बढ़ जाती हैं।


UGC और कॉलेजों की पहल की सराहना

नवदीप सूद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) तथा गवर्नमेंट कॉलेज और डीएवी कॉलेज के प्रबंधन की इस प्रकार की सामुदायिक इंटर्नशिप शुरू करने के लिए सराहना की।

उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में जागरूकता बढ़ाने और दिव्यांगजनों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


पूर्व सांसद ने छात्रों को सेवा जारी रखने का दिया संदेश

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने छात्रों से इंटर्नशिप समाप्त होने के बाद भी दिव्यांगजनों की सेवा जारी रखने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि छात्र करुणा और समावेशिता के संदेशवाहक बनें तथा समाज के अन्य लोगों को भी दिव्यांगजनों की सहायता के लिए प्रेरित करें।


प्रत्यक्ष अनुभव ने बदली छात्रों की सोच

डीएवी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विनय कुमार ने आश्रम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्रों को प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से सीखने का यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों और छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई छात्रों ने बताया कि दिव्यांग बच्चों के साथ बिताया गया समय उनके लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक अनुभव रहा, जिसने जीवन और समाज सेवा के प्रति उनकी सोच को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया।


Key Highlights

  • आत्मसुख आत्मदेव आश्रम में सामुदायिक इंटर्नशिप कार्यक्रम।
  • 58 कॉलेज छात्र रोजाना आश्रम में कर रहे सहभागिता।
  • बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन और चुनौतियों को समझने का अवसर।
  • सेवा भावना, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी पर विशेष जोर।
  • UGC की कम्युनिटी एंगेजमेंट इंटर्नशिप पहल की सराहना।
  • पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने छात्रों को सेवा जारी रखने का संदेश दिया।

FAQ Section

Q1. यह इंटर्नशिप कार्यक्रम कहां आयोजित किया जा रहा है?

आतमसुख आत्मदेव आश्रम में।

Q2. कार्यक्रम में कितने छात्र भाग ले रहे हैं?

कुल 58 छात्र विभिन्न शिक्षण संस्थानों से इसमें शामिल हैं।

Q3. इंटर्नशिप का मुख्य उद्देश्य क्या है?

छात्रों में संवेदनशीलता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करना तथा उन्हें बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के जीवन को समझने का अवसर देना।

Q4. किन संस्थानों के छात्र इसमें शामिल हैं?

गवर्नमेंट कॉलेज होशियारपुर, डीएवी कॉलेज होशियारपुर, गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर और साई कॉलेज के छात्र भाग ले रहे हैं।

Q5. कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने क्या संदेश दिया?

उन्होंने छात्रों से दिव्यांगजनों के प्रति करुणा, समावेशिता और सेवा की भावना को जीवनभर बनाए रखने का आह्वान किया।


Conclusion

आतमसुख आत्मदेव आश्रम की यह सामुदायिक इंटर्नशिप केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि युवाओं में सामाजिक संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को विकसित करने की सार्थक पहल है। बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से छात्र समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ पा रहे हैं।Screenshot_3062

Edited By: Karan Singh

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