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'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान: पंजाब के सरकारी स्कूलों में लगेंगे 9.33 लाख पौधे, शिक्षा विभाग ने जारी किए दिशा-निर्देश
हर सरकारी स्कूल में कम से कम 30–35 पौधे लगाने का लक्ष्य, छात्रों को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी।
पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों में 9.33 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाने और छात्रों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सरकारी स्कूलों में 9.33 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य
पंजाब सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के उद्देश्य से राज्यभर के सरकारी स्कूलों में 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान शुरू किया है।
इस राज्यव्यापी अभियान के तहत 9.33 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
SCERT ने जारी किए विस्तृत दिशा-निर्देश
स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT), पंजाब ने अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी सरकारी स्कूलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक सरकारी स्कूल में कम से कम 30 से 35 पौधे लगाए जाएंगे। साथ ही जिन स्कूलों के पास पर्याप्त स्थान उपलब्ध है, उन्हें निर्धारित लक्ष्य से अधिक पौधे लगाने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है।
वन विभाग उपलब्ध कराएगा मुफ्त पौधे
शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों (BPEO) और स्कूल प्रमुखों को वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं।
इसके तहत सभी सरकारी स्कूलों को नि:शुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि अभियान को सफलतापूर्वक लागू किया जा सके।
नीलगिरी नहीं, स्थानीय प्रजातियों को मिलेगी प्राथमिकता
दिशा-निर्देशों में स्कूलों को नीलगिरी (यूकेलिप्टस) के पौधे लगाने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके बजाय निम्नलिखित स्थानीय और पर्यावरण के अनुकूल प्रजातियों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं—
प्राथमिकता वाले पौधे
- नीम
- ताहली (शीशम)
- पीपल
- औषधीय पौधे
- फलदार पौधे
- छायादार वृक्ष
- सजावटी एवं स्थानीय प्रजातियों के पौधे
हर पौधे की जिम्मेदारी निभाएंगे छात्र
अभियान के तहत लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल की जिम्मेदारी किसी एक छात्र या छात्रों के समूह को सौंपी जाएगी।
इसके अलावा पौधों के बीच कम से कम 10 फीट की दूरी बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि उनका स्वस्थ विकास सुनिश्चित किया जा सके।
हर पौधे के साथ लगेगी नेम प्लेट
स्कूलों को प्रत्येक पौधे के पास एक नेम प्लेट लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
इस प्लेट पर निम्नलिखित जानकारी दर्ज होगी—
- पौधे का वैज्ञानिक (Botanical) नाम
- स्थानीय नाम
- छात्रों द्वारा दिया गया विशेष नाम (Pet Name)
मां के साथ पौधारोपण की फोटो होगी अनिवार्य
अभियान की विशेषता यह है कि प्रत्येक छात्र को अपनी मां के साथ पौधा लगाते हुए फोटो खिंचवानी होगी।
इन तस्वीरों और पौधारोपण से संबंधित जानकारी को Eco Clubs for Mission LiFE पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।
Key Highlights
- पंजाब के सरकारी स्कूलों में 9.33 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य।
- 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के तहत राज्यव्यापी पहल।
- प्रत्येक स्कूल में कम से कम 30–35 पौधे लगाए जाएंगे।
- वन विभाग मुफ्त पौधे उपलब्ध कराएगा।
- यूकेलिप्टस की जगह स्थानीय प्रजातियों को प्राथमिकता।
- प्रत्येक पौधे की जिम्मेदारी छात्रों को सौंपी जाएगी।
- मां के साथ पौधारोपण की फोटो पोर्टल पर अपलोड होगी।
FAQ Section
Q1. 'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान क्या है?
यह केंद्र सरकार का पर्यावरण संरक्षण अभियान है, जिसके तहत पौधारोपण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
Q2. पंजाब में कितने पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है?
राज्यभर के सरकारी स्कूलों में 9.33 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
Q3. प्रत्येक स्कूल में कितने पौधे लगाए जाएंगे?
प्रत्येक सरकारी स्कूल में कम से कम 30 से 35 पौधे लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
Q4. किन पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी?
नीम, ताहली, पीपल, औषधीय, फलदार और अन्य स्थानीय प्रजातियों के पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी।
Q5. छात्रों की क्या भूमिका होगी?
हर छात्र या छात्र समूह किसी एक पौधे को अपनाएगा और उसकी देखभाल एवं निगरानी करेगा।
Conclusion
'एक पेड़ मां के नाम 3.0' अभियान के माध्यम से पंजाब सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का प्रयास कर रही है। स्थानीय प्रजातियों के पौधों को बढ़ावा देने और छात्रों की सक्रिय भागीदारी से यह पहल हरित पंजाब की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

