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2027 चुनाव से पहले पंजाब में सरकारी कर्मचारियों का दबाव बढ़ा, AAP सरकार से लंबित मांगें पूरी करने की मांग
अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के आवास के बाहर प्रदर्शन, पुरानी पेंशन बहाली, महंगाई भत्ता और नियमितीकरण समेत कई मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन।
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के आवास के बाहर प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने सरकार से वादे पूरे करने की मांग की।
2027 विधानसभा चुनाव से पहले कर्मचारियों ने बढ़ाया दबाव
पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के साथ ही सरकारी कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बढ़ाना शुरू कर दिया है।
सरकारी कर्मचारी, शिक्षक संगठन और पेंशनर्स ने विभिन्न मंचों के बैनर तले अमृतसर में प्रदर्शन कर राज्य सरकार से चुनावी वादे पूरे करने की मांग की।
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के आवास के बाहर प्रदर्शन
पंजाब एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स फ्रंट, सांझा एम्प्लॉइज फोरम और पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन के संयुक्त बैनर तले कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के आवास के निकट विरोध रैली आयोजित की गई।प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी और शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों के संभावित घेराव को देखते हुए मंत्री स्वयं मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से ज्ञापन प्राप्त किया। उन्होंने प्रतिनिधियों को उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
शिक्षक प्रतिनिधि गुरबिंदर खैरा और अश्वनी अवस्थी ने बताया कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं।
मुख्य मांगें
- 18 प्रतिशत महंगाई भत्ता (Dearness Allowance) लागू किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) बहाल की जाए।
- सभी श्रेणियों के अस्थायी कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
- मानदेय और प्रोत्साहन आधारित कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतनमान लागू किया जाए।
- केंद्रीय वेतनमान समाप्त कर पंजाब वेतनमान लागू किया जाए।
- बंद किए गए विभिन्न भत्तों को फिर से बहाल किया जाए।
- प्रत्येक सरकारी कर्मचारी से लिए जा रहे 200 रुपये के शुल्क को समाप्त किया जाए।
सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप
कर्मचारी नेताओं का आरोप है कि इन सभी मांगों का वादा पिछली विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था, लेकिन अब तक इन्हें लागू नहीं किया गया।
अश्वनी अवस्थी ने आरोप लगाया कि सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता नहीं दिया जा रहा, जबकि राज्य सरकार अन्य योजनाओं पर खर्च कर रही है।
यह बयान कर्मचारी संगठन की ओर से दिया गया है।
17 जुलाई को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली की तैयारी
कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से मुलाकात का समय मांगा है।
इसके साथ ही उन्होंने 17 जुलाई को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली आयोजित करने की घोषणा भी की है, ताकि अपनी मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
Key Highlights
- पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों का प्रदर्शन।
- हरभजन सिंह ETO को सौंपा गया मांग पत्र।
- पुरानी पेंशन योजना बहाली और 18% महंगाई भत्ते की मांग।
- अस्थायी कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग।
- पंजाब वेतनमान लागू करने और भत्ते बहाल करने की मांग।
- मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात की मांग।
- 17 जुलाई को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली की घोषणा।
FAQ Section
Q1. प्रदर्शन किसने आयोजित किया?
पंजाब एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स फ्रंट, सांझा एम्प्लॉइज फोरम और पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन आयोजित किया।
Q2. कर्मचारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
18% महंगाई भत्ता, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, अस्थायी कर्मचारियों का नियमितीकरण और पंजाब वेतनमान लागू करना प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
Q3. प्रदर्शन कहां हुआ?
अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO के आवास के निकट।
Q4. मंत्री ने क्या आश्वासन दिया?
मंत्री ने कर्मचारियों से ज्ञापन लेकर उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।
Q5. कर्मचारियों की अगली रणनीति क्या है?
मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री से मुलाकात की मांग के साथ 17 जुलाई को चंडीगढ़ में राज्य स्तरीय रैली आयोजित करने की तैयारी की जा रही है।
Conclusion
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सरकारी कर्मचारियों और शिक्षक संगठनों की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान किया जाए। अब सभी की नजर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच संभावित वार्ता और आगामी राज्य स्तरीय रैली पर रहेगी।

