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बीबीएमबी भूमि अतिक्रमण विवाद पर भाजपा का हमला, मनोहर लाल खट्टर से हस्तक्षेप और FIR की मांग
नंगल हाइडल चैनल के किनारे बीबीएमबी की जमीन से मलबा हटाने के मामले में भाजपा ने उठाए सवाल, राजनीतिक संरक्षण और सरकारी संपत्ति की चोरी का लगाया आरोप।
नंगल हाइडल चैनल के पास बीबीएमबी (भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड) की भूमि पर कथित अतिक्रमण और मलबा हटाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
बीबीएमबी भूमि विवाद पर भाजपा ने केंद्र से मांगा हस्तक्षेप
पंजाब के नंगल में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) की भूमि पर कथित अतिक्रमण और सरकारी मलबा हटाए जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है।
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर मामले की निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
'70 साल पुराना सरकारी मलबा हटाया गया, फिर भी FIR नहीं'
सोमवार को नंगल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल हाइडल चैनल के किनारे निर्माण कार्य के समय से करीब 70 वर्षों से पड़ा बीबीएमबी का मलबा कथित रूप से अवैध तरीके से हटा दिया गया, लेकिन अब तक इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई।उन्होंने सवाल उठाया कि दिनदहाड़े भारी मशीनों की मदद से इतने बड़े स्तर पर मलबा हटाने जैसी कार्रवाई स्थानीय प्रशासन की जानकारी या सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकती।
'सरकारी संपत्ति की चोरी का मामला दर्ज किया जाए'
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बीबीएमबी की संपत्ति को हटाना सरकारी संपत्ति की चोरी के समान है।
उनका कहना था कि बीबीएमबी अधिकारियों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत भी दी है, लेकिन शिकायत के बावजूद मामला दर्ज नहीं किया गया। शर्मा ने आरोप लगाया कि यह स्थिति कथित अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने की ओर इशारा करती है।
राष्ट्रीय महत्व की परियोजना की सुरक्षा पर भी उठाए सवाल
सुभाष शर्मा ने कहा कि नंगल हाइडल चैनल राष्ट्रीय महत्व की आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि चैनल के आसपास बुलडोजर और अन्य भारी मशीनों का बिना अनुमति इस्तेमाल उसकी संरचना और सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में केवल कथित अतिक्रमणकारियों ही नहीं, बल्कि संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
राजस्व अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग
भाजपा नेता ने कहा कि यदि जांच में किसी राजस्व अधिकारी की कथित मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री से बीबीएमबी की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने, सरकारी मलबा हटाने के मामले में चोरी का केस दर्ज कराने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया है।
भूमि स्वामित्व के दावों पर भाजपा का सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान जब कुछ लोगों द्वारा राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर भूमि स्वामित्व का दावा करने संबंधी सवाल पूछा गया तो सुभाष शर्मा ने कहा कि केवल स्वामित्व संबंधी दस्तावेज दिखाने भर से राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं की भूमि पर मनमानी कार्रवाई को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सभी कानूनी और प्रशासनिक पहलुओं की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
Key Highlights
- भाजपा ने बीबीएमबी भूमि विवाद में केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की।
- प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष शर्मा ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर को लिखा पत्र।
- कथित रूप से 70 वर्ष पुराना बीबीएमबी का मलबा हटाने का आरोप।
- एफआईआर दर्ज न होने पर पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल।
- राष्ट्रीय महत्व की नंगल हाइडल चैनल परियोजना की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई।
- कथित मिलीभगत पाए जाने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग।
FAQ Section
Q1. विवाद किस मामले को लेकर है?
नंगल हाइडल चैनल के किनारे बीबीएमबी की भूमि से कथित रूप से सरकारी मलबा हटाने और अतिक्रमण के आरोपों को लेकर।
Q2. भाजपा ने किससे हस्तक्षेप की मांग की है?
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर से।
Q3. भाजपा की मुख्य मांग क्या है?
एफआईआर दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, बीबीएमबी भूमि की सुरक्षा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच।
Q4. भाजपा ने पुलिस पर क्या आरोप लगाए हैं?
भाजपा का आरोप है कि शिकायत मिलने के बावजूद पुलिस ने अब तक मामला दर्ज नहीं किया, जिससे राजनीतिक संरक्षण की आशंका पैदा होती है।
Q5. सुरक्षा को लेकर क्या चिंता जताई गई है?
भारी मशीनों के उपयोग से नंगल हाइडल चैनल जैसी राष्ट्रीय महत्व की संरचना को संभावित नुकसान पहुंचने की आशंका जताई गई है।
Conclusion
बीबीएमबी भूमि विवाद अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। भाजपा ने जहां निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है, वहीं पूरे मामले में प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आने वाले दिनों में सरकार और संबंधित एजेंसियों की कार्रवाई इस विवाद की दिशा तय करेगी।

