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भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते के विरोध में BKU एकता-उगराहां का फ्लैग मार्च, किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
महंगे पेट्रोल-डीजल, गैस, यूरिया की कमी और कृषि नीतियों के विरोध में अमृतसर में प्रदर्शन, 4 जुलाई को चंडीगढ़ में बड़े आंदोलन का ऐलान
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के सदस्यों ने अमृतसर में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA), बढ़ती महंगाई, यूरिया की कमी और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ फ्लैग मार्च निकाला। किसान नेताओं ने 4 जुलाई को चंडीगढ़ में बड़े प्रदर्शन का भी ऐलान किया।
अमृतसर में BKU एकता-उगराहां का फ्लैग मार्च
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को अमृतसर के रंजीत एवेन्यू में विभिन्न मांगों को लेकर फ्लैग मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA), पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों, यूरिया खाद की कमी तथा बढ़ती महंगाई के खिलाफ आवाज उठाई।
फ्लैग मार्च रंजीत एवेन्यू से शुरू होकर उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के निकट समाप्त हुआ।
केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर साधा निशाना
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए डॉ. परमिंदर सिंह पंडोरी वरैच ने आरोप लगाया कि देश गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा और युद्ध जैसे मुद्दों के नाम पर आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है, जबकि बड़े कॉरपोरेट घरानों को रियायतें दी जा रही हैं।बढ़ती महंगाई से किसान और आम जनता परेशान
डॉ. वरैच ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की लगातार बढ़ती कीमतों ने महंगाई को और बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर किसानों और आम लोगों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने से खेती की लागत में भारी वृद्धि हुई है, जिससे पहले से कर्ज के बोझ तले दबे किसानों की आर्थिक स्थिति और कठिन हो गई है।
यूरिया की कमी और नई नीतियों पर भी जताई नाराजगी
किसान नेता ने यूरिया खाद की कमी का मुद्दा भी उठाया और सरकार की कई प्रस्तावित नीतियों की आलोचना की।
उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर आपत्ति जताई—
- प्रस्तावित सीड्स बिल 2025
- बिजली क्षेत्र से जुड़े सुधार
- मनरेगा (MGNREGA) को कमजोर करने के प्रयास
- भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का प्रस्ताव
उनका आरोप था कि इन फैसलों का सबसे अधिक असर किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।
4 जुलाई को चंडीगढ़ में होगा बड़ा प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) और BKU डकौंदा ने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए कहा कि 4 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में विशाल प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
किसान नेताओं ने बताया कि इस प्रदर्शन को सफल बनाने के लिए पंजाब के विभिन्न गांवों में बैठकें और फ्लैग मार्च आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक किसानों को आंदोलन से जोड़ा जा सके।
Key Highlights:
- BKU (एकता-उगराहां) ने अमृतसर में फ्लैग मार्च निकाला।
- भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) का विरोध।
- पेट्रोल, डीजल, एलपीजी की बढ़ती कीमतों पर जताई नाराजगी।
- यूरिया खाद की कमी और सीड्स बिल 2025 का विरोध।
- 4 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में बड़े प्रदर्शन का ऐलान।
- किसानों को गांव-गांव जाकर आंदोलन से जोड़ने की तैयारी।
FAQ Section:
Q1. फ्लैग मार्च किस संगठन ने निकाला?
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने फ्लैग मार्च आयोजित किया।
Q2. किसानों ने किन मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन किया?
भारत-अमेरिका FTA, महंगे पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, यूरिया की कमी और किसान नीतियों के विरोध में प्रदर्शन किया गया।
Q3. फ्लैग मार्च कहां आयोजित हुआ?
यह मार्च अमृतसर के रंजीत एवेन्यू से शुरू होकर उपायुक्त कार्यालय तक निकाला गया।
Q4. अगला बड़ा प्रदर्शन कब और कहां होगा?
4 जुलाई को चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
Q5. किसानों ने किन प्रस्तावित नीतियों का विरोध किया?
सीड्स बिल 2025, बिजली सुधार, मनरेगा से जुड़े बदलाव और भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का।
Conclusion:
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने एक बार फिर केंद्र सरकार की आर्थिक और कृषि नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन का कहना है कि बढ़ती महंगाई, खेती की लागत और प्रस्तावित नीतियां किसानों के हितों के विपरीत हैं। अब 4 जुलाई को चंडीगढ़ में होने वाले प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।

