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अलीगंज अग्निकांड के बाद यूपी के कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, 75 जिलों में सिर्फ 3,267 केंद्र ही पंजीकृत
लखनऊ में सबसे अधिक 226 पंजीकृत कोचिंग संस्थान, प्रयागराज और कानपुर जैसे बड़े शिक्षा केंद्रों में भी कम रजिस्ट्रेशन ने बढ़ाई चिंता
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा और वैध पंजीकरण पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य के 75 जिलों में हजारों कोचिंग सेंटर संचालित होने के बावजूद केवल 3,267 संस्थान ही आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं।
अलीगंज अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड ने उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते कोचिंग उद्योग में नियामकीय खामियों को उजागर कर दिया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्यभर में हजारों कोचिंग संस्थान संचालित हो रहे हैं, लेकिन 75 जिलों में केवल 3,267 कोचिंग सेंटर ही कानूनी रूप से पंजीकृत हैं।
घटना के बाद जिला प्रशासन ने राजधानी लखनऊ के सभी छोटे और बड़े कोचिंग संस्थानों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश जारी किए हैं।
लखनऊ में सबसे ज्यादा पंजीकृत संस्थान
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में सबसे अधिक 226 पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं। वहीं, शिक्षा का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले प्रयागराज में केवल 93 और कानपुर नगर में महज 37 कोचिंग संस्थान ही पंजीकृत हैं।इन आंकड़ों ने इस बात पर चिंता बढ़ा दी है कि बड़ी संख्या में संस्थान बिना आधिकारिक निगरानी के संचालित हो सकते हैं।
डीएम ने दिए तत्काल पंजीकरण के निर्देश
जिलाधिकारी विशाख जी ने क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय को निर्देश दिए हैं कि राजधानी के सभी कोचिंग संस्थानों का जल्द से जल्द पंजीकरण सुनिश्चित कराया जाए।
उन्होंने कहा कि वर्तमान रिकॉर्ड में केवल 226 संस्थान ही पंजीकृत हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि कितने कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं और क्या वे सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे हैं।
बिना पंजीकरण नहीं हो सकेगी प्रभावी निगरानी
जिला प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार, कई कोचिंग संचालकों को यह जानकारी भी नहीं है कि उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट, 2002 के तहत क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालय में पंजीकरण कराना अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि पंजीकरण के बाद ही प्रशासन और संबंधित विभाग नियमित निरीक्षण कर सकेंगे तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।
18 मंडलों के माध्यम से होता है पंजीकरण
उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार, प्रदेश के 18 मंडलों के क्षेत्रीय उच्च शिक्षा कार्यालयों के माध्यम से उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट, 2002 के तहत कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण किया जाता है।
अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रशासन अब पंजीकरण और सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर अधिक सख्त रुख अपनाता दिखाई दे रहा है।
Key Highlights:
- अलीगंज अग्निकांड के बाद कोचिंग संस्थानों पर प्रशासन की सख्ती।
- यूपी में केवल 3,267 कोचिंग संस्थान आधिकारिक रूप से पंजीकृत।
- लखनऊ में सबसे अधिक 226 पंजीकृत कोचिंग सेंटर।
- प्रयागराज में 93 और कानपुर में सिर्फ 37 पंजीकृत संस्थान।
- सभी कोचिंग संस्थानों का जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश।
- पंजीकरण के बाद सुरक्षा और अन्य मानकों की नियमित जांच होगी।
FAQ Section:
Q1. उत्तर प्रदेश में कितने कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं?
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में 3,267 कोचिंग संस्थान पंजीकृत हैं।
Q2. सबसे अधिक पंजीकृत कोचिंग संस्थान किस जिले में हैं?
लखनऊ में सबसे अधिक 226 पंजीकृत कोचिंग संस्थान हैं।
Q3. प्रशासन ने क्या निर्देश दिए हैं?
सभी छोटे और बड़े कोचिंग संस्थानों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Q4. कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण किस कानून के तहत होता है?
उत्तर प्रदेश रेगुलेशन ऑफ कोचिंग एक्ट, 2002 के तहत।
Q5. अलीगंज अग्निकांड के बाद क्या कार्रवाई की जा रही है?
प्रशासन पंजीकरण, सुरक्षा मानकों के पालन और नियमित निरीक्षण को लेकर सख्ती बरत रहा है।
Conclusion:
अलीगंज अग्निकांड ने उत्तर प्रदेश के कोचिंग सेक्टर में सुरक्षा और नियामकीय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन अब बिना पंजीकरण संचालित संस्थानों की पहचान कर उन्हें नियमों के दायरे में लाने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठा रहा है।

