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कानूनी जागरूकता को अदालतों से स्कूलों और समुदायों तक पहुंचाएं: जस्टिस दीपक सिबल
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज ने POCSO कानून, नशे की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज और PULSA के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस दीपक सिबल ने कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों को स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों तक पहुंचाने की अपील की। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, नशे की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
कानूनी जागरूकता को अदालतों से बाहर ले जाने की जरूरत: जस्टिस दीपक सिबल
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज और पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (PULSA) के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस दीपक सिबल ने शुक्रवार को कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों को अदालतों से आगे स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की सुरक्षा, नशे की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सहायता के बारे में लोगों को जागरूक करने की अपील की। जस्टिस सिबल ने ये बातें जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) कार्यालय के दौरे के दौरान कहीं।
DLSA कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों और वकीलों से की बातचीत
अपने दौरे के दौरान जस्टिस दीपक सिबल ने न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, मध्यस्थों और बार के सदस्यों के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों और वैकल्पिक विवाद समाधान (ADR) से जुड़ी पहलों की समीक्षा की।उन्होंने कानूनी सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
स्कूलों और कॉलेजों में POCSO कानून पर जागरूकता की अपील
जस्टिस सिबल ने स्कूलों और कॉलेजों में बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) के बारे में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि बच्चों को उनकी उम्र के अनुरूप व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, उनके अधिकारों तथा सहायता प्राप्त करने के उपलब्ध तरीकों के बारे में जागरूक किया जाना चाहिए।
उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों और अन्य संबंधित लोगों को भी POCSO अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देने पर जोर दिया, ताकि बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता बढ़ाई जा सके।
बच्चों की सुरक्षा और मुफ्त कानूनी सहायता पर जोर
जस्टिस सिबल ने कानूनी जागरूकता को केवल न्यायिक संस्थानों तक सीमित न रखने की आवश्यकता पर बल दिया। स्कूलों और समुदायों में जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों और आम नागरिकों को उनके अधिकारों तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में जानकारी दी जा सकती है।
उन्होंने नशे की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सहायता के प्रति जागरूकता बढ़ाने को भी महत्वपूर्ण बताया।
जस्टिस दीपक सिबल के दौरे की मुख्य बातें
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अधिकारी: जस्टिस दीपक सिबल
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पद: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज
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अन्य पद: PULSA के कार्यकारी अध्यक्ष
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दौरे का स्थान: जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (DLSA) कार्यालय
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मुख्य मुद्दे: कानूनी जागरूकता, बाल सुरक्षा और नशे की रोकथाम
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प्रमुख कानून: POCSO अधिनियम
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अन्य विषय: मुफ्त कानूनी सहायता और वैकल्पिक विवाद समाधान
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मुख्य अपील: कानूनी जागरूकता को स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों तक पहुंचाना
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. जस्टिस दीपक सिबल ने किस बात पर जोर दिया?
उन्होंने कानूनी जागरूकता कार्यक्रमों को अदालतों से बाहर स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों तक पहुंचाने पर जोर दिया।
2. POCSO अधिनियम के बारे में कहां जागरूकता फैलाने की अपील की गई?
जस्टिस सिबल ने स्कूलों और कॉलेजों में POCSO अधिनियम को लेकर व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की।
3. बच्चों को किन विषयों पर जागरूक करने की बात कही गई?
बच्चों को व्यक्तिगत सुरक्षा, सुरक्षित और असुरक्षित स्पर्श, अपने अधिकारों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जागरूक करने की बात कही गई।
4. PULSA के कार्यकारी अध्यक्ष कौन हैं?
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के जज जस्टिस दीपक सिबल पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (PULSA) के कार्यकारी अध्यक्ष हैं।
5. जस्टिस सिबल ने किन अन्य विषयों पर जागरूकता बढ़ाने की अपील की?
उन्होंने नशे की रोकथाम, मुफ्त कानूनी सहायता और वैकल्पिक विवाद समाधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
निष्कर्ष
जस्टिस दीपक सिबल ने कानूनी जागरूकता को अदालतों से आगे स्कूलों, कॉलेजों और समुदायों तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा, POCSO अधिनियम की जानकारी, नशे की रोकथाम और मुफ्त कानूनी सहायता को जागरूकता कार्यक्रमों का अहम हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

