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पंजाब में 5 अक्टूबर को DC कार्यालयों का घेराव करेंगे किसान, जोगिंदर सिंह उगराहां ने की आंदोलन में शामिल होने की अपील
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने 13 लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने का ऐलान किया। महिलाओं की ओर से शाम को पंजाब सरकार के खिलाफ अलग प्रदर्शन भी किया जाएगा।
पंजाब में किसान, मजदूर और महिलाएं 5 अक्टूबर को सभी जिला उपायुक्त कार्यालयों का घेराव करेंगे। भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
पंजाब में 5 अक्टूबर को DC कार्यालयों का घेराव करेंगे किसान
पंजाब में अपनी लंबित मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने आंदोलन तेज करने की घोषणा की है। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने किसानों, मजदूरों और महिलाओं से 5 अक्टूबर को होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।
यूनियन की योजना के अनुसार, 5 अक्टूबर को पंजाब के सभी जिला उपायुक्त (DC) कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। संगठन का कहना है कि उसकी 13 मांगें अब तक पूरी नहीं हुई हैं, जिसके चलते आंदोलन को आगे बढ़ाया जा रहा है।
गगोमहल में बैठक के दौरान आंदोलन तेज करने का फैसला
गुरुद्वारा बाबा जीवन सिंह, गगोमहल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यूनियन के सदस्यों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन तेज करने की बात कही। संगठन के अनुसार, किसानों, मजदूरों और समाज के अन्य वर्गों से जुड़े मुद्दों के समाधान के लिए सरकार पर दबाव बनाने के उद्देश्य से यह प्रदर्शन किया जाएगा।यूनियन इससे पहले भी पंजाब के विभिन्न जिलों में DC कार्यालयों के बाहर 15 दिनों तक धरना दे चुकी है।
महिलाओं का अलग प्रदर्शन, शाम को होगा पिट सियापा
जोगिंदर सिंह उगराहां ने बताया कि 5 अक्टूबर को महिलाएं शाम के समय अलग से प्रदर्शन करेंगी। इस दौरान पंजाब सरकार के खिलाफ पारंपरिक तरीके से ‘पिट सियापा’ किया जाएगा।
यूनियन के सदस्य गांवों में जाकर किसानों, मजदूरों और महिलाओं को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जागरूक कर रहे हैं।
भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते का भी विरोध
यूनियन ने भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शुल्क-मुक्त व्यापार समझौते को लेकर भी आपत्ति जताई है। संगठन का दावा है कि इससे कृषि और छोटे उद्योगों पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। यूनियन ने केंद्र सरकार से प्रस्तावित वार्ता छोड़ने और विकसित देशों के साथ व्यापार समझौतों की समीक्षा करने की मांग की है।
संगठन ने पंजाब सरकार की लैंड पूलिंग नीति वापस लेने, पानी के निजीकरण और व्यावसायीकरण से जुड़ी नीतियों को रद्द करने तथा किसान, मजदूर और पर्यावरण हितैषी कृषि नीति लागू करने की मांग भी उठाई है।
बाढ़ प्रभावितों के मुआवजे और जमीन के मालिकाना हक की मांग
यूनियन की अन्य मांगों में बाढ़ प्रभावित लोगों को मुआवजा देना और जमीन पर खेती करने वाले किसानों को मालिकाना हक देना शामिल है। इसके अलावा किसान और मजदूर कर्ज माफी, बिजली और बीज विधेयकों को वापस लेने तथा आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को रद्द करने की मांगें भी संगठन के मांगपत्र का हिस्सा हैं।
5 अक्टूबर के किसान प्रदर्शन की मुख्य बातें
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संगठन: भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां)
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प्रदेश अध्यक्ष: जोगिंदर सिंह उगराहां
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प्रदर्शन की तारीख: 5 अक्टूबर 2026
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प्रदर्शन स्थल: पंजाब के सभी जिला उपायुक्त कार्यालय
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मुख्य मांगें: 13 लंबित मांगों का समाधान
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महिलाओं का प्रदर्शन: शाम को अलग से पिट सियापा
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अन्य मुद्दे: लैंड पूलिंग नीति, व्यापार समझौता, कर्ज माफी और बाढ़ मुआवजा
FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. पंजाब में किसान संगठनों का प्रदर्शन कब होगा?
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने 5 अक्टूबर 2026 को पंजाब के सभी DC कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है।
2. प्रदर्शन का नेतृत्व कौन कर रहा है?
इस आंदोलन का नेतृत्व भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां कर रहे हैं।
3. किसान संगठन कितनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है?
यूनियन अपनी 13 लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर रही है।
4. महिलाओं के प्रदर्शन में क्या होगा?
जोगिंदर सिंह उगराहां के अनुसार, महिलाएं शाम को अलग प्रदर्शन करेंगी और पंजाब सरकार के खिलाफ पिट सियापा करेंगी।
5. किसानों की प्रमुख मांगें क्या हैं?
प्रमुख मांगों में लैंड पूलिंग नीति वापस लेना, बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा, जमीन के मालिकाना हक, कर्ज माफी और प्रस्तावित भारत-अमेरिका शुल्क-मुक्त व्यापार समझौते का विरोध शामिल है।
निष्कर्ष
भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) ने अपनी 13 मांगों को लेकर 5 अक्टूबर को पंजाब के सभी DC कार्यालयों के घेराव का कार्यक्रम घोषित किया है। संगठन ने किसानों, मजदूरों और महिलाओं से इसमें शामिल होने की अपील की है। प्रस्तावित व्यापार समझौते, लैंड पूलिंग नीति, कर्ज माफी और बाढ़ मुआवजे जैसे मुद्दे आंदोलन के प्रमुख विषय हैं।

