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अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर शिअद (अमृतसर) ने मनाया ‘गतका दिवस’, युवाओं को सिख विरासत से जोड़ने का दिया संदेश
गुरुद्वारा अटारी साहिब, सुल्तानविंड में विभिन्न टीमों ने पारंपरिक सिख युद्धकला ‘गतका’ का किया शानदार प्रदर्शन।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) ने गुरुद्वारा अटारी साहिब, सुल्तानविंड में ‘गतका दिवस’ मनाया। इस दौरान विभिन्न टीमों ने पारंपरिक सिख युद्धकला का प्रदर्शन किया और युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत को अपनाने का आह्वान किया।
योग दिवस पर गुरुद्वारा अटारी साहिब में ‘गतका दिवस’ का आयोजन, युवाओं को सिख विरासत से जुड़ने की अपील
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) की ओर से अमृतसर के गुरुद्वारा अटारी साहिब, सुल्तानविंड में ‘गतका दिवस’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न टीमों ने सिखों की पारंपरिक युद्धकला गतका का प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
कार्यक्रम के दौरान दर्शकों ने गतका के विभिन्न कौशल और पारंपरिक शस्त्र संचालन का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।
गतका सिख शस्त्र विद्या का महत्वपूर्ण हिस्सा: हरमनदीप सिंह सुल्तानविंड
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आयोजनकर्ता हरमनदीप सिंह सुल्तानविंड ने कहा कि गतका, गुरु हरगोबिंद साहिब द्वारा दी गई शस्त्र विद्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है और प्रत्येक सिख को इसे सीखने का प्रयास करना चाहिए।उन्होंने कहा कि गतका केवल एक युद्धकला नहीं, बल्कि सिख इतिहास, संस्कृति और 'मीरी-पीरी' के सिद्धांतों से जुड़ी एक समृद्ध विरासत है।
युवाओं को विरासत से जोड़ने पर दिया जोर
हरमनदीप सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए गतका को अधिक से अधिक बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं में अपनी परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाते हैं और उन्हें सिख इतिहास एवं मूल्यों से जोड़ने का माध्यम बनते हैं।
पारंपरिक युद्धकला के संरक्षण का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने समाज को यह संदेश दिया कि गतका जैसी पारंपरिक कलाओं का संरक्षण और प्रचार आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी अपनी सांस्कृतिक पहचान और विरासत से परिचित रह सकें।
Key Highlights:
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर गुरुद्वारा अटारी साहिब में ‘गतका दिवस’ मनाया गया।
- विभिन्न टीमों ने पारंपरिक सिख युद्धकला का प्रदर्शन किया।
- बड़ी संख्या में लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
- हरमनदीप सिंह सुल्तानविंड ने गतका को गुरु हरगोबिंद साहिब की शस्त्र विद्या का हिस्सा बताया।
- युवाओं को सिख इतिहास और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने पर जोर दिया गया।
FAQ Section
Q1. ‘गतका दिवस’ का आयोजन कहां किया गया?
गुरुद्वारा अटारी साहिब, सुल्तानविंड (अमृतसर) में ‘गतका दिवस’ आयोजित किया गया।
Q2. इस कार्यक्रम का आयोजन किसने किया?
शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
Q3. गतका क्या है?
गतका सिख समुदाय की पारंपरिक युद्धकला (मार्शल आर्ट) है, जो सिख इतिहास, संस्कृति और शस्त्र विद्या से जुड़ी है।
Q4. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
युवा पीढ़ी को सिख विरासत, इतिहास और पारंपरिक युद्धकला से जोड़ने का संदेश देना।
Q5. कार्यक्रम में क्या विशेष रहा?
विभिन्न टीमों ने गतका के पारंपरिक कौशल और शस्त्र संचालन का आकर्षक प्रदर्शन किया।
Conclusion:
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित ‘गतका दिवस’ ने पारंपरिक सिख युद्धकला और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस तरह के आयोजन युवाओं को अपनी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ने और पारंपरिक कलाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

