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उत्तराखंड: गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर गुरुद्वारे में हंगामा, मैनेजर को बनाया बंधक
रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में हथियारों से लैस निहंगों ने किया कब्जे का प्रयास, पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा।
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग स्थित एक गुरुद्वारे में हथियारबंद निहंगों के एक समूह ने कथित तौर पर प्रवेश कर मैनेजर को बंधक बना लिया। उनका आरोप था कि चमोली हिंसा मामले में गिरफ्तार चार निहंगों को तुरंत रिहा किया जाए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार बातचीत कर रहा है।
उत्तराखंड: गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग पर गुरुद्वारे में तनाव, पुलिस ने संभाला मोर्चा
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में शनिवार शाम उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई जब भालों, तलवारों, कुल्हाड़ियों और कृपाणों से लैस निहंगों के एक समूह ने एक गुरुद्वारे में कथित तौर पर हंगामा किया। पुलिस के अनुसार, निहंगों ने गुरुद्वारे के मैनेजर को अपने साथ छत पर ले जाकर बंधक बना लिया और गिरफ्तार चार निहंगों की रिहाई की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में घंटों चला गतिरोध
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना शनिवार शाम शुरू हुई, जिसके बाद पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे और निहंगों से शांतिपूर्वक नीचे आने की अपील की।
हालांकि, निहंगों ने गुरुद्वारे की तीसरी मंजिल से छत तक जाने वाले रास्ते को बंद कर दिया और अपनी मांग पर अड़े रहे।पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस का कहना है कि निहंगों ने परिसर में कथित तौर पर तोड़फोड़ की और गुरुद्वारे के मैनेजर को अपने साथ छत पर ले गए। इस दौरान वे लगातार नारेबाजी करते रहे। अधिकारियों के अनुसार, उनके पास भाले, तलवारें, कुल्हाड़ियां और कृपाण जैसे पारंपरिक हथियार मौजूद थे।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 16 जून को उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई एक हिंसक झड़प से जुड़ा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, हेमकुंड साहिब में माथा टेककर लौट रहे कुछ निहंग श्रद्धालुओं का एक होटल के पास पार्किंग को लेकर स्थानीय लोगों से विवाद हो गया। देखते ही देखते कहासुनी झड़प में बदल गई।
पुलिस के मुताबिक, इस दौरान कुछ लोगों पर तलवारों से हमला किया गया, जिसमें चार लोग घायल हो गए।
चार निहंग पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार
चमोली पुलिस ने इस मामले में पंजाब के मोहाली जिले के रहने वाले चार निहंग श्रद्धालुओं को गिरफ्तार किया था। रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में प्रदर्शन कर रहे निहंग इन्हीं चार आरोपियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन की नजर हालात पर
प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। पुलिस की प्राथमिकता गुरुद्वारे में मौजूद सभी लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बिना किसी हिंसा के स्थिति को सामान्य करना है। अधिकारियों द्वारा निहंगों से लगातार बातचीत की जा रही है।
Key Highlights:
- रुद्रप्रयाग के गुरुद्वारे में हथियारबंद निहंगों ने किया हंगामा।
- गुरुद्वारे के मैनेजर को कथित तौर पर बनाया गया बंधक।
- चार गिरफ्तार निहंगों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन।
- चमोली के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुई झड़प से जुड़ा मामला।
- पुलिस, जिलाधिकारी और एसपी मौके पर मौजूद, बातचीत जारी।
FAQ Section
Q1. रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में क्या हुआ?
हथियारों से लैस निहंगों के एक समूह ने कथित तौर पर गुरुद्वारे में प्रवेश कर मैनेजर को बंधक बना लिया और गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग की।
Q2. निहंगों की मांग क्या है?
वे चमोली हिंसा मामले में गिरफ्तार चार निहंग श्रद्धालुओं को रिहा करने की मांग कर रहे हैं।
Q3. चार निहंगों की गिरफ्तारी क्यों हुई थी?
16 जून को कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद के बाद हुई हिंसक झड़प और तलवार से हमले के आरोप में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
Q4. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है?
घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और वरिष्ठ अधिकारी निहंगों से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं।
Conclusion:
रुद्रप्रयाग गुरुद्वारे में हुई यह घटना धार्मिक स्थल की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिहाज से गंभीर मानी जा रही है। प्रशासन फिलहाल बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहा है, जबकि चमोली हिंसा मामले की जांच भी जारी है।

