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अमृतसर में दिवाली प्रदर्शनी में खास बच्चों का हुनर देख लोग हुए प्रभावित, पहले ही दिन 8,300 रुपये की बिक्री
पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर के विशेष जरूरतों वाले बच्चों ने बनाए आकर्षक गिफ्ट और सजावटी सामान। 4 से 6 नवंबर तक जिला प्रशासनिक परिसर में लगाई गई प्रदर्शनी।
अमृतसर में विशेष जरूरतों वाले बच्चों की प्रतिभा को मंच देने के लिए तीन दिवसीय दिवाली गिफ्ट प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन किया गया है। पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर, करमपुरा के विद्यार्थियों द्वारा तैयार हस्तनिर्मित उत्पाद लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। प्रदर्शनी के पहले दिन ही बच्चों ने 8,300 रुपये की बिक्री दर्ज की।
मेहनत और रचनात्मकता के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। इस बात को अमृतसर के विशेष जरूरतों वाले बच्चों ने अपनी प्रतिभा के माध्यम से साबित किया है। पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर, करमपुरा के विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए हस्तनिर्मित दिवाली उपहार और सजावटी सामान इन दिनों लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
इन बच्चों की कला और हुनर को प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासनिक परिसर में 4 से 6 नवंबर तक तीन दिवसीय दिवाली गिफ्ट प्रदर्शनी एवं बिक्री का आयोजन किया जा रहा है।
इस प्रदर्शनी का उद्घाटन अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) पल्लवी मिश्रा, IAS ने किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी (एलीमेंट्री) कंवलजीत सिंह भी मौजूद रहे।
विशेष जरूरतों वाले बच्चों को मिला अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच
इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित करने, पहचान बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।
प्रदर्शनी में बच्चों द्वारा तैयार किए गए दिवाली गिफ्ट, सजावटी वस्तुएं और कई अन्य हस्तनिर्मित उत्पाद बिक्री के लिए रखे गए हैं।
इन उत्पादों के माध्यम से बच्चे न केवल अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं, बल्कि अपने हुनर को रोजगार और कमाई के अवसरों में बदलने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहे हैं।
करीब चार साल बाद फिर शुरू हुआ वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोजेक्ट
इस कार्यक्रम की एक खास उपलब्धि विशेष जरूरतों वाले बच्चों के लिए वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोजेक्ट का दोबारा शुरू होना है। करीब चार साल के अंतराल के बाद इस परियोजना को फिर से शुरू किया गया है।
क्राफ्टिजन फाउंडेशन के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य बच्चों को रोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण देना और उनके कौशल को विकसित करना है।
इसके जरिए बच्चों को भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होने और आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए तैयार किया जाएगा।
पांच विद्यार्थियों ने तैयार किए आकर्षक हस्तनिर्मित उत्पाद
प्रदर्शनी में पांच विद्यार्थियों की मेहनत और रचनात्मकता देखने को मिल रही है।
इनमें असलीन कौर, गुरमीत कौर, अमृतपाल सिंह और गुरसिमरन सिंह सुनने में दिव्यांग हैं, जबकि सहजप्रीत सिंह सेरेब्रल पाल्सी से प्रभावित हैं।
इन सभी विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और कल्पनाशीलता से दिवाली के लिए आकर्षक उपहार और सजावटी सामान तैयार किए हैं।
प्रदर्शनी के पहले ही दिन इन बच्चों ने कुल 8,300 रुपये की बिक्री दर्ज की। यह उपलब्धि उनके आत्मविश्वास और हुनर को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पल्लवी मिश्रा ने बच्चों की मेहनत और हुनर को सराहा
प्रदर्शनी का दौरा करते हुए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर पल्लवी मिश्रा ने बच्चों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों का निरीक्षण किया।
उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, मेहनत और समर्पण की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल केवल व्यावसायिक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं होती, बल्कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों को अपनी क्षमताएं दिखाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने का अवसर देती हैं।
उन्होंने समान अवसर उपलब्ध कराने और बच्चों की प्रतिभा को पहचान दिलाने के महत्व पर भी जोर दिया।
हुनर को रोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों को यह अवसर मिल रहा है कि वे अपने बनाए उत्पादों को सीधे लोगों तक पहुंचा सकें।
ऐसी गतिविधियां विशेष जरूरतों वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल विकास, आत्मविश्वास और आर्थिक भागीदारी के नए रास्ते खोल सकती हैं।
जिला प्रशासन और क्राफ्टिजन फाउंडेशन की यह पहल बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के साथ समाज में समान अवसर और समावेशिता का संदेश भी दे रही है।
Key Highlights:
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अमृतसर के जिला प्रशासनिक परिसर में तीन दिवसीय दिवाली प्रदर्शनी आयोजित।
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प्रदर्शनी 4 से 6 नवंबर तक चलेगी।
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पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर, करमपुरा के बच्चों ने बनाए हस्तनिर्मित उत्पाद।
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ADC पल्लवी मिश्रा ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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करीब चार साल बाद वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोजेक्ट दोबारा शुरू हुआ।
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क्राफ्टिजन फाउंडेशन इस परियोजना में सहयोग कर रहा है।
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पांच विद्यार्थियों ने दिवाली गिफ्ट और सजावटी सामान तैयार किए।
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पहले दिन ही 8,300 रुपये की बिक्री दर्ज की गई।
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बच्चों को रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
FAQ Section
1. अमृतसर में दिवाली गिफ्ट प्रदर्शनी कहां आयोजित की गई है?
यह प्रदर्शनी जिला प्रशासनिक परिसर, अमृतसर में आयोजित की गई है।
2. प्रदर्शनी कितने दिनों तक चलेगी?
यह तीन दिवसीय प्रदर्शनी 4 से 6 नवंबर तक आयोजित की जा रही है।
3. प्रदर्शनी में किन बच्चों ने अपने उत्पाद रखे हैं?
पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर, करमपुरा के पांच विद्यार्थियों ने अपने हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित किए हैं।
4. पहले दिन कितनी बिक्री हुई?
प्रदर्शनी के पहले दिन बच्चों ने 8,300 रुपये के उत्पाद बेचे।
5. वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोजेक्ट का उद्देश्य क्या है?
इस परियोजना का उद्देश्य विशेष जरूरतों वाले बच्चों को रोजगार से जुड़ा प्रशिक्षण देना, उनके कौशल को विकसित करना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
6. इस परियोजना में किस संस्था का सहयोग है?
क्राफ्टिजन फाउंडेशन इस वोकेशनल ट्रेनिंग परियोजना में सहयोग कर रहा है।
Conclusion:
अमृतसर की यह दिवाली प्रदर्शनी साबित कर रही है कि प्रतिभा किसी शारीरिक चुनौती की मोहताज नहीं होती। पहेल सरकारी रिसोर्स सेंटर के बच्चों ने अपनी मेहनत और रचनात्मकता से तैयार उत्पादों के जरिए न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि पहले ही दिन 8,300 रुपये की बिक्री भी की। ऐसी पहलें विशेष जरूरतों वाले बच्चों को आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करती हैं।

