पंजाब में लेक्चरर भर्ती पर आरक्षण की जांच तेज, SC आयोग ने 1990 से अब तक के भर्ती रिकॉर्ड तलब किए

1,013 लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच स्कूल शिक्षा विभाग से आरक्षण रोस्टर, चयन सूची और भर्ती रिकॉर्ड पेश करने के निर्देश।

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पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने स्कूल लेक्चरर भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन की जांच शुरू कर दी है। आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग से वर्ष 1990 से 2025 तक के भर्ती रिकॉर्ड, चयन सूची, आरक्षण रोस्टर और अन्य संबंधित दस्तावेज मांगे हैं।

लेक्चरर भर्ती में आरक्षण नियमों की जांच के दायरे में स्कूल शिक्षा विभाग

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति (SC) आयोग ने स्कूल शिक्षा विभाग की लेक्चरर भर्ती प्रक्रिया की जांच तेज कर दी है। आयोग यह पता लगाने में जुटा है कि चल रही भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए निर्धारित आरक्षण नियमों का सही तरीके से पालन किया गया है या नहीं।

इसी क्रम में आयोग ने विभाग को वर्ष 1990 से 2025 तक के भर्ती रिकॉर्ड और आरक्षण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

1,013 लेक्चरर पदों की भर्ती के बाद उठा विवाद

यह मामला शिक्षा भर्ती निदेशालय, पंजाब द्वारा 25 जून को जारी उस भर्ती विज्ञापन के बाद सामने आया, जिसमें विभिन्न विषयों में कुल 1,013 लेक्चरर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए थे।

इन पदों में—

  • 829 नई रिक्तियां (Fresh Vacancies)
  • 184 बैकलॉग रिक्तियां (Backlog Vacancies)

शामिल हैं।

आरक्षित वर्ग की सीटों का स्पष्ट विवरण नहीं होने पर उठे सवाल

भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद यह चिंता जताई गई कि उसमें अनुसूचित जाति (SC) और पिछड़ा वर्ग (BC) के लिए विषयवार और श्रेणीवार आरक्षित पदों का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया था। इसी मुद्दे को आयोग ने स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए जांच के दायरे में शामिल किया।

3 जुलाई को हुई पहली सुनवाई

आयोग ने इस मामले में 3 जुलाई को पहली सुनवाई की थी, जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी उपस्थित हुए।

अब विभाग को अगली सुनवाई, जो 14 जुलाई को निर्धारित है, उससे पहले विस्तृत रिपोर्ट और सभी संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

1990 से अब तक के भर्ती रिकॉर्ड मांगे

आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि विभाग से निम्नलिखित रिकॉर्ड प्रस्तुत करने को कहा गया है—

  • वर्ष 1990 से 2025 तक सभी लेक्चरर भर्ती की चयन सूची।
  • प्रत्येक चयन सूची के मेरिट अंक।
  • आरक्षण रोस्टर रजिस्टर।
  • भर्ती से संबंधित सभी रिकॉर्ड।
  • यह रिकॉर्ड कि आरक्षित पदों को सामान्य वर्ग में बदलने या अगले भर्ती चक्र में कैरी फॉरवर्ड करने से पहले क्या कल्याण विभाग (Welfare Department) से आवश्यक मंजूरी ली गई थी।

रिकॉर्ड नहीं देने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई

पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर मांगे गए रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं किए गए तो पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।


Key Highlights:

  • पंजाब SC आयोग ने लेक्चरर भर्ती में आरक्षण नियमों की जांच शुरू की।
  • स्कूल शिक्षा विभाग से 1990 से 2025 तक के भर्ती रिकॉर्ड मांगे।
  • 1,013 लेक्चरर पदों की भर्ती प्रक्रिया जांच के दायरे में।
  • आयोग ने आरक्षण रोस्टर और चयन सूची भी तलब की।
  • आरक्षित पदों को सामान्य वर्ग में बदलने से संबंधित मंजूरी का रिकॉर्ड भी मांगा गया।
  • रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी।

FAQ Section

प्रश्न 1: पंजाब SC आयोग ने किस मामले की जांच शुरू की है?

आयोग स्कूल लेक्चरर भर्ती में आरक्षण नियमों के पालन की जांच कर रहा है।

प्रश्न 2: कुल कितने लेक्चरर पदों पर भर्ती हो रही है?

भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 1,013 पदों के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

प्रश्न 3: आयोग ने विभाग से कौन-कौन से दस्तावेज मांगे हैं?

भर्ती रिकॉर्ड, चयन सूची, मेरिट अंक, आरक्षण रोस्टर रजिस्टर और आरक्षित पदों से संबंधित मंजूरी के दस्तावेज मांगे गए हैं।

प्रश्न 4: रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं करने पर क्या होगा?

आयोग ने चेतावनी दी है कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने पर संबंधित अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा सकती है।


Conclusion

पंजाब में लेक्चरर भर्ती प्रक्रिया को लेकर आरक्षण नियमों की पारदर्शिता अब आयोग की निगरानी में है। वर्ष 1990 से जुड़े भर्ती रिकॉर्ड की मांग से यह स्पष्ट है कि आयोग पूरे भर्ती तंत्र की गहन समीक्षा करना चाहता है। आने वाली सुनवाई में विभाग की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।Screenshot_3240

Edited By: Karan Singh

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