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'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान शुरू, गड्ढों में भरे बारिश के पानी में कागज की नाव चलाकर जताया विरोध
लक्षीहां गांव में लेबर पार्टी का प्रदर्शन, जर्जर सड़क और जलभराव को लेकर सरकार पर उपेक्षा का आरोप।
पंजाब के लक्षीहां गांव में लेबर पार्टी ने खराब सड़क व्यवस्था के विरोध में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान शुरू किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के गड्ढों में भरे बारिश के पानी में कागज की नाव चलाकर प्रशासन और सरकार के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन किया।
खराब सड़क के विरोध में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान की शुरुआत
पंजाब के लक्षीहां गांव में लेबर पार्टी ने जर्जर सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर सोमवार को 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान की शुरुआत की। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बने बड़े गड्ढों में जमा बारिश के पानी में कागज की नाव तैराकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान सरकार पर ग्रामीण क्षेत्र की सड़क व्यवस्था की अनदेखी करने का आरोप लगाया गया।
जर्जर सड़क पर किया गया प्रदर्शन
लेबर पार्टी के अध्यक्ष जय गोपाल धीमान और ठेकेदार गुरबख्श सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने गांव की रिंग रोड पर प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों का कहना था कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर गया है, जिससे लोगों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई गांवों को जोड़ती है यह सड़क
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, यह सड़क महलां, भाना, मोगोपट्टी, ईसपुर, कोट फतूही और माहिलपुर सहित कई गांवों को जोड़ती है।
उन्होंने कहा कि इस मार्ग का उपयोग प्रतिदिन—
- स्कूल जाने वाले विद्यार्थी
- साइकिल सवार
- दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक
- स्थानीय ग्रामीण
करते हैं।
सरकार पर सड़कों की अनदेखी का आरोप
लेबर पार्टी के अध्यक्ष जय गोपाल धीमान ने आरोप लगाया कि लोग सड़क कर (Road Tax), वाहन कर (Vehicle Tax) और पेट्रोल-डीजल पर लगने वाला सेस (Cess) नियमित रूप से चुकाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें बेहतर सड़क सुविधा नहीं मिल रही।
उन्होंने कहा कि खराब सड़कें आम लोगों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
वाहनों का नुकसान और हादसों का बढ़ा खतरा
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण—
- वाहनों को बार-बार नुकसान पहुंच रहा है।
- सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
- बारिश के मौसम में जलभराव की समस्या गंभीर हो जाती है।
- सूखे मौसम में उड़ने वाली धूल से लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है।
उन्होंने प्रशासन से सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
Key Highlights:
- लक्षीहां गांव में 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान शुरू।
- गड्ढों में भरे पानी में कागज की नाव चलाकर अनोखा प्रदर्शन।
- लेबर पार्टी ने सड़क की बदहाल स्थिति पर जताया विरोध।
- कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क की मरम्मत की मांग।
- जलभराव, दुर्घटनाओं और धूल प्रदूषण की समस्या उठाई गई।
- सरकार पर सड़क विकास की अनदेखी का आरोप।
FAQ Section
प्रश्न 1: 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान कहां शुरू किया गया?
यह अभियान पंजाब के लक्षीहां गांव में शुरू किया गया।
प्रश्न 2: प्रदर्शन का मुख्य कारण क्या था?
ग्रामीणों ने जर्जर सड़क, गड्ढों में जलभराव और लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के विरोध में प्रदर्शन किया।
प्रश्न 3: प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
लेबर पार्टी के अध्यक्ष जय गोपाल धीमान और ठेकेदार गुरबख्श सिंह ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
प्रश्न 4: प्रदर्शनकारियों ने क्या मांग की?
उन्होंने सड़क की जल्द मरम्मत, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान की मांग की।
Conclusion
लक्षीहां गांव में शुरू हुआ 'सड़क नहीं तो वोट नहीं' अभियान ग्रामीणों की बुनियादी सुविधाओं को लेकर बढ़ती नाराजगी को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि सड़क की समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।

