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कपूरथला जेल में अंडरट्रायल कैदी की मौत पर दो दिन का धरना समाप्त, पुलिस के आश्वासन के बाद खुला जाम
जेल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर परिवार और गुरु रविदास टाइगर फोर्स का प्रदर्शन खत्म, SSP के साथ बैठक का मिला भरोसा।
कपूरथला सेंट्रल जेल में एक विचाराधीन (अंडरट्रायल) कैदी की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहा दो दिवसीय प्रदर्शन रविवार शाम समाप्त हो गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर SSP स्तर पर बैठक कराने का आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम समाप्त कर दिया।
अंडरट्रायल कैदी की मौत के मामले में दो दिन बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
पंजाब के कपूरथला सेंट्रल जेल में एक अंडरट्रायल कैदी की मौत के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर चल रहा दो दिवसीय विरोध प्रदर्शन रविवार शाम शांतिपूर्वक समाप्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद करतारपुर-कपूरथला मार्ग पर लगाया गया धरना और सड़क जाम हटा लिया, जिससे करीब 48 घंटे बाद यातायात सामान्य हो गया।
परिजनों ने जेल अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि कैदी की मौत के लिए कुछ जेल अधिकारी जिम्मेदार हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद संबंधित अधिकारियों के खिलाफ न तो समय पर कानूनी कार्रवाई की गई और न ही विभागीय जांच शुरू की गई।
परिजनों का दावा है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद उन्हें कोई ठोस कार्रवाई होती नजर नहीं आई।गुरु रविदास टाइगर फोर्स ने दिया समर्थन
न्याय की मांग को लेकर मृतक के परिवार ने गुरु रविदास टाइगर फोर्स (GRTF) से समर्थन मांगा। इसके बाद संगठन ने कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू किया।
11 जुलाई से शुरू हुआ था धरना
प्रदर्शन 11 जुलाई को शुरू हुआ था, जब GRTF के लगभग 70 से 80 सदस्य, संगठन के नेता जस्सी तल्हण के नेतृत्व में, मृतक के परिजनों के साथ कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्यालय के बाहर एकत्र हुए।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और मांग की कि—
- संबंधित जेल अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए।
- विभागीय कार्रवाई शुरू की जाए।
- कैदी की मौत की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
बातचीत विफल होने पर सड़क जाम किया
पुलिस अधिकारियों के साथ प्रारंभिक बातचीत में सहमति नहीं बनने पर प्रदर्शनकारियों ने करतारपुर-कपूरथला मार्ग पर धरना देकर यातायात रोक दिया।
सड़क बंद होने के कारण पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया।
किसान-मजदूर संगठन ने भी किया समर्थन
इस आंदोलन को शेर-ए-पंजाब नौजवान किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष नछत्तर सिंह का भी समर्थन मिला।
पुलिस के आश्वासन के बाद खत्म हुआ आंदोलन
रविवार शाम वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि उनकी मांगों पर एसएसपी कपूरथला के साथ बैठक कर उचित कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया और सड़क से जाम हटा लिया।
Key Highlights:
- कपूरथला सेंट्रल जेल में अंडरट्रायल कैदी की मौत पर दो दिन का प्रदर्शन समाप्त।
- परिवार ने जेल अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
- गुरु रविदास टाइगर फोर्स ने आंदोलन का नेतृत्व किया।
- करतारपुर-कपूरथला सड़क करीब 48 घंटे तक रही बाधित।
- पुलिस के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम हटाया।
- निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग जारी।
FAQ Section
प्रश्न 1: प्रदर्शन किस मुद्दे को लेकर किया गया था?
कपूरथला सेंट्रल जेल में एक अंडरट्रायल कैदी की मौत के मामले में जेल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया।
प्रश्न 2: प्रदर्शन कब शुरू हुआ था?
यह विरोध प्रदर्शन 11 जुलाई को शुरू हुआ था।
प्रश्न 3: प्रदर्शन का नेतृत्व किसने किया?
गुरु रविदास टाइगर फोर्स (GRTF) के नेता जस्सी तल्हण के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया।
प्रश्न 4: प्रदर्शन कैसे समाप्त हुआ?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा शिकायतों पर एसएसपी के साथ बैठक कराने और मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिए जाने के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
Conclusion
कपूरथला जेल में अंडरट्रायल कैदी की मौत को लेकर शुरू हुआ आंदोलन फिलहाल पुलिस के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया है। हालांकि, मृतक का परिवार और प्रदर्शनकारी संगठन निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर कायम हैं। अब आगे की कार्रवाई पुलिस जांच और प्रशासनिक निर्णय पर निर्भर करेगी।

