हरियाणा में फैक्ट्री अग्निकांडों ने खोली सुरक्षा व्यवस्था की पोल, औद्योगिक इकाइयों में फायर सेफ्टी पर उठे गंभीर सवाल

बावल, धारूहेड़ा, जींद और फरीदाबाद की घटनाओं के बाद औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल, मानवाधिकार आयोग ने भी मांगी रिपोर्ट।

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हरियाणा में हाल के महीनों में फैक्ट्रियों में हुई आग की घटनाओं ने औद्योगिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई हादसों में दर्जनों लोगों की जान गई, जबकि राज्य मानवाधिकार आयोग ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है।

हरियाणा में फैक्ट्री हादसों की बढ़ती घटनाओं ने बढ़ाई चिंता

हरियाणा में हाल के महीनों में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की घटनाओं ने फैक्ट्री सुरक्षा मानकों और आपदा प्रबंधन प्रणाली की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रहे हादसों में कई लोगों की मौत और अनेक श्रमिकों के घायल होने के बाद औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है।


बावल और धारूहेड़ा में एक ही दिन हुए दो बड़े हादसे

19 मई को रेवाड़ी जिले के बावल और धारूहेड़ा औद्योगिक क्षेत्रों में एक ही दिन दो अलग-अलग फैक्ट्री अग्निकांड हुए।

बावल स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में आग लगने से तीन श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि धारूहेड़ा की एक इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माण इकाई में लगी आग में कई कर्मचारी घायल हुए।

बावल की घटना में आग पर काबू पाने और बचाव कार्य के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीम को भी बुलाना पड़ा।


मानवाधिकार आयोग ने तलब की रिपोर्ट

इन घटनाओं के बाद हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) ने रेवाड़ी के उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहायक निदेशक, सहायक श्रम आयुक्त और अग्निशमन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

आयोग यह जानना चाहता है कि सुरक्षा मानकों का पालन किस स्तर तक किया गया था और हादसों की परिस्थितियां क्या थीं।


जींद के सफीदों हादसे में गई थीं 10 महिलाओं की जान

मार्च 2026 में जींद जिले के सफीदों में एक फैक्ट्री में लगी आग ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।

बताया गया कि आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित एक इकाई में पटाखे बनाए जा रहे थे। इस हादसे में 10 महिला श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से झुलस गईं।

रिपोर्टों के अनुसार फैक्ट्री में:

  • अग्निशमन यंत्र उपलब्ध नहीं थे।
  • आपातकालीन निकास (Emergency Exit) नहीं था।
  • खिड़कियों का अभाव था।
  • मुख्य गेट अंदर और बाहर दोनों तरफ से बंद था।

स्थानीय लोगों ने दीवार तोड़कर कई महिलाओं को बाहर निकाला, लेकिन तब तक कई श्रमिकों की जान जा चुकी थी।


फरीदाबाद में भी हुआ था बड़ा विस्फोट

इससे पहले फरवरी में फरीदाबाद की एक लुब्रिकेंट और स्टील इकाई में भीषण आग के साथ कई विस्फोट हुए थे।

इस हादसे में:

  • 6 लोगों की मौत हुई।
  • मृतकों में दो दमकलकर्मी और एक पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
  • 42 लोग घायल हुए, जिनमें पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

श्रमिक संगठनों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) हरियाणा के महासचिव जय भगवान ने आरोप लगाया कि हाल के अधिकांश औद्योगिक हादसे सुरक्षा नियमों के पालन में लापरवाही और सरकारी निगरानी की कमी का परिणाम हैं।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग में निरीक्षण के लिए पर्याप्त कर्मचारियों की कमी है, जिससे फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों की नियमित जांच प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही।


विशेषज्ञों ने मजबूत निगरानी की बताई जरूरत

औद्योगिक सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि फैक्ट्रियों में नियमित सुरक्षा ऑडिट, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और आपातकालीन निकास की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।


Key Highlights:

  • हरियाणा में लगातार फैक्ट्री अग्निकांडों ने सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।
  • बावल और धारूहेड़ा में एक ही दिन दो बड़े औद्योगिक हादसे।
  • बावल हादसे में तीन श्रमिकों की मौत, NDRF को करना पड़ा रेस्क्यू।
  • सफीदों फैक्ट्री हादसे में 10 महिला श्रमिकों की गई थी जान।
  • फरीदाबाद विस्फोट में छह लोगों की मौत और 42 घायल।
  • HHRC ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी।
  • श्रमिक संगठनों ने सुरक्षा निरीक्षण व्यवस्था को बताया कमजोर।

FAQ Section

Q1. हाल में हरियाणा में कौन-कौन से बड़े औद्योगिक हादसे हुए?

बावल, धारूहेड़ा, सफीदों और फरीदाबाद में हाल के महीनों में बड़े फैक्ट्री अग्निकांड और विस्फोट हुए हैं।

Q2. बावल हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?

केमिकल फैक्ट्री में लगी आग में तीन श्रमिकों की मौत हुई थी।

Q3. सफीदों फैक्ट्री हादसा क्यों चर्चा में रहा?

इस हादसे में 10 महिला श्रमिकों की मौत हुई थी और फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजाम बेहद कमजोर पाए गए थे।

Q4. हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने क्या कार्रवाई की?

HHRC ने संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।


Conclusion

हरियाणा में लगातार सामने आ रहे औद्योगिक हादसे यह संकेत देते हैं कि फैक्ट्री सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित निरीक्षण, आधुनिक सुरक्षा उपाय और आपदा प्रबंधन की बेहतर तैयारी ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने में प्रभावी साबित हो सकती है।Screenshot_2545

Edited By: Karan Singh

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