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सिख रेजिमेंट और GNDU के बीच हुआ समझौता, अब अग्निवीर सेना की सेवा के साथ कर सकेंगे ग्रेजुएशन और डिप्लोमा
गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी और सिख रेजिमेंट ने शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए किया MoU, अग्निवीरों को मिलेगा उच्च शिक्षा का अवसर।
सिख रेजिमेंट ने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) किया है। इस पहल के तहत अग्निवीर सैन्य सेवा के साथ-साथ डिप्लोमा और स्नातक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर सकेंगे, जिससे उनके करियर और कौशल विकास को नई दिशा मिलेगी।
अग्निवीरों की शिक्षा और कौशल विकास के लिए बड़ा कदम
भारतीय सेना की प्रतिष्ठित सिख रेजिमेंट ने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का उद्देश्य अग्निवीरों को सैन्य सेवा के दौरान उच्च शिक्षा और कौशल विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
रक्षा प्रवक्ता के अनुसार, इस पहल से अग्निवीर अपनी सैन्य जिम्मेदारियों के साथ-साथ शैक्षणिक योग्यता भी बढ़ा सकेंगे, जिससे भविष्य में सैन्य और नागरिक दोनों क्षेत्रों में उनके करियर की संभावनाएं मजबूत होंगी।
अग्निवीरों को मिलेंगे डिप्लोमा और डिग्री कोर्स
इस सहयोग के तहत सिख रेजिमेंट में सेवा दे रहे अग्निवीर विभिन्न शैक्षणिक कार्यक्रमों में दाखिला ले सकेंगे।इनमें शामिल हैं:
- 6 महीने में पूरा होने वाला डिप्लोमा प्रोग्राम
- बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA)
- बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशन (BCA)
- बैचलर ऑफ कॉमर्स (B.Com)
इन स्नातक पाठ्यक्रमों को तीन वर्षों में पूरा किया जा सकेगा।
सैन्य सेवा के साथ शिक्षा का अवसर
रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, पेशेवर दक्षता और दीर्घकालिक रोजगार संभावनाओं को बेहतर बनाना है। इससे उन्हें सेना में सेवा के दौरान और सेवा पूरी होने के बाद भी बेहतर करियर विकल्प उपलब्ध होंगे।
'स्किल्ड और फ्यूचर-रेडी युवा' बनाने की दिशा में पहल
अधिकारियों के अनुसार, यह समझौता भारत सरकार के उस विजन के अनुरूप है, जिसके तहत युवाओं को शिक्षित, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाया जा रहा है ताकि वे राष्ट्र निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
सिख रेजिमेंट की गौरवशाली विरासत
सिख रेजिमेंट भारतीय सेना की सबसे पुरानी और सर्वाधिक सम्मानित इन्फैंट्री रेजिमेंटों में से एक है। इसकी स्थापना वर्ष 1846 में तत्कालीन ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल आर्मी के हिस्से के रूप में हुई थी।
वर्तमान में रेजिमेंट में:
- 20 नियमित इन्फैंट्री बटालियन
- 3 टेरिटोरियल आर्मी बटालियन
शामिल हैं। रेजिमेंट में मुख्य रूप से जाट सिख समुदाय के जवान भर्ती किए जाते हैं।
'Service Before Self' की भावना के साथ अग्निवीरों का विकास
सिख रेजिमेंट ने कहा कि "Service Before Self" के अपने मूल सिद्धांत के अनुरूप वह अग्निवीरों के व्यक्तिगत और पेशेवर विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। यह नई पहल भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे जवानों को सेवा के दौरान और उसके बाद बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिलेगी।
Key Highlights:
- सिख रेजिमेंट और GNDU के बीच शिक्षा एवं कौशल विकास को लेकर MoU।
- अग्निवीर सैन्य सेवा के साथ डिप्लोमा और ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर सकेंगे।
- BA, BCA और B.Com जैसे कोर्स होंगे उपलब्ध।
- 6 महीने के डिप्लोमा और 3 साल के स्नातक कार्यक्रम शामिल।
- पहल का उद्देश्य अग्निवीरों के भविष्य और रोजगार क्षमता को मजबूत बनाना।
- सरकार के 'स्किल्ड और फ्यूचर-रेडी यूथ' विजन को मिलेगा बढ़ावा।
FAQ Section
Q1. सिख रेजिमेंट ने किस विश्वविद्यालय के साथ समझौता किया है?
सिख रेजिमेंट ने अमृतसर स्थित गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (GNDU) के साथ MoU किया है।
Q2. इस समझौते का उद्देश्य क्या है?
अग्निवीरों को सैन्य सेवा के साथ उच्च शिक्षा और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना।
Q3. अग्निवीर कौन-कौन से कोर्स कर सकेंगे?
वे 6 महीने के डिप्लोमा के अलावा BA, BCA और B.Com जैसे स्नातक पाठ्यक्रम कर सकेंगे।
Q4. इस पहल से अग्निवीरों को क्या लाभ होगा?
इससे उनकी शैक्षणिक योग्यता, पेशेवर कौशल और सेना के बाद रोजगार के अवसर बेहतर होंगे।
Conclusion
सिख रेजिमेंट और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के बीच हुआ यह समझौता अग्निवीरों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे जवान सैन्य सेवा के साथ उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे और भविष्य में सैन्य एवं नागरिक दोनों क्षेत्रों में बेहतर करियर बना सकेंगे। यह पहल कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण के सरकार के व्यापक लक्ष्य को भी मजबूती प्रदान करेगी।

