गन्ने के खेत से गोल्ड मेडल तक: 25 वर्षीय डॉ. हरमन सिंह चीमा बने 16 गांवों के पहले डॉक्टर

बहराइच के छोटे से गांव से निकलकर MBBS में हासिल किया डायरेक्टर गोल्ड मेडल, अब MD की तैयारी में जुटे युवा डॉक्टर।

On

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के एक छोटे से गांव के रहने वाले 25 वर्षीय डॉ. हरमन सिंह चीमा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद एमबीबीएस में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर डायरेक्टर गोल्ड मेडल हासिल किया है। वह अपने गांव ही नहीं, बल्कि 16 गांवों के क्षेत्र के पहले डॉक्टर बन गए हैं।

संघर्ष से सफलता तक: डॉ. हरमन सिंह चीमा की प्रेरणादायक कहानी

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के एक छोटे से गांव से निकलकर 25 वर्षीय डॉ. हरमन सिंह चीमा ने अपनी मेहनत और लगन से एक नई मिसाल कायम की है। हाल ही में उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा 'बेस्ट ग्रेजुएट' के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि हरमन अपने गांव तरीकोट ही नहीं, बल्कि आसपास के 16 गांवों वाले पूरे ग्राम सभा क्षेत्र के पहले डॉक्टर बने हैं।


माता-पिता के सामने मिला सम्मान बना सबसे बड़ा गर्व

डॉ. हरमन का कहना है कि पुरस्कार मिलना खुशी की बात है, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि अपने माता-पिता की मौजूदगी में यह सम्मान प्राप्त करना और अपने क्षेत्र का पहला डॉक्टर बनना है।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके परिवार और पूरे गांव के लिए गर्व का विषय है।


गांव में आज भी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव

हरमन बताते हैं कि उनका गांव घने जंगलों के पास स्थित है और वहां आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं बेहद सीमित हैं।

उनके अनुसार:

  • गांव में कोई स्थायी अस्पताल नहीं है।
  • प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होने के बावजूद डॉक्टरों की नियमित उपलब्धता नहीं रहती।
  • सामान्य दवाइयों के लिए भी लोगों को शहरों का रुख करना पड़ता है।
  • हालांकि अब गांव में पक्के मकान, सौर ऊर्जा और पेयजल जैसी सुविधाएं पहुंच चुकी हैं, लेकिन बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की अब भी कमी है।

बचपन में तय करना पड़ता था लंबा सफर

डॉ. हरमन ने बताया कि आठवीं कक्षा तक उन्होंने गांव के स्कूल में पढ़ाई की। इसके बाद बेहतर शिक्षा के लिए उन्हें गांव से बाहर जाना पड़ा।

सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर MBBS की पढ़ाई पूरी की।


अब MD की तैयारी में जुटे हैं

एमबीबीएस पूरा करने के बाद डॉ. हरमन सिंह चीमा अब INI-CET (इंस्टीट्यूट ऑफ नेशनल इम्पोर्टेंस कंबाइंड एंट्रेंस टेस्ट) की तैयारी कर रहे हैं।

उनका लक्ष्य डॉक्टर के रूप में विशेषज्ञता हासिल करना और भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से समाज की सेवा करना है।


युवाओं के लिए प्रेरणा बनी सफलता

डॉ. हरमन की कहानी यह साबित करती है कि सीमित संसाधन और कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के सामने बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी सफलता ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।


Key Highlights:

  • बहराइच के तरीकोट गांव के डॉ. हरमन सिंह चीमा को डायरेक्टर गोल्ड मेडल मिला।
  • MBBS में 'बेस्ट ग्रेजुएट' का सम्मान हासिल किया।
  • 16 गांवों के क्षेत्र के पहले डॉक्टर बने।
  • गांव में आज भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव।
  • अब MD में प्रवेश के लिए INI-CET की तैयारी कर रहे हैं।
  • कठिन परिस्थितियों के बावजूद हासिल की बड़ी सफलता।

FAQ Section

Q1. डॉ. हरमन सिंह चीमा किस जिले के रहने वाले हैं?

वे उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के तरीकोट गांव के निवासी हैं।

Q2. उन्हें कौन-सा सम्मान मिला है?

उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान द्वारा 'बेस्ट ग्रेजुएट' के लिए डायरेक्टर गोल्ड मेडल प्रदान किया गया।

Q3. उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?

वे अपने गांव और आसपास के 16 गांवों वाले क्षेत्र के पहले डॉक्टर बने हैं।

Q4. आगे उनकी क्या योजना है?

वे अब INI-CET परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं और MD की पढ़ाई करना चाहते हैं।


Conclusion

डॉ. हरमन सिंह चीमा की सफलता इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और दृढ़ संकल्प के बल पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर डॉक्टर बनने और गोल्ड मेडल प्राप्त करने तक का उनका सफर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है। साथ ही उनकी कहानी ग्रामीण भारत में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है।Screenshot_2552

Edited By: Karan Singh

खबरें और भी हैं

अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा मुफ्त स्किल ट्रेनिंग, नए सत्र से शुरू होगी 210 घंटे की विशेष प्रशिक्षण योजना

Advertisement

नवीनतम

अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा मुफ्त स्किल ट्रेनिंग, नए सत्र से शुरू होगी 210 घंटे की विशेष प्रशिक्षण योजना अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा मुफ्त स्किल ट्रेनिंग, नए सत्र से शुरू होगी 210 घंटे की विशेष प्रशिक्षण योजना
उत्तर प्रदेश सरकार ने अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए...
महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की बदहाली पर BJP ने जताई चिंता, केवल सिंह ढिल्लों बोले- पर्यटन मंत्रालय और PM मोदी को लिखेंगे पत्र
SP में टूट के दावों पर सियासी घमासान: अवधेश प्रसाद बोले- अखिलेश यादव की बढ़ती लोकप्रियता से घबराई BJP
सीएम भगवंत मान को हटाने की मांग पर अकाली दल का अल्टीमेटम, 19 जुलाई के बाद 'धर्म युद्ध मोर्चा' शुरू करने की चेतावनी
गन्ने के खेत से गोल्ड मेडल तक: 25 वर्षीय डॉ. हरमन सिंह चीमा बने 16 गांवों के पहले डॉक्टर
Copyright (c) Undekhi Khabar All Rights Reserved.
Powered By Vedanta Software