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अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को मिलेगा मुफ्त स्किल ट्रेनिंग, नए सत्र से शुरू होगी 210 घंटे की विशेष प्रशिक्षण योजना
उत्तर प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 3,447 छात्रों को मिलेगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण, आईआईटी कानपुर तैयार करेगा पाठ्यक्रम।
उत्तर प्रदेश सरकार ने अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नए शैक्षणिक सत्र से 18 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 3,447 छात्रों को नियमित पढ़ाई के साथ मुफ्त कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अटल आवासीय विद्यालयों में शुरू होगी मुफ्त स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग
उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्रों की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से अटल आवासीय विद्यालयों में मुफ्त कौशल विकास प्रशिक्षण शुरू करने का फैसला किया है। यह पहल नए शैक्षणिक सत्र से लागू होगी और राज्य के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 3,447 चयनित पात्र छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
इनमें प्रयागराज के कोरांव स्थित अटल आवासीय विद्यालय के 861 विद्यार्थी भी शामिल हैं।
कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को मिलेगा प्रशिक्षण
अधिकारियों के अनुसार, यह व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रम कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए नियमित पढ़ाई के साथ संचालित किया जाएगा।अब तक मुफ्त स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण केवल चयनित सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों के छात्रों को ही उपलब्ध था, लेकिन अब इसका दायरा अटल आवासीय विद्यालयों तक भी बढ़ा दिया गया है।
IIT कानपुर तैयार करेगा प्रशिक्षण का ढांचा
प्रयागराज के उप श्रम आयुक्त सुमित कुमार ने बताया कि जिले के अटल आवासीय विद्यालय में इस योजना की तैयारी शुरू कर दी गई है।
उन्होंने बताया कि:
- प्रशिक्षण कार्यक्रम मौजूदा शैक्षणिक सत्र से शुरू किया जाएगा।
- आईआईटी कानपुर को प्रशिक्षण का प्रारूप और पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
- विद्यालय में पहले से उपलब्ध प्रयोगशालाओं का उपयोग किया जाएगा और जरूरत के अनुसार अतिरिक्त उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
210 घंटे का होगा रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण
अधिकारियों के मुताबिक, यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कुल 210 घंटे का होगा और इसे उद्योगों की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी दिया जाएगा।
इसमें शामिल होंगे:
- सॉफ्ट स्किल्स डेवलपमेंट
- औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visits)
- व्यावहारिक प्रशिक्षण
- करियर मार्गदर्शन
इन क्षेत्रों में मिलेगी विशेष ट्रेनिंग
योजना के तहत विद्यार्थियों को कई आधुनिक और रोजगारपरक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा सकता है, जिनमें शामिल हैं—
- सूचना प्रौद्योगिकी (IT)
- स्वास्थ्य सेवाएं (Healthcare)
- इलेक्ट्रॉनिक्स
- परिधान उद्योग (Apparel)
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
- आईटीईएस (IT Enabled Services)
- आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक तकनीक
रोजगार और स्वरोजगार दोनों पर रहेगा फोकस
सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में नौकरी के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें या स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
Key Highlights:
- उत्तर प्रदेश के 18 अटल आवासीय विद्यालयों में मुफ्त स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण शुरू होगा।
- 3,447 छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ।
- प्रयागराज के कोरांव विद्यालय के 861 छात्र भी होंगे शामिल।
- IIT कानपुर तैयार करेगा प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम।
- 210 घंटे का प्रशिक्षण नियमित पढ़ाई के साथ कराया जाएगा।
- AI, IT, हेल्थकेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण।
- सॉफ्ट स्किल्स और इंडस्ट्रियल विजिट भी कार्यक्रम का हिस्सा होंगे।
FAQ Section
Q1. यह स्किल डेवलपमेंट योजना कब से शुरू होगी?
यह योजना नए शैक्षणिक सत्र से शुरू की जाएगी।
Q2. कितने छात्रों को इस योजना का लाभ मिलेगा?
राज्य के 18 अटल आवासीय विद्यालयों के 3,447 चयनित पात्र छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
Q3. प्रशिक्षण कार्यक्रम कितने घंटे का होगा?
यह कौशल विकास कार्यक्रम कुल 210 घंटे का होगा।
Q4. प्रशिक्षण का पाठ्यक्रम कौन तैयार करेगा?
आईआईटी कानपुर को प्रशिक्षण का ढांचा और पाठ्यक्रम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।
Q5. किन क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा?
आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान उद्योग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ITES जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
Conclusion
अटल आवासीय विद्यालयों में शुरू होने वाला यह कौशल विकास कार्यक्रम छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावसायिक दक्षता भी प्रदान करेगा। उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया यह प्रशिक्षण युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

