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श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया, SGPC ने किया विशेष गुरमत समागम का आयोजन
श्री रामसर साहिब गुरुद्वारा में अखंड पाठ के भोग, कीर्तन और गुरबाणी के संदेश के साथ श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब को दी श्रद्धांजलि।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने अमृतसर में श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में अखंड पाठ के भोग, कीर्तन और गुरमत समागम का आयोजन किया गया।
श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से अमृतसर में श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संगत ने गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब पहुंचकर गुरु साहिब को श्रद्धांजलि अर्पित की और गुरबाणी का श्रवण किया।
अखंड पाठ के भोग के बाद हुआ कीर्तन
कार्यक्रम की शुरुआत गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में अखंड पाठ के भोग के साथ हुई। इसके बाद आयोजित कीर्तन में रागी जत्थों ने गुरु साहिब की वाणी का गायन किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंग गया।
गुरु अर्जन देव जी के बलिदान का इतिहास किया साझा
सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी बलविंदर सिंह ने संगत को श्री गुरु अर्जन देव जी की शहादत के इतिहास और उनके जीवन के आदर्शों से अवगत कराया।उन्होंने श्रद्धालुओं से गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेने और बाणी तथा बाना के साथ जुड़कर सिख मूल्यों को अपनाने की अपील की।
गुरमत समागम में दिया आध्यात्मिक संदेश
शहीदी दिवस के अवसर पर आयोजित गुरमत समागम में कथावाचकों ने गुरु अर्जन देव जी के त्याग, सेवा, धैर्य और मानवता के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला।
वक्ताओं ने कहा कि गुरु साहिब का जीवन सत्य, सहनशीलता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणा स्रोत है।
श्री गुरु अर्जन देव जी का योगदान
श्री गुरु अर्जन देव जी सिखों के पांचवें गुरु थे। उन्होंने मानवता, सेवा, समानता और भाईचारे का संदेश दिया। उनका बलिदान सिख इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक माना जाता है और हर वर्ष उनकी शहादत को श्रद्धा और सम्मान के साथ याद किया जाता है।
Key Highlights:
- SGPC ने श्रद्धा के साथ मनाया श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस।
- गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में अखंड पाठ के भोग का आयोजन।
- कीर्तन और गुरमत समागम में बड़ी संख्या में संगत हुई शामिल।
- ज्ञानी बलविंदर सिंह ने गुरु साहिब की शहादत का इतिहास बताया।
- संगत को बाणी और बाना से जुड़ने का संदेश दिया गया।
FAQ Section
Q1. श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस कहाँ मनाया गया?
अमृतसर स्थित गुरुद्वारा श्री रामसर साहिब में SGPC की ओर से विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Q2. कार्यक्रम में कौन-कौन से धार्मिक आयोजन हुए?
अखंड पाठ का भोग, कीर्तन और गुरमत समागम का आयोजन किया गया।
Q3. संगत को क्या संदेश दिया गया?
गुरु साहिब के जीवन से प्रेरणा लेने तथा बाणी और बाना से जुड़कर सिख सिद्धांतों का पालन करने की अपील की गई।
Q4. श्री गुरु अर्जन देव जी का बलिदान क्यों महत्वपूर्ण माना जाता है?
उनका बलिदान धार्मिक स्वतंत्रता, सत्य और मानवता की रक्षा का प्रतीक माना जाता है।
Conclusion
श्री गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि त्याग, सेवा, सहनशीलता और मानवता के मूल्यों को आत्मसात करने का अवसर भी है। SGPC द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के संदेशों को याद करते हुए समाज में प्रेम, शांति और भाईचारे का संकल्प लिया।

