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महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की बदहाली पर BJP ने जताई चिंता, केवल सिंह ढिल्लों बोले- पर्यटन मंत्रालय और PM मोदी को लिखेंगे पत्र
अमृतसर के ऐतिहासिक रामबाग स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा के रखरखाव और पर्यटन विकास को लेकर भाजपा नेताओं ने उठाई आवाज।
अमृतसर के ऐतिहासिक रामबाग में स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की खराब स्थिति को लेकर पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए पर्यटन मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा जाएगा।
महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की बदहाली पर भाजपा ने उठाए सवाल
अमृतसर के ऐतिहासिक रामबाग परिसर में स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की खराब स्थिति एक बार फिर चर्चा में आ गई है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने पैनोरमा का दौरा कर इसके रखरखाव पर चिंता जताई और इसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
2006 में 5 करोड़ रुपये की लागत से बना था पैनोरमा
महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा का निर्माण वर्ष 2006 में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।
इस परियोजना का निर्माण नेशनल काउंसिल ऑफ साइंस म्यूजियम (NCSM) द्वारा किया गया, जो भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्था है।यह आकर्षक बेलनाकार (सिलेंड्रिकल) इमारत अमृतसर के ऐतिहासिक रामबाग में स्थित समर पैलेस के निकट बनाई गई थी ताकि पर्यटकों को महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल और इतिहास से परिचित कराया जा सके।
महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल की झलक
पैनोरमा में महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल से जुड़ी कई ऐतिहासिक झलकियां प्रदर्शित की गई हैं।
यहां का प्रमुख आकर्षण दरबार-ए-खालसा (शाही दरबार) की प्रतिकृति है, जो आगंतुकों को उस दौर की संस्कृति, प्रशासन और विरासत से परिचित कराती है। इसके अलावा यहां संग्रहालय और सार्वजनिक पुस्तकालय की भी सुविधा उपलब्ध है।
रखरखाव की कमी से घट रही पर्यटकों की संख्या
इतिहास और सांस्कृतिक महत्व के बावजूद यह पर्यटन स्थल लंबे समय से खराब रखरखाव और कम पर्यटक संख्या की समस्या से जूझ रहा है।
पैनोरमा और पूरे रामबाग क्षेत्र का रखरखाव नगर निगम के अधीन है। हालांकि, क्षेत्र में अतिक्रमण, सफाई और रखरखाव की कमी के कारण इसकी ऐतिहासिक पहचान प्रभावित हो रही है।
केवल सिंह ढिल्लों ने पुनर्जीवन की कही बात
दौरे के दौरान पंजाब भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने पैनोरमा की स्थिति पर निराशा जताते हुए कहा कि यह स्थल अपनी संभावनाओं के अनुरूप विकसित नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि भाजपा इस ऐतिहासिक धरोहर के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए हरसंभव प्रयास करेगी। इसके लिए पर्यटन मंत्रालय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया जाएगा।
'सरकार-ए-खालसा' मॉडल से जोड़ा विजन
केवल सिंह ढिल्लों और भाजपा नेताओं ने कहा कि महाराजा रणजीत सिंह के 'सरकार-ए-खालसा' मॉडल से प्रेरणा लेते हुए पंजाब की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित और विकसित किया जाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियां अपने इतिहास से जुड़ सकें।
Key Highlights:
- अमृतसर के रामबाग स्थित महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा की बदहाली पर भाजपा ने चिंता जताई।
- केवल सिंह ढिल्लों और सांसद तरुण चुघ ने किया दौरा।
- वर्ष 2006 में 5 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था पैनोरमा।
- यहां महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल और दरबार-ए-खालसा की झलक दिखाई जाती है।
- पर्यटन मंत्रालय और प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कही।
- रखरखाव की कमी और कम पर्यटकों के कारण स्थल की स्थिति चिंताजनक।
FAQ Section
Q1. महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा कहाँ स्थित है?
यह अमृतसर के ऐतिहासिक रामबाग परिसर में स्थित है।
Q2. पैनोरमा का निर्माण कब हुआ था?
इसका निर्माण वर्ष 2006 में लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से किया गया था।
Q3. भाजपा नेताओं ने क्या मांग की?
उन्होंने पैनोरमा के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए पर्यटन मंत्रालय और प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कही।
Q4. पैनोरमा का मुख्य आकर्षण क्या है?
यहां महाराजा रणजीत सिंह के शासनकाल और दरबार-ए-खालसा की प्रतिकृति प्रमुख आकर्षण है।
Conclusion
महाराजा रणजीत सिंह पैनोरमा अमृतसर की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों में से एक है। हालांकि, खराब रखरखाव और सीमित पर्यटक गतिविधियों के कारण इसकी उपयोगिता प्रभावित हो रही है। अब भाजपा नेताओं द्वारा इसके संरक्षण और विकास की मांग उठाए जाने के बाद इस ऐतिहासिक स्थल के पुनर्जीवन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।

