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यूपी में सियासी हलचल तेज: संजय निषाद का बड़ा दावा, 'SP और कांग्रेस के दो दर्जन से ज्यादा सांसद संपर्क में'
2027 विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई, निषाद पार्टी प्रमुख ने विपक्षी सांसदों के दल बदल की संभावना जताई; समाजवादी पार्टी ने दावों को किया खारिज।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मंत्री और निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसद उनकी पार्टी के संपर्क में हैं। वहीं, समाजवादी पार्टी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया है।
2027 चुनाव से पहले यूपी की राजनीति में बढ़ी हलचल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं। राज्य सरकार में मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसद उनकी पार्टी के संपर्क में हैं और दल बदलने के इच्छुक हैं।
हालांकि, समाजवादी पार्टी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और किसी तरह की टूट की कोई संभावना नहीं है।
संजय निषाद का दावा- कई सांसद और विधायक संपर्क में
संजय निषाद ने कहा कि हिंदुत्व विचारधारा से जुड़े कई सांसद और विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।उन्होंने दावा किया कि कई जनप्रतिनिधि उनसे अनुरोध कर रहे हैं कि उन्हें दिल्ली ले जाकर केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कराई जाए।
जब उनसे पूछा गया कि कितने विपक्षी सांसद संपर्क में हैं, तो उन्होंने कहा कि "आज की स्थिति में उनकी संख्या दो दर्जन से कम नहीं है।"
पहले भी ओपी राजभर और केशव प्रसाद मौर्य कर चुके हैं दावा
संजय निषाद का बयान ऐसे समय आया है, जब इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओपी राजभर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी समाजवादी पार्टी में संभावित टूट का दावा कर चुके हैं।
राजभर ने आजमगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होना तय है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के असंतुष्ट सांसदों का एक नया गुट सामने आ सकता है।
अखिलेश यादव को दी सलाह
ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि उन्हें अपने सांसदों को संभालकर रखना चाहिए।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर भी पोस्ट कर दावा किया कि उत्तर प्रदेश का एक नेता समाजवादी पार्टी के असंतुष्ट सांसदों का नेतृत्व करेगा।
समाजवादी पार्टी ने दावों को बताया निराधार
इन सभी दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी ने कहा कि पार्टी पूरी तरह संगठित है और किसी भी सांसद या विधायक के दल बदलने की कोई स्थिति नहीं है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष को कमजोर दिखाने के लिए इस तरह के राजनीतिक बयान दिए जा रहे हैं।
अन्य राज्यों की राजनीतिक घटनाओं का भी जिक्र
हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (TMC) और महाराष्ट्र की शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद भी विभिन्न दलों में संभावित टूट की चर्चाएं तेज हुई हैं।
इसी पृष्ठभूमि में उत्तर प्रदेश में भी राजनीतिक बयानबाजी ने नया मोड़ ले लिया है।
Key Highlights:
- संजय निषाद ने SP और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसदों के संपर्क में होने का दावा किया।
- समाजवादी पार्टी ने सभी दावों को निराधार बताया।
- ओपी राजभर और केशव प्रसाद मौर्य भी पहले कर चुके हैं SP में टूट का दावा।
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज।
- विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी।
FAQ Section
Q1. संजय निषाद ने क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के दो दर्जन से अधिक सांसद उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।
Q2. समाजवादी पार्टी ने क्या प्रतिक्रिया दी?
समाजवादी पार्टी ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि पार्टी एकजुट है।
Q3. इससे पहले किसने SP में टूट का दावा किया था?
ओपी राजभर और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य भी समाजवादी पार्टी में संभावित टूट का दावा कर चुके हैं।
Q4. यह राजनीतिक बयानबाजी किस संदर्भ में हो रही है?
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के बीच यह बयान सामने आए हैं।
Conclusion
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक बयानबाजी लगातार तेज होती जा रही है। जहां एनडीए के सहयोगी दल विपक्षी सांसदों के संपर्क में होने का दावा कर रहे हैं, वहीं समाजवादी पार्टी इन दावों को सिरे से खारिज कर रही है। फिलहाल इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

