जापान में गूंजा श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश, अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की गीता की प्रति

टोक्यो, ओसाका और क्योटो में 19 से 23 जून तक आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव, भारत-जापान के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मिलेगा नया आयाम।

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अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत हरियाणा सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के प्रतिनिधिमंडल ने जापान की संसद के वरिष्ठ अधिकारी मोरी कोकुदो और पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की। कार्यक्रम का उद्देश्य भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक सहयोग को मजबूत करना है।

जापान में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के जरिए पहुंचा भारतीय संस्कृति का संदेश

हरियाणा सरकार और कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड (KDB) के प्रतिनिधिमंडल ने अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर जापान में भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत का संदेश पहुंचाया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने जापान की संसद के उच्च सदन (हाउस ऑफ काउंसिलर्स) के अंतरराष्ट्रीय मामलों के महानिदेशक मोरी कोकुदो को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की।

19 से 23 जून तक आयोजित यह महोत्सव टोक्यो, ओसाका और क्योटो में विभिन्न सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से मनाया जा रहा है।


स्वामी ज्ञानानंद के नेतृत्व में पहुंचा प्रतिनिधिमंडल

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वामी ज्ञानानंद ने किया। उनके साथ कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव अमित अग्रवाल और मानद सचिव उपेंद्र सिंघल भी मौजूद रहे।

इस अवसर पर दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक सहयोग और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई।


भगवद्गीता का संदेश आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रासंगिक

मोरी कोकुदो ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का कर्तव्य, करुणा, आत्म-अनुशासन और मानसिक संतुलन का संदेश आज के समय में भी पूरी दुनिया के लिए उतना ही प्रासंगिक है।

उन्होंने भारत और जापान के बीच बढ़ते सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों की सराहना करते हुए ऐसे आयोजनों को दोनों देशों की मित्रता को मजबूत करने वाला बताया।


गीता महोत्सव का उद्देश्य वैश्विक सांस्कृतिक संवाद

स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का उद्देश्य विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करना तथा श्रीमद्भगवद्गीता की सार्वभौमिक शिक्षाओं को विश्वभर में पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि गीता का संदेश किसी एक देश या संस्कृति तक सीमित नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।


भारत-जापान की मित्रता को मिलेगा नया आयाम

कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सदस्य सचिव अमित अग्रवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव की वैश्विक पहल में जापान का विशेष महत्व है। भारत और जापान के बीच लंबे समय से मजबूत मित्रता और साझा सांस्कृतिक मूल्य रहे हैं।

उन्होंने बताया कि इससे पहले भी श्रीलंका, मॉरीशस, लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और इंडोनेशिया सहित कई देशों में अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव आयोजित किया जा चुका है।


पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा को भी भेंट की गई गीता

एक अन्य प्रतिनिधिमंडल ने जापान के पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा से मुलाकात कर उन्हें भी श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की।

इस प्रतिनिधिमंडल में उपेंद्र सिंघल, अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती मेला प्राधिकरण के सदस्य विजय नारूला तथा आयोजन समिति के अन्य सदस्य शामिल थे।

हातोयामा ने सभ्यताओं के बीच संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और आध्यात्मिक मूल्यों के प्रसार को वैश्विक शांति और आपसी समझ बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण बताया।


टोक्यो, ओसाका और क्योटो में होंगे विविध कार्यक्रम

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान जापान के तीन प्रमुख शहरों में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • आध्यात्मिक प्रवचन
  • सेमिनार और शैक्षणिक संवाद
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
  • सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम
  • भारतीय प्रवासी समुदाय और जापानी गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता

Key Highlights:

  • जापान में 19 से 23 जून तक आयोजित हो रहा अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव।
  • हरियाणा सरकार और KDB के प्रतिनिधिमंडल ने मोरी कोकुदो को भेंट की श्रीमद्भगवद्गीता।
  • पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा को भी गीता की प्रति सौंपी गई।
  • कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-जापान के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करना।
  • टोक्यो, ओसाका और क्योटो में सेमिनार, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित।

FAQ Section

Q1. अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव कहाँ आयोजित किया जा रहा है?

यह महोत्सव जापान के टोक्यो, ओसाका और क्योटो शहरों में 19 से 23 जून तक आयोजित किया जा रहा है।

Q2. प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्वामी ज्ञानानंद ने किया।

Q3. किन जापानी हस्तियों को श्रीमद्भगवद्गीता की प्रति भेंट की गई?

जापान की संसद के अंतरराष्ट्रीय मामलों के महानिदेशक मोरी कोकुदो और पूर्व प्रधानमंत्री युकियो हातोयामा को गीता की प्रति भेंट की गई।

Q4. अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रसार करना और विभिन्न देशों के बीच सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत करना है।


Conclusion

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव भारत की आध्यात्मिक विरासत को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। जापान में आयोजित इस आयोजन के जरिए न केवल श्रीमद्भगवद्गीता के सार्वभौमिक संदेश का प्रसार हो रहा है, बल्कि भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और मैत्रीपूर्ण संबंध भी नई मजबूती प्राप्त कर रहे हैं।Screenshot_2546

Edited By: Karan Singh

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