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सीएम भगवंत मान को हटाने की मांग पर अकाली दल का अल्टीमेटम, 19 जुलाई के बाद 'धर्म युद्ध मोर्चा' शुरू करने की चेतावनी
सुखबीर सिंह बादल ने AAP सरकार पर साधा निशाना, सीएम के खिलाफ CBI जांच, लाई डिटेक्टर टेस्ट और फोरेंसिक रिपोर्ट की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पद से हटाने की मांग करते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार को 19 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर 'धर्म युद्ध मोर्चा' शुरू किया जाएगा।
सीएम भगवंत मान के खिलाफ अकाली दल का बड़ा ऐलान
पंजाब की राजनीति में जारी विवाद के बीच शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को पद से हटाने की मांग करते हुए बड़ा राजनीतिक ऐलान किया है। पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार 19 जुलाई तक मुख्यमंत्री को पद से नहीं हटाती, तो अकाली दल 'धर्म युद्ध मोर्चा' शुरू करेगा।
सुखबीर बादल ने कहा कि यह आंदोलन मुख्यमंत्री को पद से हटाने की मांग को लेकर चलाया जाएगा।
'धर्म युद्ध मोर्चा' के लिए बनाई गई समिति
सुखबीर सिंह बादल ने बताया कि आंदोलन को संगठित करने के लिए वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बलविंदर सिंह भुंदर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया गया है।समिति के अन्य सदस्य हैं:
- महेश इंदर सिंह ग्रेवाल
- गुलजार सिंह राणीके
- डॉ. दलजीत सिंह चीमा
- अमरजीत सिंह चावला
उन्होंने कहा कि यह समिति विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों से संपर्क कर उन्हें प्रस्तावित 'धर्म युद्ध मोर्चा' में शामिल होने का आग्रह करेगी।
AAP सरकार को दिया अल्टीमेटम
सुखबीर बादल ने कहा कि आम आदमी पार्टी को मुख्यमंत्री भगवंत मान को तत्काल पद से हटाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि ऐसा नहीं किया जाता, तो यह माना जाएगा कि पार्टी नेतृत्व भी पूरे विवाद के लिए समान रूप से जिम्मेदार है।
CBI जांच और लाई डिटेक्टर टेस्ट की मांग
अकाली दल अध्यक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की जांच पंजाब पुलिस के बजाय केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए।
इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान से अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए लाई डिटेक्टर टेस्ट और फेशियल एक्सप्रेशन टेस्ट कराने की भी मांग की।
फोरेंसिक रिपोर्ट पर भी उठाए सवाल
सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि कथित वायरल वीडियो से संबंधित दो फोरेंसिक लैब रिपोर्ट बेहद कम समय में तैयार की गईं, जबकि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी फोरेंसिक जांच में कई सप्ताह का समय लगता है।
उन्होंने दावा किया कि इस मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद एक कथित वायरल वीडियो और उससे जुड़ी फोरेंसिक रिपोर्ट के सामने आने के बाद शुरू हुआ। इस मामले में विभिन्न पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए गए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं। उन्होंने मामले की जांच कराने और सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) को मामला दर्ज कर जांच के निर्देश देने की बात भी कही है।
Key Highlights:
- अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को हटाने की मांग की।
- 19 जुलाई तक AAP सरकार को दिया अल्टीमेटम।
- मांग पूरी नहीं होने पर 'धर्म युद्ध मोर्चा' शुरू करने की चेतावनी।
- आंदोलन के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन।
- CBI जांच, लाई डिटेक्टर और फेशियल एक्सप्रेशन टेस्ट की मांग।
- मुख्यमंत्री पहले ही वायरल वीडियो से अपना संबंध होने से इनकार कर चुके हैं।
FAQ Section
Q1. अकाली दल ने सरकार को कितना समय दिया है?
अकाली दल ने 19 जुलाई तक का अल्टीमेटम दिया है।
Q2. 'धर्म युद्ध मोर्चा' कब शुरू होगा?
यदि मांगें पूरी नहीं होती हैं तो 19 जुलाई के बाद मोर्चा शुरू करने की घोषणा की गई है।
Q3. अकाली दल ने कौन-कौन सी मांगें रखी हैं?
मुख्यमंत्री को हटाने, CBI जांच कराने और लाई डिटेक्टर व फेशियल एक्सप्रेशन टेस्ट कराने की मांग की गई है।
Q4. मुख्यमंत्री भगवंत मान का क्या कहना है?
मुख्यमंत्री ने कहा है कि विवादित वायरल वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और मामले की जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।
Conclusion
पंजाब में इस विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। एक ओर शिरोमणि अकाली दल मुख्यमंत्री भगवंत मान को हटाने और स्वतंत्र जांच की मांग कर रहा है, वहीं मुख्यमंत्री इन आरोपों से इनकार करते हुए निष्पक्ष जांच की बात कह चुके हैं। अब 19 जुलाई तक सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राजनीतिक गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।

