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सूरजकुंड मेले में 'सुनामी' झूला हादसा: चार महीने बाद झूला लगाने वाला छठा आरोपी गिरफ्तार
फरवरी में हुए दर्दनाक हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर की हुई थी मौत, कई लोग घायल; एसआईटी ने जांच तेज करते हुए असेंबली करने वाले व्यक्ति को दबोचा।
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में फरवरी में हुए 'सुनामी' झूला हादसे की जांच में बड़ी कार्रवाई हुई है। विशेष जांच दल (SIT) ने झूले को असेंबल करने वाले छठे आरोपी को गिरफ्तार किया है। हादसे में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत हुई थी, जबकि कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए थे।
सूरजकुंड मेले के झूला हादसे में SIT की बड़ी कार्रवाई
फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में हुए चर्चित 'सुनामी' झूला हादसे की जांच में विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए झूले को असेंबल करने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। हादसे के लगभग चार महीने बाद हुई इस गिरफ्तारी के साथ मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या छह हो गई है।
उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार हुआ छठा आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान रईस अहमद के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के खतौली गांव का निवासी है।
SIT ने उसे गुरुवार को फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड परिसर से गिरफ्तार किया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे उसी दिन जमानत मिल गई।जांच में सामने आया है कि रईस अहमद ही 'सुनामी' झूले को असेंबल करने का जिम्मेदार था।
7 फरवरी को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा 7 फरवरी को सूरजकुंड मेले के दौरान हुआ था, जब 'सुनामी' झूला अचानक टूटकर गिर गया।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीमें राहत एवं बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। इसी दौरान झूले का एक और हिस्सा भी टूटकर गिर गया, जिससे बचाव अभियान के दौरान स्थिति और गंभीर हो गई।
बचाव अभियान के दौरान शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर
राहत कार्य की निगरानी कर रहे इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की इस दौरान ड्यूटी के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झूले के गिरते ही मेले में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
झूले की पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है SIT
घटना की गंभीरता को देखते हुए सूरजकुंड थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया था।
SIT झूले के पूरे संचालन से जुड़े प्रत्येक चरण की जांच कर रही है, जिसमें शामिल हैं:
- झूले का निर्माण
- परिवहन
- असेंबली (स्थापना)
- संचालन
- सुरक्षा मानकों का पालन
जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि हादसे के लिए किस स्तर पर लापरवाही हुई और इसकी जिम्मेदारी किसकी बनती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे थे गंभीर सवाल
इस हादसे के बाद बड़े सार्वजनिक आयोजनों में लगाए जाने वाले मनोरंजन झूलों की सुरक्षा व्यवस्था और निरीक्षण प्रणाली पर गंभीर सवाल उठे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे आयोजनों में झूलों की तकनीकी जांच, गुणवत्ता परीक्षण और नियमित सुरक्षा ऑडिट को और अधिक सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।
Key Highlights:
- सूरजकुंड मेले के झूला हादसे में छठा आरोपी गिरफ्तार।
- आरोपी रईस अहमद पर झूले की असेंबली का जिम्मा होने का आरोप।
- हादसे में पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की ड्यूटी के दौरान मौत हुई थी।
- कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग घायल हुए थे।
- SIT निर्माण से संचालन तक पूरी प्रक्रिया की जांच कर रही है।
- गिरफ्तार आरोपी को अदालत से उसी दिन जमानत मिल गई।
FAQ Section
Q1. सूरजकुंड झूला हादसा कब हुआ था?
यह हादसा 7 फरवरी को सूरजकुंड मेले के दौरान हुआ था।
Q2. छठा आरोपी कौन है?
गिरफ्तार आरोपी रईस अहमद है, जिस पर 'सुनामी' झूले को असेंबल करने का आरोप है।
Q3. हादसे में कितने लोगों की मौत हुई थी?
इस हादसे और बचाव अभियान के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हुई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे।
Q4. SIT किन पहलुओं की जांच कर रही है?
SIT झूले के निर्माण, परिवहन, असेंबली, संचालन और सुरक्षा मानकों के पालन सहित पूरे मामले की जांच कर रही है।
Conclusion
सूरजकुंड मेले में हुए 'सुनामी' झूला हादसे ने सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर किया था। चार महीने बाद छठे आरोपी की गिरफ्तारी जांच में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि जांच पूरी होने के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाती है।

