PGT भर्ती पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, Mewat कैडर की खाली सीटें नहीं होंगी खत्म

कोर्ट ने कहा- ROH और Mewat दोनों मेरिट लिस्ट में शामिल उम्मीदवारों के ROH चुनने से Mewat की रिक्तियां लैप्स नहीं मानी जा सकतीं; अगला मेरिट उम्मीदवार दावेदार हो सकता है

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने PGT होम साइंस भर्ती से जुड़े मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि Mewat कैडर की रिक्तियां केवल इसलिए समाप्त नहीं मानी जा सकतीं क्योंकि कुछ उम्मीदवारों ने ROH कैडर में शामिल होना चुना।

 

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिक्षक भर्ती से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में उम्मीदवारों के पक्ष में अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि Mewat कैडर में मौजूद रिक्तियों को केवल इस आधार पर लैप्स नहीं माना जा सकता कि ROH (Rest of Haryana) और Mewat दोनों कैडर की मेरिट सूची में शामिल उम्मीदवारों ने ROH में नियुक्ति लेना पसंद किया।

कोर्ट के अनुसार, ऐसी रिक्तियां मूल भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा बनी रहेंगी और मेरिट में अगला उम्मीदवार उन पदों पर विचार के लिए पात्र हो सकता है।

यह आदेश जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ ने PGT होम साइंस की भर्ती से संबंधित कई याचिकाओं का निपटारा करते हुए दिया।

PGT होम साइंस की 53 पदों पर था विवाद

मामला PGT Home Science के लिए निकाली गई कुल 53 रिक्तियों से जुड़ा था। इनमें Rest of Haryana (ROH) कैडर के लिए 48 पद और Mewat कैडर के लिए पांच पद विज्ञापित किए गए थे।

इन पदों के लिए ROH में केवल 36 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जबकि Mewat कैडर में एक भी उम्मीदवार का चयन नहीं हुआ। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि उपयुक्त उम्मीदवार उपलब्ध होने के बावजूद Mewat के पद खाली रखे गए।

उम्मीदवारों ने पूरी की थी Subject Knowledge Test की शर्त

याचिकाकर्ताओं ने निर्धारित 35 अंकों की कटऑफ के साथ Subject Knowledge Test पास किया था। इसके बाद उन्हें Viva Voce में भी शामिल किया गया।

उम्मीदवारों का तर्क था कि अंतिम चयन के लिए अलग से कोई न्यूनतम कटऑफ निर्धारित नहीं की गई थी। इसके बावजूद खाली पदों को रोककर रखा जाना मनमाना था।

ROH और Mewat की अलग-अलग शॉर्टलिस्टिंग पर भी सवाल

याचिकाकर्ताओं ने भर्ती प्रक्रिया में ROH और Mewat के लिए अलग-अलग शॉर्टलिस्टिंग किए जाने को भी चुनौती दी।

उनका कहना था कि विज्ञापित कुल 53 पदों के मुकाबले नियम के अनुसार दोगुने यानी 106 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था। इसके बाद सभी उम्मीदवारों की एक कॉमन मेरिट लिस्ट तैयार की जानी चाहिए थी।

याचिकाकर्ताओं के मुताबिक, उम्मीदवारों की पसंद के आधार पर बाद में उन्हें ROH या Mewat कैडर आवंटित किया जा सकता था।

मेरिट और कैडर आवंटन को लेकर विवाद

याचिकाकर्ताओं का मुख्य तर्क था कि दोनों कैडर के लिए अलग-अलग शॉर्टलिस्टिंग करने के बजाय एक साझा मेरिट तैयार की जानी चाहिए थी। इसके बाद उम्मीदवारों की प्राथमिकता के आधार पर कैडर आवंटित किया जाना चाहिए था।

इसी प्रक्रिया से Mewat कैडर की खाली रह गई पांच सीटों पर अगले योग्य उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता था।

हाईकोर्ट ने रिक्तियों को भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा माना

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि Mewat कैडर की रिक्तियां मूल भर्ती का ही हिस्सा हैं। केवल इस वजह से कि दोनों कैडर की मेरिट सूची में आने वाले कुछ उम्मीदवारों ने ROH में शामिल होने का विकल्प चुना, Mewat की सीटों को खत्म या लैप्स नहीं माना जा सकता।

इस तरह, मेरिट में आगे आने वाले उम्मीदवारों को उन रिक्त पदों के खिलाफ विचार किए जाने का रास्ता खुला है।

Key Highlights:

  • पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने PGT होम साइंस भर्ती पर अहम फैसला सुनाया।
  • मामला ROH और Mewat कैडर की रिक्तियों से जुड़ा था।
  • ROH के लिए 48 और Mewat के लिए पांच पद विज्ञापित किए गए थे।
  • ROH में 36 उम्मीदवारों का चयन हुआ, जबकि Mewat में कोई चयन नहीं हुआ।
  • याचिकाकर्ताओं ने Subject Knowledge Test में 35 अंकों की निर्धारित कटऑफ पूरी की थी।
  • उम्मीदवारों ने अलग-अलग शॉर्टलिस्टिंग और कॉमन मेरिट लिस्ट नहीं बनाए जाने को चुनौती दी।
  • याचिकाकर्ताओं के अनुसार 53 पदों के लिए 106 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए था।
  • हाईकोर्ट ने कहा कि ROH में उम्मीदवारों के चले जाने से Mewat की रिक्तियां लैप्स नहीं होतीं।
  • मेरिट में अगला उम्मीदवार इन रिक्तियों के लिए विचार योग्य हो सकता है।

FAQ Section:

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला किस भर्ती से जुड़ा है?

यह फैसला PGT Home Science की भर्ती से संबंधित याचिकाओं पर दिया गया है।

Mewat कैडर में कितने पद विज्ञापित किए गए थे?

Mewat कैडर के लिए पांच पद विज्ञापित किए गए थे।

ROH कैडर में कितने पद थे?

Rest of Haryana यानी ROH कैडर के लिए 48 पद विज्ञापित किए गए थे।

हाईकोर्ट ने Mewat की रिक्तियों के बारे में क्या कहा?

कोर्ट ने कहा कि केवल इस वजह से Mewat कैडर की रिक्तियां लैप्स नहीं मानी जा सकतीं कि कुछ उम्मीदवारों ने ROH कैडर में शामिल होना चुना।

उम्मीदवारों ने भर्ती प्रक्रिया में क्या आपत्ति जताई थी?

याचिकाकर्ताओं ने ROH और Mewat के लिए अलग-अलग शॉर्टलिस्टिंग पर सवाल उठाया और 53 पदों के लिए 106 उम्मीदवारों की कॉमन शॉर्टलिस्ट व मेरिट लिस्ट तैयार करने की मांग की थी।

Conclusion:

PGT होम साइंस भर्ती मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का फैसला Mewat कैडर की रिक्तियों को लेकर महत्वपूर्ण है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी उम्मीदवार के ROH कैडर को चुनने मात्र से Mewat की सीटें समाप्त नहीं मानी जा सकतीं। इससे मूल भर्ती प्रक्रिया में मौजूद रिक्तियों पर मेरिट के अगले उम्मीदवारों के विचार किए जाने की संभावना बनी रहती है।Screenshot_1217

Edited By: Atul Sharma

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