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संगरूर में युवक से कथित पुलिस ज्यादती का मामला, राजा वड़िंग ने NHRC से मांगी स्वतंत्र जांच
CM भगवंत मान के गांव दौरे के दौरान काला झंडा दिखाने वाले मोहंजीत सिंह की कथित पिटाई और हिरासत में यातना के आरोप, वड़िंग-बाजवा ने अलग-अलग शिकायतें दीं
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने संगरूर के शेरों गांव में कथित पुलिस ज्यादती को लेकर NHRC का रुख किया है। दोनों नेताओं ने मामले की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच की मांग की है।
पंजाब के संगरूर जिले में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान विरोध प्रदर्शन करने वाले नशा विरोधी कार्यकर्ता मोहंजीत सिंह के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मामला सामने आया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।
वहीं, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने भी NHRC को अलग प्रतिनिधित्व सौंपकर मोहंजीत सिंह की कथित पिटाई, अवैध हिरासत और पुलिस हिरासत में यातना के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
2 सितंबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में किया था विरोधकांग्रेस नेताओं के अनुसार, संगरूर के शेरों गांव में 2 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मोहंजीत सिंह ने एक मकान की छत से काला कपड़ा लहराया और नारे लगाकर विरोध जताया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी व्यापक रूप से प्रसारित हुआ।
मोहंजीत सिंह नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम करता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि उसने सरकार के 'युद्ध नशे के विरुद्ध' अभियान के बावजूद नशे की समस्या पर प्रभावी रोक नहीं लगने के विरोध में प्रदर्शन किया था। खास तौर पर मुख्यमंत्री के गृह जिले में नशे के मुद्दे को लेकर उसने सवाल उठाए थे।
राजा वड़िंग ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
NHRC अध्यक्ष जस्टिस वी. आर. रामासुब्रमणियन को भेजी गई शिकायत में राजा वड़िंग ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल से चले जाने के बाद पुलिसकर्मियों ने मोहंजीत को छत से पकड़ लिया और करीब एक घंटे तक उसके साथ मारपीट की।
शिकायत में मोहंजीत के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा गया है कि पुलिस ने उसे चप्पल से एक हजार से अधिक बार पीटा और बाद में सुनाम पुलिस चौकी ले गई।
कांग्रेस की ओर से दी गई शिकायत के अनुसार, पुलिस चौकी में भी मोहंजीत को कथित रूप से थर्ड डिग्री टॉर्चर का सामना करना पड़ा। इसमें बिजली के झटके देने और उसके पैरों को जबरन फैलाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
मोहंजीत को जबरन नशीला पदार्थ खिलाने का भी आरोप
मामले में यह आरोप भी लगाया गया है कि पुलिस हिरासत के दौरान मोहंजीत सिंह को जबरन नशीला पदार्थ लेने के लिए मजबूर किया गया। कांग्रेस ने इन आरोपों को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए स्वतंत्र जांच की मांग की है।
हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर में उपलब्ध नहीं है और पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।
भगवंत मान पर राजा वड़िंग का हमला
राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी तुलना अहमद शाह अब्दाली से की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को उस युवक के साथ कथित पुलिस अत्याचार पर शर्म महसूस करनी चाहिए, जिसने उनके दौरे के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध दर्ज कराया था।
वड़िंग ने कथित घटना को आम आदमी पार्टी सरकार के तहत 'पुलिस की बर्बरता और क्रूरता' का उदाहरण बताया।
Key Highlights:
- मामला संगरूर जिले के शेरों गांव से जुड़ा है।
- 2 सितंबर को भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान मोहंजीत सिंह ने काला झंडा दिखाकर विरोध किया था।
- मोहंजीत नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान से जुड़ा हुआ है।
- राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने NHRC को अलग-अलग शिकायतें दी हैं।
- शिकायतों में कथित मारपीट, अवैध हिरासत और पुलिस यातना की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।
- पुलिस पर चप्पल से पिटाई और थर्ड डिग्री टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- शिकायत में हिरासत के दौरान कथित तौर पर जबरन नशीला पदार्थ खिलाने का आरोप भी लगाया गया है।
FAQ Section:
सवाल: यह मामला किस जगह का है?
यह मामला पंजाब के संगरूर जिले के शेरों गांव का है।
सवाल: मोहंजीत सिंह ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विरोध क्यों किया?
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, मोहंजीत सिंह नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाता है और पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए विरोध कर रहा था।
सवाल: NHRC में शिकायत किसने की है?
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने अलग-अलग शिकायतें NHRC को दी हैं।
सवाल: पुलिस पर क्या आरोप लगाए गए हैं?
शिकायत में कथित मारपीट, अवैध हिरासत, बिजली के झटके देने और अन्य तरीकों से हिरासत में यातना देने के आरोप लगाए गए हैं।
सवाल: क्या आरोपों की पुष्टि हो चुकी है?
नहीं। ये आरोप कांग्रेस नेताओं और शिकायत में उद्धृत मोहंजीत सिंह के कथित बयान पर आधारित हैं। मामले की स्वतंत्र पुष्टि या जांच के निष्कर्ष इस खबर में उपलब्ध नहीं हैं।
Conclusion:
संगरूर के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के दौरान हुए विरोध के बाद मोहंजीत सिंह के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। राजा वड़िंग और प्रताप सिंह बाजवा ने मामले की स्वतंत्र एवं समयबद्ध जांच की मांग की है। अब NHRC की कार्रवाई और संबंधित पक्षों के जवाब से इस मामले की आगे की तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
