पानीपत में स्वाइन फ्लू और डेंगू ने बढ़ाई चिंता, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट; अस्पताल में बनाए गए विशेष वार्ड

जिले में स्वाइन फ्लू के 4 और डेंगू के 7 मामले मिले, H1N1 जांच के लिए सिविल अस्पताल में अलग लैब और मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार

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हरियाणा के पानीपत जिले में स्वाइन फ्लू के चार और डेंगू के सात मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। सिविल अस्पताल में विशेष वार्ड और H1N1 सैंपल की जांच के लिए अलग लैब स्थापित की गई है।

 

हरियाणा के पानीपत जिले में स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार और डेंगू के सात मामले सामने आए हैं। इसके अलावा मलेरिया के छह मरीज भी पाए गए हैं। वायरल बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ सिविल अस्पताल की ओपीडी में भी मरीज पहुंच रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू मरीजों के लिए आइसोलेशन वार्ड तैयार किया है। वहीं, H1N1 संक्रमण की आशंका वाले मरीजों के सैंपल लेने और उनकी जांच के लिए अलग प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है।

स्वाइन फ्लू के चार मामले, दो मरीज अस्पताल में भर्ती

उप सिविल सर्जन और नोडल अधिकारी डॉ. बिजेंद्र हुड्डा ने बताया कि पानीपत जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार मामलों की पुष्टि हुई है। इनमें से दो मरीजों को सिविल अस्पताल के विशेष स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया गया है।

उन्होंने बताया कि दोनों भर्ती मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और स्वास्थ्य विभाग उनकी निगरानी कर रहा है।

डेंगू और मलेरिया के मामले भी सामने आए

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पानीपत में डेंगू के सात और मलेरिया के छह मामले भी सामने आए हैं। इसके बाद डेंगू और स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए अस्पतालों में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

डॉ. हुड्डा के मुताबिक, सिविल अस्पताल में डेंगू के लिए अलग वार्ड और स्वाइन फ्लू के लिए विशेष वार्ड बनाया गया है। संदिग्ध H1N1 मरीजों के सैंपल लेने और जांच करने के लिए अलग लैब की व्यवस्था भी की गई है।

मरीजों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी

स्वास्थ्य विभाग ने संक्रमण की स्थिति पर नजर रखने के लिए मरीजों के संपर्क में आए लोगों की ट्रैकिंग भी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए निर्धारित स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है।

किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारियों की आपात बैठक भी आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. बिजेंद्र हुड्डा ने की।

अस्पतालों में अतिरिक्त बेड की व्यवस्था

डॉ. हुड्डा ने बताया कि सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू वार्ड के अलावा 10 बेड का एक अतिरिक्त वार्ड भी तैयार किया गया है। वहीं, ब्लॉक स्तर के अस्पतालों में डेंगू मरीजों के लिए छह-छह बेड वाले विशेष वार्ड बनाए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से वायरल बुखार या अन्य संबंधित लक्षण दिखाई देने पर समय पर अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए 45 टीम सदस्य तैनात

डेंगू की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के प्रजनन स्थलों की जांच भी तेज कर दी है। इसके लिए 45 ब्रीडर चेकर तैनात किए गए हैं, जो घरों में मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं।

अधिकारियों के अनुसार, करीब 250 लोगों के परिसरों में मच्छरों के लार्वा पाए जाने के बाद उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है।

Key Highlights:

  • पानीपत में स्वाइन फ्लू के 4 मामले सामने आए हैं।
  • डेंगू के 7 और मलेरिया के 6 मामले भी मिले हैं।
  • स्वाइन फ्लू के 2 मरीज सिविल अस्पताल में भर्ती हैं।
  • दोनों भर्ती मरीजों की हालत स्थिर बताई गई है।
  • H1N1 सैंपल की जांच के लिए अलग लैब बनाई गई है।
  • सिविल अस्पताल में स्वाइन फ्लू और डेंगू के लिए विशेष वार्ड तैयार किए गए हैं।
  • मरीजों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू की गई है।
  • मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए 45 ब्रीडर चेकर तैनात हैं।
  • लार्वा मिलने पर करीब 250 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

FAQ Section:

सवाल: पानीपत में स्वाइन फ्लू के कितने मामले सामने आए हैं?

पानीपत जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के चार मामले सामने आए हैं।

सवाल: स्वाइन फ्लू के कितने मरीज अस्पताल में भर्ती हैं?

दो मरीजों को सिविल अस्पताल के विशेष स्वाइन फ्लू वार्ड में भर्ती कराया गया है। दोनों की हालत स्थिर बताई गई है।

सवाल: पानीपत में डेंगू के कितने मामले मिले हैं?

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में डेंगू के सात मामले सामने आए हैं।

सवाल: क्या मलेरिया के मामले भी मिले हैं?

हां। जिले में मलेरिया के छह मामले भी रिपोर्ट किए गए हैं।

सवाल: डेंगू और स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए क्या व्यवस्था की गई है?

सिविल अस्पताल में विशेष वार्ड बनाए गए हैं। H1N1 जांच के लिए अलग लैब स्थापित की गई है और मरीजों के संपर्क में आए लोगों की निगरानी की जा रही है।

सवाल: मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?

स्वास्थ्य विभाग ने मच्छरों के लार्वा की जांच के लिए 45 ब्रीडर चेकर तैनात किए हैं। लार्वा मिलने पर करीब 250 लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं।

Conclusion:

पानीपत में स्वाइन फ्लू, डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं। अस्पतालों में विशेष वार्ड, अतिरिक्त बेड और H1N1 जांच की सुविधा तैयार की गई है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से मरीजों की निगरानी के साथ-साथ मच्छरों के लार्वा की जांच भी बढ़ाई गई है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।Screenshot_1243

Edited By: Atul Sharma

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