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मोहंजीत सिंह की कथित पुलिस यातना पर BJP ने NHRC से लगाई गुहार, तरुण चुघ ने की तत्काल हस्तक्षेप की मांग
संगरूर के शेरों गांव में CM भगवंत मान के कार्यक्रम के बाद युवक को हिरासत में लेने का आरोप, BJP नेता ने स्वतंत्र जांच, FIR और परिवार को सुरक्षा देने की मांग की
BJP के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने मोहंजीत सिंह की कथित हिरासत में यातना और उसके परिवार के साथ दुर्व्यवहार को लेकर NHRC से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्वतंत्र तथ्य-जांच टीम गठित करने और जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की।
पंजाब के संगरूर जिले के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के बाद एक युवक के साथ कथित पुलिस ज्यादती का मामला राजनीतिक रूप से गरमा गया है। BJP के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है।
चुघ ने शुक्रवार को NHRC सदस्य प्रियंक कानूनगो को पत्र लिखकर नशा विरोधी कार्यकर्ता मोहंजीत सिंह की कथित हिरासत में यातना और उसके परिवार के साथ पुलिस द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया।
2 सितंबर को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान किया था विरोधतरुण चुघ के मुताबिक, यह घटना 2 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान की ओर से शेरों गांव में आयोजित 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के बाद हुई। यह गांव सुनाम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है।
चुघ ने दावा किया कि मोहंजीत सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या पर सरकार की कार्रवाई से असंतोष जताते हुए कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाकर विरोध किया था। BJP नेता के अनुसार, युवक की शिकायत पर ध्यान देने के बजाय पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और कथित तौर पर हिरासत में उसके साथ मारपीट की।
पुलिस हिरासत में गंभीर यातना के आरोप
NHRC को भेजे पत्र में चुघ ने मोहंजीत सिंह के कथित बयान का हवाला देते हुए गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि हिरासत के दौरान युवक के कपड़े उतारकर उसके साथ मारपीट की गई।
आरोप है कि उसकी जांघों पर ब्लेड से कथित तौर पर कट लगाए गए और उन घावों में नमक रगड़ा गया। इसके अलावा, युवक को बार-बार बिजली के झटके देने का भी आरोप लगाया गया है।
धार्मिक पहचान के अपमान का भी आरोप
तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मोहंजीत सिंह की 'जूड़ा' जबरन खोल दिया तथा उसके बाल और दाढ़ी खींची। BJP नेता ने इसे सिख युवक की धार्मिक पहचान पर हमला बताया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिरासत के दौरान DSP रैंक के एक अधिकारी ने मोहंजीत सिंह की बुजुर्ग मां और बहन के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार किया।
वीडियो कॉल को लेकर भी गंभीर दावा
चुघ ने एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मोहंजीत सिंह को कथित तौर पर निर्वस्त्र कर यातना दी जा रही थी, तब अधिकारियों ने वीडियो कॉल की। उनके अनुसार, वीडियो कॉल के दौरान युवक की खून से सनी और घायल हालत भी दिखाई गई।
BJP नेता ने कहा कि यदि यह आरोप जांच में सही साबित होता है, तो इससे कथित मानवाधिकार उल्लंघन में वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
NHRC से क्या-क्या मांग की गई?
तरुण चुघ ने NHRC से मामले में स्वतः संज्ञान लेने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शेरों गांव और संबंधित पुलिस स्टेशन का दौरा करने के लिए स्वतंत्र तथ्य-जांच टीम गठित करने की अपील की।
उन्होंने कथित रूप से जिम्मेदार पुलिसकर्मियों, जिसमें DSP भी शामिल हैं, के खिलाफ FIR दर्ज करने और मोहंजीत सिंह तथा उसके परिवार को सुरक्षा एवं आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
सुनील जाखड़ ने भी साधा निशाना
पंजाब BJP के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी मोहंजीत सिंह के साथ कथित यातना की निंदा की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में भारतीय नागरिकों को शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।
जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचल रही है। उन्होंने सिख युवक के धार्मिक प्रतीकों के कथित अपमान को और गंभीर मामला बताया।
सोशल मीडिया पोस्ट में जाखड़ ने आरोप लगाया कि मोहंजीत सिंह ने इलाके में नशीले पदार्थों की बिक्री जैसे सार्वजनिक हित के मुद्दे पर विरोध किया था और सरकार ने उसके विरोध को सहन नहीं किया। उन्होंने कथित पुलिस कार्रवाई की तुलना जकारिया खान के शासनकाल में सिखों पर हुए अत्याचारों से की।
Key Highlights:
- BJP नेता तरुण चुघ ने मोहंजीत सिंह मामले में NHRC से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
- मामला 2 सितंबर को संगरूर के शेरों गांव में CM भगवंत मान के 'लोक मिलनी' कार्यक्रम के बाद का बताया गया है।
- मोहंजीत सिंह पर कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाकर नशे के मुद्दे पर विरोध करने का आरोप है।
- चुघ ने हिरासत में मारपीट, ब्लेड से चोट पहुंचाने और बिजली के झटके देने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
- सिख युवक के जूड़ा खोलने, बाल और दाढ़ी खींचने का भी आरोप लगाया गया है।
- परिवार के सदस्यों, विशेषकर मां और बहन के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया गया।
- NHRC से स्वतंत्र तथ्य-जांच टीम, FIR, सुरक्षा और चिकित्सा सहायता की मांग की गई है।
- BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी मामले को लेकर सरकार पर हमला बोला है।
FAQ Section:
सवाल: तरुण चुघ ने NHRC से क्या मांग की है?
तरुण चुघ ने मामले में स्वतः संज्ञान लेने, स्वतंत्र तथ्य-जांच टीम गठित करने, जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज करने तथा मोहंजीत सिंह और उसके परिवार को सुरक्षा और चिकित्सा सहायता देने की मांग की है।
सवाल: मोहंजीत सिंह ने विरोध क्यों किया था?
तरुण चुघ के अनुसार, मोहंजीत सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर सरकार की कार्रवाई के विरोध में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाया था।
सवाल: युवक के साथ क्या होने का आरोप लगाया गया है?
शिकायत में हिरासत के दौरान मारपीट, ब्लेड से कथित चोट पहुंचाने, घावों में नमक डालने और बिजली के झटके देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
सवाल: क्या धार्मिक पहचान से जुड़े आरोप भी हैं?
हां। तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने युवक का जूड़ा जबरन खोलकर उसके बाल और दाढ़ी खींची।
सवाल: क्या इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
नहीं। ये आरोप तरुण चुघ द्वारा NHRC को दिए गए पत्र और उसमें उद्धृत मोहंजीत सिंह के कथित बयान पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि या जांच के अंतिम निष्कर्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं हैं।
Conclusion:
संगरूर के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कार्यक्रम के बाद मोहंजीत सिंह के साथ कथित पुलिस यातना का मामला अब NHRC तक पहुंच गया है। कांग्रेस के बाद BJP ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए स्वतंत्र जांच और पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। तरुण चुघ और सुनील जाखड़ के आरोपों के बीच अब मामले की निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
