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हरियाणा बना महिला हॉकी की नई ताकत, जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में चैंपियन; वर्ल्ड कप में भी दिखा राज्य का दबदबा
हरियाणा की टीम ने पुणे में झारखंड को 2-1 से हराकर तीन साल बाद जीता जूनियर महिला राष्ट्रीय खिताब, भारतीय विश्व कप टीम में भी राज्य की 35% हिस्सेदारी
हरियाणा ने महिला हॉकी में अपनी मजबूत स्थिति एक बार फिर साबित की है। जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हरियाणा ने झारखंड को 2-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया, जबकि भारतीय टीम के विश्व कप अभियान में भी हरियाणा की खिलाड़ियों का अहम योगदान रहा।
भारतीय महिला हॉकी में हरियाणा लगातार अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय टीम के विश्व कप में अब तक का सर्वश्रेष्ठ पांचवां स्थान हासिल करने में हरियाणा की खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही। भारतीय विश्व कप टीम में करीब 35 प्रतिशत खिलाड़ी हरियाणा से थीं। वहीं, राष्ट्रीय जूनियर स्तर पर भी राज्य की बेटियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपना दबदबा कायम रखा है।
हाल ही में पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में हरियाणा ने खिताब अपने नाम किया। फाइनल में टीम ने गत चैंपियन झारखंड को 2-1 से हराकर पिछले साल की हार का हिसाब भी चुकता कर दिया।
तीन साल बाद हरियाणा ने जीता राष्ट्रीय खिताब
हरियाणा के कोच आजाद सिंह मलिक के मुताबिक, टीम ने तीन साल के अंतराल के बाद जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब जीता है। इससे पहले हरियाणा ने 2021 और 2022 में भी यह चैंपियनशिप जीती थी।पिछली तीन प्रतियोगिताओं में हरियाणा की टीम एक बार उपविजेता और दो बार तीसरे स्थान पर रही थी। इस बार टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक भी मुकाबला नहीं गंवाया।
पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही हरियाणा की टीम
हरियाणा ने चैंपियनशिप की शुरुआत बंगाल के खिलाफ 10-1 की बड़ी जीत के साथ की। इसके बाद टीम ने ओडिशा को 3-0 से हराया।
क्वार्टर फाइनल में हरियाणा ने चंडीगढ़ को 3-1 से शिकस्त दी, जबकि सेमीफाइनल में छत्तीसगढ़ के खिलाफ टीम ने 8-0 की एकतरफा जीत दर्ज की।
फाइनल में झारखंड ने पहले बढ़त बनाई, लेकिन हरियाणा ने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
फाइनल में ऐसे पलटा मैच
झारखंड की मुंदरी सरोज ने 19वें मिनट में गोल करके अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद हरियाणा की भव्या ने 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर 1-1 कर दिया।
42वें मिनट में खुशी ने गोल दागकर हरियाणा को 2-1 की बढ़त दिलाई। इसके बाद टीम ने बढ़त बनाए रखी और खिताब अपने नाम कर लिया।
भव्या बनीं प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
हरियाणा की खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। भव्या को टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जबकि सुप्रीत को बेस्ट फॉरवर्ड का पुरस्कार मिला।
हरियाणा की मौजूदा जूनियर टीम में सोनीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र की खिलाड़ियों की बड़ी हिस्सेदारी रही।
ग्रामीण परिवारों से आती हैं ज्यादातर खिलाड़ी
हरियाणा की टीम की एक खास बात यह भी रही कि ज्यादातर खिलाड़ी ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं। इनमें खेती और कामगार वर्ग से जुड़े परिवारों की बेटियां शामिल हैं।
सोनीपत से ईशिका, भव्या, जैस्मिन, तमन्ना, साक्षी और खुशी टीम का हिस्सा रहीं। हिसार से दीपिका, हिमांशी, कीर्ति, अदिति, अंजलि, दीक्षा, शशि खसा, दुर्गा और वंशिशिका शामिल थीं। कुरुक्षेत्र से अंजनी और सुखप्रीत कौर ने टीम का प्रतिनिधित्व किया।
शाहाबाद के साथ सोनीपत और हिसार भी बने हॉकी के केंद्र
हरियाणा में महिला हॉकी का दायरा पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। कुरुक्षेत्र का शाहाबाद लंबे समय से राज्य का प्रमुख हॉकी केंद्र रहा है, लेकिन अब सोनीपत और हिसार में भी महिला हॉकी तेजी से विकसित हुई है।
मौजूदा जूनियर टीम की ज्यादातर खिलाड़ी इन्हीं तीन जिलों से आती हैं। टीम में सोनीपत की आठ खिलाड़ियों के अलावा हिसार और कुरुक्षेत्र की कई खिलाड़ी शामिल हैं।
सुविधाओं की कमी के बावजूद शानदार प्रदर्शन
हॉकी से जुड़े लोगों का कहना है कि हरियाणा की महिला टीम ने पर्याप्त सुविधाओं के अभाव के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की है। जमीनी स्तर पर प्रशिक्षित कोच और पर्याप्त बुनियादी ढांचे की कमी के बावजूद खिलाड़ियों के प्रदर्शन ने उनकी प्रतिभा और मेहनत को सामने रखा है।
हॉकी विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इन खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें तो वे भविष्य में भारतीय महिला टीम को विश्व कप और ओलंपिक जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शीर्ष स्तर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
पूर्व भारतीय कप्तान ने बेहतर प्रचार की जरूरत बताई
पूर्व भारतीय कप्तान और कोच प्रीतम सिवाच, जो सोनीपत स्थित अपनी अकादमी में युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देती हैं, ने कहा कि हरियाणा की हॉकी खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दूसरे खेलों की लोकप्रियता के कारण उतना प्रचार नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए।
उनके अनुसार, महिला हॉकी की इन उपलब्धियों को अधिक प्रोत्साहन और पहचान देने की जरूरत है।
Key Highlights:
- हरियाणा ने 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप जीती।
- फाइनल में झारखंड को 2-1 से हराया।
- हरियाणा ने तीन साल बाद जूनियर राष्ट्रीय खिताब हासिल किया।
- टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही।
- भव्या को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।
- सुप्रीत बेस्ट फॉरवर्ड रहीं।
- भारतीय महिला विश्व कप टीम में करीब 35% खिलाड़ी हरियाणा से थीं।
- मौजूदा जूनियर टीम में सोनीपत, हिसार और कुरुक्षेत्र की खिलाड़ियों का दबदबा रहा।
- ज्यादातर खिलाड़ी ग्रामीण और खेती-कामगार परिवारों से आती हैं।
- हॉकी विशेषज्ञों ने बेहतर सुविधाओं और प्रचार की जरूरत पर जोर दिया।
FAQ Section:
सवाल: हरियाणा ने जूनियर महिला हॉकी चैंपियनशिप का खिताब किसे हराकर जीता?
हरियाणा ने फाइनल में गत चैंपियन झारखंड को 2-1 से हराकर खिताब जीता।
सवाल: हरियाणा ने इससे पहले जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप कब जीती थी?
हरियाणा ने इससे पहले 2021 और 2022 में यह खिताब जीता था। इस बार टीम ने तीन साल बाद चैंपियनशिप अपने नाम की।
सवाल: फाइनल में हरियाणा के लिए गोल किसने किए?
भव्या ने 23वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल किया, जबकि खुशी ने 42वें मिनट में गोल करके हरियाणा को जीत दिलाई।
सवाल: टूर्नामेंट की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी कौन बनीं?
हरियाणा की भव्या को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया, जबकि सुप्रीत को बेस्ट फॉरवर्ड का पुरस्कार मिला।
सवाल: हरियाणा में महिला हॉकी के प्रमुख केंद्र कौन से हैं?
शाहाबाद पारंपरिक रूप से हरियाणा का प्रमुख हॉकी केंद्र रहा है। हाल के वर्षों में सोनीपत और हिसार में भी महिला हॉकी का तेजी से विस्तार हुआ है।
Conclusion:
हरियाणा की बेटियों ने जूनियर महिला हॉकी में राष्ट्रीय खिताब जीतकर एक बार फिर राज्य की मजबूत हॉकी परंपरा को साबित किया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाली इन खिलाड़ियों ने सीमित सुविधाओं के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। जूनियर टीम की सफलता और विश्व कप में हरियाणा की खिलाड़ियों की मजबूत मौजूदगी संकेत देती है कि राज्य की महिला हॉकी में भविष्य की कई अंतरराष्ट्रीय सितारों की नींव तैयार हो रही है।
