- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- पंजाब में सिख युवक से कथित हिरासत में मारपीट का मामला गरमाया, संगरूर पुलिस बोली- चोटें खुद पहुंचाई ग...
पंजाब में सिख युवक से कथित हिरासत में मारपीट का मामला गरमाया, संगरूर पुलिस बोली- चोटें खुद पहुंचाई गईं या नहीं, होगी जांच
CM भगवंत मान के कार्यक्रम में काला झंडा दिखाने के बाद हिरासत में लिए गए मोहंजीत सिंह ने लगाए यातना के आरोप; विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की
मुख्यमंत्री भगवंत मान के संगरूर के शेरों गांव में कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने वाले मोहंजीत सिंह ने पुलिस हिरासत में कथित यातना का आरोप लगाया है। संगरूर पुलिस ने कहा है कि युवक की मेडिकल रिपोर्ट में करीब 10 चोटें मिली हैं और उनके कारणों की जांच की जा रही है।
पंजाब में एक सिख युवक को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में प्रताड़ित किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग के बीच संगरूर पुलिस ने कहा है कि इस बात की भी जांच की जाएगी कि युवक को लगी चोटें कहीं खुद पहुंचाई गई थीं या नहीं।
मामला 2 सितंबर का है, जब संगरूर जिले के सुनाम विधानसभा क्षेत्र के शेरों गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मोहंजीत सिंह ने काला झंडा दिखाकर विरोध जताया था। इसके बाद उसे एहतियातन हिरासत में लिया गया था।
पुलिस हिरासत में यातना के आरोप
मोहंजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान उसके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया और उसे कथित तौर पर यातना दी गई। उसने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।मोहंजीत ने कहा कि वह केवल काला झंडा दिखाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रहा था। उसका कहना है कि यदि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध करना गलत है तो सरकार को इसके लिए भी नियम तय करने चाहिए।
संगरूर SSP ने क्या कहा?
संगरूर के SSP रवजोत ग्रेवाल ने बताया कि मोहंजीत सिंह को एहतियातन हिरासत में लिया गया था और बाद में उसे रिहा कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि युवक की मेडिकल रिपोर्ट में करीब 10 चोटें सामने आई हैं। पुलिस अब पूरे मामले के तथ्यों का सत्यापन कर रही है और यह भी जांच की जाएगी कि चोटें किस परिस्थिति में आईं तथा क्या वे खुद पहुंचाई गई थीं।
AAP प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
AAP पंजाब अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मोहंजीत सिंह को मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था के तहत हिरासत में लिया गया था।
अमन अरोड़ा ने कहा कि लोकतंत्र में किसी राजनीतिक नेता को काला झंडा दिखाना या उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना कोई बड़ी बात नहीं होनी चाहिए।
सुखबीर बादल ने की केस दर्ज करने की मांग
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मामले में तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने और कथित रूप से शामिल पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
सुखबीर बादल ने सिविल अस्पताल में मोहंजीत सिंह से मुलाकात भी की। उन्होंने आरोप लगाया कि युवक को बिजली के झटके दिए गए, उसकी जांघों पर ब्लेड से कट लगाए गए और घावों पर नमक रगड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मोहंजीत को चप्पलों से पीटा गया।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले के तथ्यों की जांच कर रही है।
Key Highlights:
- मोहंजीत सिंह ने पुलिस हिरासत में कथित यातना का आरोप लगाया है।
- उसने 2 सितंबर को शेरों गांव में CM भगवंत मान के ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम में काला झंडा दिखाया था।
- संगरूर पुलिस के अनुसार उसे एहतियातन हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया।
- मेडिकल रिपोर्ट में करीब 10 चोटें मिलने की बात पुलिस ने कही है।
- पुलिस यह भी जांच करेगी कि चोटें खुद पहुंचाई गई थीं या नहीं।
- AAP प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
- सुखबीर सिंह बादल ने आपराधिक मामला दर्ज करने और संबंधित पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी की मांग की।
- मोहंजीत ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अपने अधिकार का हवाला दिया है।
FAQ Section:
सवाल: मोहंजीत सिंह का मामला क्या है?
मोहंजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि 2 सितंबर को मुख्यमंत्री भगवंत मान के शेरों गांव में कार्यक्रम के दौरान काला झंडा दिखाने के बाद पुलिस हिरासत में उसके साथ कथित तौर पर यातना की गई।
सवाल: पुलिस ने मोहंजीत सिंह को क्यों हिरासत में लिया था?
संगरूर SSP के अनुसार, मोहंजीत को मुख्यमंत्री के सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया था और बाद में रिहा कर दिया गया।
सवाल: मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पुलिस के अनुसार, मोहंजीत सिंह की मेडिकल रिपोर्ट में करीब 10 चोटें दर्ज हैं। पुलिस इन चोटों की परिस्थितियों की पुष्टि कर रही है।
सवाल: अमन अरोड़ा ने घटना पर क्या कहा?
अमन अरोड़ा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि लोकतंत्र में काला झंडा दिखाना या किसी राजनीतिक नेता के खिलाफ विरोध करना बड़ी बात नहीं होनी चाहिए।
सवाल: सुखबीर बादल ने क्या मांग की है?
सुखबीर सिंह बादल ने तत्काल आपराधिक मामला दर्ज करने और कथित रूप से घटना में शामिल पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग की है।
Conclusion:
मोहंजीत सिंह के कथित हिरासत उत्पीड़न का मामला अब राजनीतिक विवाद का केंद्र बन गया है। जहां युवक और विपक्षी नेता पुलिस पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं संगरूर पुलिस ने चोटों की परिस्थितियों की जांच की बात कही है। मामले में आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक को चोटें किन परिस्थितियों में लगीं और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
