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ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री के खिलाफ करनाल में केमिस्टों की हड़ताल, मेडिकल स्टोर रहे बंद
ई-फार्मेसी पर सख्त नियमों की मांग, AI आधारित फर्जी पर्चियों के दुरुपयोग पर भी जताई चिंता
ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर करनाल के केमिस्टों ने एक दिवसीय हड़ताल की। ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के लिए सख्त नियमों की मांग को लेकर जिलेभर में अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे।
ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में केमिस्टों की हड़ताल
ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के देशव्यापी आह्वान पर करनाल केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने बुधवार को एक दिवसीय हड़ताल की।
यह विरोध प्रदर्शन ऑनलाइन दवाइयों की बढ़ती बिक्री और ई-फार्मेसी के लिए उचित नियमों की कमी के खिलाफ किया गया।
हड़ताल के दौरान जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे।मरीजों की सुविधा के लिए किए गए वैकल्पिक इंतजाम
भीषण गर्मी के बीच मरीजों को परेशानी से बचाने के लिए कुछ मेडिकल स्टोर रोटेशन के आधार पर खोले गए।
इसके अलावा:
- निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर
- जन औषधि केंद्र
खुले रहे ताकि मरीजों को जरूरी दवाइयां और स्वास्थ्य सेवाएं मिलती रहें।
हालांकि, कई मरीजों को दवाइयां लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ी, जिससे समय और ईंधन दोनों की अतिरिक्त लागत उठानी पड़ी।
जिले में करीब 1200 मेडिकल स्टोर
एसोसिएशन के अध्यक्ष राम प्रसाद गोयल ने बताया कि जिले में करीब 1,200 केमिस्ट दुकानें हैं और अधिकांश दुकानदारों ने हड़ताल में भाग लिया।
उन्होंने कहा,
“अवैध ई-फार्मेसी संचालन तेजी से बढ़ रहा है, जिससे पारंपरिक दवा वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है और जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा हो रहा है।”
बिना वैध पर्ची के दवाइयां बेचने का आरोप
राम प्रसाद गोयल ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना पंजीकृत डॉक्टरों की वैध पर्ची के दवाइयां बेची जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि इससे दवाओं के गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ रहा है।
AI आधारित फर्जी पर्चियों पर भी चिंता
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने AI से तैयार होने वाली फर्जी पर्चियों और स्लिप्स के दुरुपयोग पर भी गंभीर चिंता जताई।
उनका कहना है कि:
- प्रतिबंधित दवाइयां
- नियंत्रित बिक्री वाले उत्पाद
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिना उचित सत्यापन के आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।
ई-फार्मेसी नियमों को लेकर उठाए सवाल
एसोसिएशन ने ई-फार्मेसी संचालन से जुड़े नियमों और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त और स्पष्ट नियम लागू करने की मांग की ताकि मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Key Highlights:
- करनाल में केमिस्टों की एक दिवसीय हड़ताल
- ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी के खिलाफ विरोध
- जिले के अधिकांश मेडिकल स्टोर रहे बंद
- मरीजों के लिए रोटेशन आधार पर कुछ दुकानें खुलीं
- AI आधारित फर्जी पर्चियों पर जताई चिंता
- बिना वैध पर्ची के दवा बिक्री का आरोप
FAQ Section:
Q1. करनाल में केमिस्टों ने हड़ताल क्यों की?
ऑनलाइन दवाइयों की बिक्री और ई-फार्मेसी के लिए उचित नियमों की कमी के विरोध में हड़ताल की गई।
Q2. क्या सभी मेडिकल स्टोर बंद रहे?
अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, लेकिन कुछ दुकानें रोटेशन आधार पर खुली रहीं।
Q3. मरीजों के लिए क्या व्यवस्था की गई?
निजी अस्पतालों के मेडिकल स्टोर और जन औषधि केंद्र खुले रखे गए।
Q4. केमिस्ट एसोसिएशन ने कौन-सी चिंता जताई?
AI आधारित फर्जी पर्चियों और बिना वैध प्रिस्क्रिप्शन दवा बिक्री को लेकर चिंता जताई गई।
Q5. ई-फार्मेसी को लेकर क्या मांग की गई?
सरकार से ऑनलाइन दवा बिक्री के लिए सख्त नियम और निगरानी व्यवस्था लागू करने की मांग की गई।
Conclusion:
करनाल में केमिस्टों की यह हड़ताल ऑनलाइन दवा बिक्री को लेकर बढ़ती चिंताओं को दर्शाती है। दवा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ई-फार्मेसी सेक्टर में मजबूत नियमन की मांग लगातार तेज हो रही है। आने वाले समय में सरकार के कदम इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

