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365 दिन में 999 किरदारों की तलाश पर निकले अभिनेता-निर्देशक प्रवीण हिंगोनिया, ‘यात्राग्राम’ से दिखाएंगे भारत की विविधता
देशभर की संस्कृति, जीवनशैली और मानवीय भावनाओं को फिल्म में उतारने के लिए अनोखे मिशन पर निकले अभिनेता-फिल्ममेकर
अभिनेता और फिल्म निर्माता प्रवीण हिंगोनिया 365 दिनों की देशव्यापी ‘यात्राग्राम’ यात्रा पर हैं। इस दौरान वे भारत के अलग-अलग राज्यों से 999 वास्तविक किरदारों और मानवीय अनुभवों को अपनी आगामी फिल्म परियोजना के लिए तलाश रहे हैं।
365 दिन की अनोखी यात्रा पर निकले प्रवीण हिंगोनिया
अभिनेता और फिल्म निर्माता प्रवीण हिंगोनिया इन दिनों देशभर में एक अनोखी यात्रा ‘यात्राग्राम’ पर निकले हुए हैं। इस विशेष अभियान का उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक विविधता, सामाजिक जीवन और मानवीय भावनाओं को करीब से समझना और उन्हें फिल्मी किरदारों के रूप में प्रस्तुत करना है।
हिंगोनिया का लक्ष्य 365 दिनों में देशभर से 999 अलग-अलग किरदारों की खोज करना है, जिन्हें वह अपनी आगामी फिल्म परियोजना में शामिल करना चाहते हैं।
2027 में पूरी होगी फिल्म परियोजना
प्रवीण हिंगोनिया ने बताया कि यात्रा के दौरान किए गए अवलोकनों और अनुभवों को 2027 में यात्रा पूरी होने के बाद फिल्म के रूप में तैयार किया जाएगा। हालांकि, उनका कहना है कि लोगों की कहानियां और अनुभव अभी से उनके भीतर संवाद करने लगे हैं।अहमदगढ़ स्थित एमजीएमएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित एक सेमिनार के दौरान उन्होंने कहा कि लोगों से बातचीत और सामाजिक आयोजनों में शामिल होकर उन्हें भारत की वास्तविक तस्वीर देखने का अवसर मिल रहा है।
पंजाबी माताओं की सोच से प्रभावित हुए हिंगोनिया
राजस्थान में जन्मे और वर्तमान में मुंबई में रह रहे प्रवीण हिंगोनिया ने कहा कि वह पंजाबी माताओं के बच्चों के पालन-पोषण और शिक्षा के प्रति समर्पण से बेहद प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा था कि सामाजिक और सेवा संगठनों के कार्यक्रमों में जाकर वे लोगों की जीवनशैली को बेहतर समझ पाएंगे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उनसे उनके जीवन अनुभव साझा करने का आग्रह किया।
‘नवरस कथा कोलाज’ से मिली पहचान
प्रवीण हिंगोनिया इससे पहले ‘नवरस कथा कोलाज’ नामक फिल्म बना चुके हैं। इस फिल्म में उन्होंने नौ अलग-अलग किरदार निभाए थे और सामाजिक बुराइयों जैसे लैंगिक भेदभाव, अशिक्षा, घरेलू हिंसा, तलाक और छेड़छाड़ जैसे मुद्दों को उठाया था।
अब वह अपनी नई परियोजना में 999 किरदार खुद निभाने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेकअप आर्टिस्ट और निर्देशक उनकी इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने में मदद करेंगे।
रेलवे स्टेशन और बाजार बन रहे किरदारों की खोज का केंद्र
हिंगोनिया पिछले 112 दिनों से लगातार देशभर में घूमते हुए लोगों के व्यवहार, भावनाओं और जीवनशैली का अध्ययन कर रहे हैं। उनके साथ हमेशा कॉलर माइक्रोफोन, सेल्फी स्टिक, मोबाइल कैमरा और जरूरी सामान से भरा बैग रहता है।
रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, धार्मिक स्थल, ऐतिहासिक इमारतें और भीड़भाड़ वाले बाजार उनके पसंदीदा स्थान हैं, जहां वह अपने संभावित किरदारों की तलाश करते हैं।
Key Highlights:
- प्रवीण हिंगोनिया 365 दिन की ‘यात्राग्राम’ यात्रा पर निकले
- आगामी फिल्म के लिए 999 किरदारों की खोज कर रहे हैं
- भारत की संस्कृति और विविधता को फिल्म में दिखाने की योजना
- ‘नवरस कथा कोलाज’ में निभा चुके हैं 9 किरदार
- रेलवे स्टेशन और बाजारों में लोगों का अवलोकन कर रहे हैं
- 2027 में फिल्म परियोजना पूरी होने की संभावना
FAQ Section:
Q1. प्रवीण हिंगोनिया कौन हैं?
प्रवीण हिंगोनिया अभिनेता और फिल्म निर्माता हैं, जो सामाजिक विषयों पर आधारित फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।
Q2. ‘यात्राग्राम’ क्या है?
‘यात्राग्राम’ प्रवीण हिंगोनिया की 365 दिनों की देशव्यापी यात्रा है, जिसमें वे 999 किरदारों की तलाश कर रहे हैं।
Q3. इस यात्रा का उद्देश्य क्या है?
इस यात्रा का उद्देश्य भारत की विविध संस्कृति, समाज और मानवीय अनुभवों को समझकर फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत करना है।
Q4. प्रवीण हिंगोनिया की चर्चित फिल्म कौन-सी है?
उनकी चर्चित फिल्म ‘नवरस कथा कोलाज’ है, जिसमें उन्होंने नौ अलग-अलग किरदार निभाए थे।
Q5. फिल्म कब तक रिलीज हो सकती है?
हिंगोनिया के अनुसार यात्रा 2027 में पूरी होने के बाद फिल्म परियोजना पर अंतिम काम किया जाएगा।
Conclusion:
प्रवीण हिंगोनिया की ‘यात्राग्राम’ केवल एक यात्रा नहीं बल्कि भारत की आत्मा को समझने और उसे कला के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास है। 999 किरदारों की यह खोज भारतीय समाज की विविधता, भावनाओं और संस्कृति को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत कर सकती है।

