- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री ट्रेनिंग पर जोर, छात्रों को नौकरी के लिए तैयार कर...
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री ट्रेनिंग पर जोर, छात्रों को नौकरी के लिए तैयार करेगा AEDP
कुलपति सोम नाथ सचदेवा बोले- शिक्षा और इंडस्ट्री की जरूरतों के बीच की दूरी कम करना समय की मांग, 11 इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम पहले से संचालित
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंडस्ट्री एक्सपोजर देने पर जोर दे रही है। यूनिवर्सिटी ने Apprenticeship Embedded Degree Programme के तहत 11 कार्यक्रम शुरू किए हैं और अगले साल 10 नए कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।
आज के बदलते रोजगार बाजार में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं माना जा रहा है। छात्रों के लिए तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक अनुभव और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करना भी महत्वपूर्ण हो गया है। इसी दिशा में शैक्षणिक संस्थान पारंपरिक कक्षा आधारित शिक्षा के साथ इंडस्ट्री एक्सपोजर, इंटर्नशिप, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और करियर गाइडेंस पर भी ध्यान दे रहे हैं।
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी भी छात्रों को पढ़ाई के साथ वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव देने की दिशा में काम कर रही है। यूनिवर्सिटी के कुलपति सोम नाथ सचदेवा के अनुसार शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना वर्तमान समय की जरूरत है।
AEDP के जरिए शिक्षा और इंडस्ट्री के बीच दूरी कम करने की पहल
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने छात्रों को अकादमिक डिग्री के साथ व्यावहारिक इंडस्ट्री अनुभव देने के लिए Apprenticeship Embedded Degree Programme (AEDP) शुरू किया है।कुलपति सोम नाथ सचदेवा के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को तकनीकी दक्षता, व्यावहारिक अनुभव और रोजगार से जुड़े कौशल प्रदान करना है, ताकि डिग्री पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी की दुनिया में प्रवेश करने में आसानी हो।
उन्होंने बताया कि AEDP के तहत संचालित कार्यक्रमों को पारंपरिक पाठ्यक्रमों की तुलना में अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है।
11 इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम संचालित
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी वर्तमान में AEDP के तहत 11 इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम चला रही है। यूनिवर्सिटी अगले वर्ष 10 और नए कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी कर रही है।
इन नए कार्यक्रमों में भाषाओं और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों पर भी ध्यान दिया जाएगा। यूनिवर्सिटी का उद्देश्य छात्रों को बदलते वैश्विक रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना है।
इंडस्ट्री के साथ बढ़ाया जा रहा सहयोग
कुलपति के अनुसार यूनिवर्सिटी ने पिछले कुछ वर्षों में इंडस्ट्री के साथ कई MoU और समझौते किए हैं। इनका उद्देश्य छात्रों को अप्रेंटिसशिप और वास्तविक कार्यक्षेत्र का अनुभव उपलब्ध कराना है।
इंडस्ट्री की ओर से भी इन कार्यक्रमों को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलने की बात कही गई है।
छात्रों को डिग्री के दौरान नौकरी का अवसर
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के अनुसार यदि किसी छात्र को डिग्री पूरी होने से पहले नौकरी मिल जाती है तो उसे नौकरी जॉइन करने की अनुमति दी जा सकती है। ऐसे मामलों में उपस्थिति को लेकर भी आवश्यक छूट का प्रावधान रखा गया है।
यूनिवर्सिटी का कहना है कि इन कार्यक्रमों का अंतिम उद्देश्य छात्रों को रोजगार के लिए तैयार करना है।
पाठ्यक्रम में इंडस्ट्री विशेषज्ञों की भूमिका
यूनिवर्सिटी ने अपने पाठ्यक्रम को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए Boards of Studies में दो विशेषज्ञों को शामिल करने का निर्णय लिया है। इनमें एक इंडस्ट्री विशेषज्ञ और एक यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र यानी alumnus होंगे।
इन विशेषज्ञों से पाठ्यक्रम पर फीडबैक लिया जाएगा और जरूरत के अनुसार बदलाव सुझाए जाएंगे।
छात्रों को कंपनी के कामकाज की पूरी जानकारी देने पर जोर
कुलपति ने बताया कि इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रमों में छात्रों को केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। उन्हें कंपनी के पूरे मैनेजमेंट सिस्टम को समझने, सप्लाई चेन का अध्ययन करने और प्रशिक्षण देने वाली कंपनी के कामकाज को करीब से जानने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इसका उद्देश्य छात्रों को डिग्री पूरी होने से पहले ही कार्यस्थल की वास्तविक परिस्थितियों से परिचित कराना है।
इंडस्ट्री लिंक्ड कोर्स में बढ़ रहा एडमिशन
यूनिवर्सिटी के अनुसार पारंपरिक पाठ्यक्रमों की तुलना में इंडस्ट्री से जुड़े कार्यक्रमों में दाखिले का रुझान बढ़ रहा है।
यूनिवर्सिटी का मानना है कि एडमिशन का यह ट्रेंड छात्रों की रोजगार संबंधी प्राथमिकताओं और इंडस्ट्री की बदलती जरूरतों को भी दर्शाता है।
Key Highlights:
- कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी ने Apprenticeship Embedded Degree Programme शुरू किया है।
- AEDP के तहत वर्तमान में 11 इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम संचालित हो रहे हैं।
- अगले वर्ष 10 नए कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है।
- नए कार्यक्रमों में भाषाओं और सामाजिक विज्ञान पर भी फोकस किया जाएगा।
- छात्रों को डिग्री के साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और इंडस्ट्री एक्सपोजर दिया जा रहा है।
- यूनिवर्सिटी ने इंडस्ट्री के साथ कई MoU और समझौते किए हैं।
- Boards of Studies में इंडस्ट्री विशेषज्ञ और पूर्व छात्र को शामिल किया जा रहा है।
- छात्रों को कंपनी के मैनेजमेंट और सप्लाई चेन को समझने का अवसर दिया जा रहा है।
- इंडस्ट्री लिंक्ड कार्यक्रमों में एडमिशन का रुझान बढ़ने की बात यूनिवर्सिटी ने कही है।
FAQ Section:
सवाल: AEDP क्या है?
जवाब: AEDP यानी Apprenticeship Embedded Degree Programme ऐसा कार्यक्रम है जिसमें छात्रों को डिग्री की पढ़ाई के साथ इंडस्ट्री में व्यावहारिक प्रशिक्षण और अप्रेंटिसशिप का अवसर दिया जाता है।
सवाल: कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में AEDP के तहत कितने कार्यक्रम चल रहे हैं?
जवाब: यूनिवर्सिटी के कुलपति के अनुसार वर्तमान में AEDP के तहत 11 इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
सवाल: क्या कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी नए इंडस्ट्री आधारित कार्यक्रम शुरू करेगी?
जवाब: हां। यूनिवर्सिटी अगले वर्ष 10 और कार्यक्रम शुरू करने की योजना पर काम कर रही है, जिनमें भाषाओं और सामाजिक विज्ञान से जुड़े कार्यक्रम भी शामिल होंगे।
सवाल: क्या छात्रों को डिग्री पूरी होने से पहले नौकरी करने की अनुमति है?
जवाब: यूनिवर्सिटी के अनुसार यदि किसी छात्र को डिग्री पूरी होने से पहले नौकरी मिल जाती है तो उसे नौकरी जॉइन करने की अनुमति दी जा सकती है और उपस्थिति में आवश्यक छूट दी जा सकती है।
सवाल: इंडस्ट्री विशेषज्ञों को पाठ्यक्रम में क्यों शामिल किया जा रहा है?
जवाब: इंडस्ट्री विशेषज्ञों और पूर्व छात्रों से पाठ्यक्रम को लेकर फीडबैक लिया जाएगा, ताकि जरूरत के अनुसार इसमें बदलाव किए जा सकें और इसे रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अधिक अनुरूप बनाया जा सके।
Conclusion:
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी छात्रों की पारंपरिक अकादमिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और इंडस्ट्री एक्सपोजर को जोड़ने पर जोर दे रही है। AEDP जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को डिग्री के साथ रोजगार से जुड़े कौशल और कार्यक्षेत्र का अनुभव देने की कोशिश की जा रही है। यूनिवर्सिटी की ओर से नए कार्यक्रमों और इंडस्ट्री सहयोग का विस्तार करने की योजना उच्च शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और रोजगार केंद्रित बनाने की दिशा में एक कदम है।
