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सिरसा में छात्राओं को डिजिटल तकनीक के सही इस्तेमाल की सलाह, बोलीं मीना परमार- शिक्षा और कौशल पर दें ध्यान
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में छात्राओं से संवाद किया, सोशल मीडिया के सीमित और सकारात्मक उपयोग पर दिया जोर
सिरसा में आयोजित छात्र संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम में हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने छात्राओं से सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का समझदारी से इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
डिजिटल दौर में सोशल मीडिया और तकनीक युवाओं के लिए अवसरों के साथ कई चुनौतियां भी लेकर आई हैं। ऐसे में छात्राओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल सोच-समझकर करने और अपनी शिक्षा, कौशल तथा भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी गई है।
हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने सिरसा स्थित चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के टैगोर एक्सटेंशन हॉल में आयोजित छात्र संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए छात्राओं से यह अपील की।
सोशल मीडिया का समझदारी से करें इस्तेमाल
मीना परमार ने छात्राओं से कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जरूरत से ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए। तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने, नए कौशल सीखने और व्यक्तित्व विकास के लिए किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि तकनीक तभी उपयोगी है, जब उसका इस्तेमाल व्यक्तिगत विकास के साथ समाज के हित में भी योगदान देने के लिए किया जाए।
डिजिटल तकनीक के अवसरों का उठाएं लाभ
उन्होंने छात्राओं को डिजिटल माध्यमों के सकारात्मक पहलुओं को अपनाने की सलाह दी। उनके अनुसार इंटरनेट और सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल नई जानकारी हासिल करने, कौशल विकसित करने और अपने करियर के लिए नए अवसर तलाशने में मदद कर सकता है।
शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं
महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करके रोजगार प्राप्त करना नहीं है। शिक्षा व्यक्ति में आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती है।
उन्होंने छात्राओं से अनुशासन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही महिलाएं
मीना परमार ने कहा कि महिलाएं आज शिक्षा, प्रशासन, विज्ञान, खेल, व्यापार और अन्य कई क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।
उन्होंने छात्राओं से उपलब्ध अवसरों का पूरा लाभ उठाने और भविष्य में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में लगातार प्रयास करने को कहा।
कौशल विकास पर भी फोकस जरूरी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल विकसित करने और अपने भविष्य के लक्ष्यों को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण रखने की सलाह दी गई।
उन्होंने कहा कि आत्मविश्वास, कौशल और सकारात्मक सोच के साथ छात्राएं अपने लिए बेहतर अवसर तैयार कर सकती हैं।
Key Highlights:
- सिरसा में छात्र संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
- कार्यक्रम में हरियाणा राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष मीना परमार ने छात्राओं को संबोधित किया।
- छात्राओं को सोशल मीडिया का सीमित और सकारात्मक इस्तेमाल करने की सलाह दी गई।
- डिजिटल तकनीक का उपयोग ज्ञान और कौशल बढ़ाने के लिए करने पर जोर दिया गया।
- शिक्षा को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं बताया गया।
- आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी को शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
- छात्राओं से आत्मनिर्भर बनने और उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की गई।
FAQ Section:
सवाल: मीना परमार ने छात्राओं को क्या सलाह दी?
जवाब: उन्होंने छात्राओं को सोशल मीडिया और डिजिटल तकनीक का समझदारी से इस्तेमाल करने तथा शिक्षा, कौशल विकास और भविष्य के लक्ष्यों पर ध्यान देने की सलाह दी।
सवाल: कार्यक्रम कहां आयोजित किया गया?
जवाब: छात्र संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा के टैगोर एक्सटेंशन हॉल में आयोजित किया गया।
सवाल: डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किस तरह करना चाहिए?
जवाब: डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने, नए कौशल सीखने, व्यक्तित्व विकास और करियर से जुड़े अवसरों की जानकारी हासिल करने के लिए किया जा सकता है।
सवाल: मीना परमार ने शिक्षा के बारे में क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है। यह आत्मविश्वास, निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में भी मदद करती है।
Conclusion:
सिरसा में आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं को डिजिटल तकनीक के सकारात्मक इस्तेमाल के साथ शिक्षा और कौशल विकास पर ध्यान देने का संदेश दिया गया। मीना परमार ने छात्राओं से आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने तथा उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की।
