Central Jail में DLSA की जांच, जातिगत भेदभाव का कोई मामला नहीं मिला

District and Sessions Judge Jatinder Kaur ने जेल का किया निरीक्षण, कैदियों की सुविधाओं और शिकायतों का भी लिया जायजा

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District and Sessions Judge एवं DLSA Chairperson Jatinder Kaur ने Central Jail का निरीक्षण किया। जांच के दौरान जातिगत भेदभाव या किसी बड़ी अनियमितता का मामला सामने नहीं आया।

Central Jail में DLSA टीम का निरीक्षण

District and Sessions Judge-cum-Chairperson of the District Legal Services Authority (DLSA) Jatinder Kaur ने आज Central Jail का निरीक्षण किया। इस दौरान जेल में कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान जाति के आधार पर भेदभाव या किसी अन्य गंभीर अनियमितता का मामला सामने नहीं आया।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत हुई जांच

यह निरीक्षण सुप्रीम कोर्ट के Sukanya Shantha बनाम Union of India मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किया गया। इन निर्देशों के तहत जेलों में नियमित निरीक्षण कर जातिगत भेदभाव और अन्य भेदभावपूर्ण प्रथाओं की जांच करने की व्यवस्था की गई है।

जेल की अलग-अलग इकाइयों का लिया जायजा

DLSA सचिव Amardeep Singh Bains और अन्य अधिकारियों ने जेल की विभिन्न इकाइयों का निरीक्षण किया। टीम ने बैरकों, लंगर और रसोई, OOATS, इंटरनी कैंप, महिला वार्ड, हाई-सिक्योरिटी सेल और जेल अस्पताल का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान कैदियों के लिए उपलब्ध स्वच्छता, रहने की व्यवस्था, भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समीक्षा की गई।

कैदियों से बातचीत कर सुनी समस्याएं

निरीक्षण बोर्ड ने जेल में बंद कैदियों से भी बातचीत की और उनकी शिकायतों तथा कल्याण से जुड़ी चिंताओं को सुना।

अधिकारियों के अनुसार, किसी भी कैदी ने जातिगत भेदभाव या अन्य भेदभावपूर्ण व्यवहार की शिकायत नहीं की। निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई बड़ी कमी भी सामने नहीं आई, जिस पर तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता हो।

जेल प्रशासन को दिए जरूरी निर्देश

जेल प्रशासन को निर्देश दिए गए कि किसी भी कैदी के साथ जाति, लिंग, दिव्यांगता या किसी अन्य प्रतिबंधित आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

इसके अलावा अधिकारियों को जेल में स्वच्छता बनाए रखने, भोजन की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और चिकित्सा सुविधाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

कैदियों की वैध शिकायतों पर संवेदनशीलता और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करने की सलाह भी दी गई।

Key Highlights:

  • DLSA Chairperson Jatinder Kaur ने Central Jail का निरीक्षण किया।
  • निरीक्षण में जातिगत भेदभाव का कोई मामला सामने नहीं आया।
  • किसी बड़ी अनियमितता की भी जानकारी नहीं मिली।
  • सुप्रीम कोर्ट के Sukanya Shantha बनाम Union of India मामले के निर्देशों के तहत जांच हुई।
  • जेल की बैरक, रसोई, महिला वार्ड, हाई-सिक्योरिटी सेल और अस्पताल का निरीक्षण किया गया।
  • कैदियों से बातचीत कर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनी गईं।
  • जेल प्रशासन को भेदभाव रोकने और मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

FAQ Section:

Q1. Central Jail का निरीक्षण किसने किया?
उत्तर: District and Sessions Judge एवं DLSA Chairperson Jatinder Kaur ने Central Jail का निरीक्षण किया।

Q2. निरीक्षण में क्या सामने आया?
उत्तर: निरीक्षण के दौरान जातिगत भेदभाव या किसी अन्य बड़ी अनियमितता का मामला सामने नहीं आया।

Q3. निरीक्षण किन निर्देशों के तहत किया गया?
उत्तर: निरीक्षण सुप्रीम कोर्ट के Sukanya Shantha बनाम Union of India मामले में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में किया गया।

Q4. जेल में किन सुविधाओं की जांच की गई?
उत्तर: स्वच्छता, आवास, भोजन, सुरक्षा, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

Q5. जेल प्रशासन को क्या निर्देश दिए गए?
उत्तर: कैदियों के साथ जाति, लिंग, दिव्यांगता या अन्य प्रतिबंधित आधार पर भेदभाव न करने तथा स्वच्छता, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए गए।

Conclusion:

Central Jail के निरीक्षण के दौरान जातिगत भेदभाव या किसी बड़ी अनियमितता का मामला सामने नहीं आया। DLSA टीम ने कैदियों की सुविधाओं और शिकायतों की समीक्षा करते हुए जेल प्रशासन को भेदभाव से बचने तथा स्वच्छता, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा सेवाओं की उचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।Screenshot_234

Edited By: Atul Sharma

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