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छपार मेले में आज सजेगा सियासी मंच, SAD और ‘वारिस पंजाब दे’ के बीच पंथक वोटों की जंग
सुखबीर बादल की अगुवाई में SAD और अमृतपाल सिंह के नेतृत्व वाले ‘वारिस पंजाब दे’ के बीच शक्ति प्रदर्शन पर नजर, दाखा विधायक मनप्रीत अयाली की भूमिका भी अहम
लुधियाना के ऐतिहासिक छपार मेले में इस बार सियासी गतिविधियों का केंद्र शिरोमणि अकाली दल और अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ रहेंगे। दोनों दल पंथक मतदाताओं के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ दिखाने की कोशिश करेंगे।
पंजाब की राजनीति में ऐतिहासिक महत्व रखने वाला छपार मेला इस बार राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से खास रहने वाला है। 26 सितंबर को होने वाले मेले में शिरोमणि अकाली दल (SAD) और अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के बीच शक्ति प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी। दोनों दलों की गतिविधियां खास तौर पर पंथक मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखी जा रही हैं।
इस बार आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस और भाजपा की ओर से बड़े राजनीतिक सम्मेलन आयोजित नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में छपार मेले का राजनीतिक फोकस मुख्य रूप से SAD और ‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यक्रमों पर रहने की संभावना है।
SAD के लिए ग्रामीण आधार मजबूत करने की चुनौती
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की अगुवाई वाला SAD छपार मेले के मंच को अपने पारंपरिक ग्रामीण और पंथक आधार से दोबारा जुड़ने के अवसर के रूप में देख रहा है।पार्टी के ग्रामीण समर्थन आधार को 2015 के बहिबल कलां और बरगाड़ी बेअदबी मामलों तथा इसके बाद हुई पुलिस फायरिंग की घटनाओं के बाद राजनीतिक नुकसान का सामना करना पड़ा था। अब पार्टी आगामी 2027 विधानसभा चुनावों से पहले अपने संगठन और समर्थन आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
‘वारिस पंजाब दे’ के लिए अमृतपाल सिंह केंद्र में
दूसरी ओर, ‘वारिस पंजाब दे’ की राजनीतिक गतिविधियों में खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की भूमिका प्रमुख बनी हुई है। अमृतपाल सिंह वर्तमान में डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।
पार्टी पंजाब में अपना राजनीतिक आधार बढ़ाने की कोशिश कर रही है। हाल के महीनों में संगठन से जुड़े राजनीतिक चेहरों की संख्या भी बढ़ी है।
मनप्रीत सिंह अयाली की भूमिका पर भी नजर
छपार मेला दाखा विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस कारण दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली की भूमिका भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हो गई है।
अयाली लंबे समय तक SAD से जुड़े रहे, लेकिन जून 2026 में उन्होंने ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ जाने का फैसला किया। इसके बाद वह इस संगठन के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए।
इस बदलाव के कारण छपार मेले में अयाली की मौजूदगी और राजनीतिक गतिविधियां खास तौर पर चर्चा में हैं। वह अब उस संगठन के साथ हैं जो SAD के पारंपरिक पंथक राजनीतिक आधार में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा है।
अयाली ने SAD नेतृत्व पर उठाए थे सवाल
अयाली पिछले कुछ समय से सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व और SAD की आंतरिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने पार्टी में आंतरिक सुधार और नेतृत्व में बदलाव की मांग भी की थी।
वहीं, ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता के तौर पर अयाली ने पंथक मुद्दों और पंजाब से जुड़े मुद्दों को अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं में शामिल बताया है।
SAD और ‘वारिस पंजाब दे’ के बीच आरोप-प्रत्यारोप
SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने ‘वारिस पंजाब दे’ पर पंथक राजनीति को लेकर आरोप लगाए हैं। SAD नेताओं का दावा रहा है कि यह संगठन पारंपरिक अकाली वोट आधार को प्रभावित कर रहा है।
दूसरी ओर, ‘वारिस पंजाब दे’ के नेता SAD की मौजूदा राजनीति और नेतृत्व पर सवाल उठाते रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पंथक मुद्दों और पंजाब की राजनीतिक दिशा को लेकर बयानबाजी पिछले कुछ समय में तेज हुई है।
छपार मेले में किसका कितना जुटेगा समर्थन?
छपार मेला लंबे समय से धार्मिक और सामाजिक आयोजन के साथ-साथ पंजाब की ग्रामीण राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण मंच रहा है। चुनावी वर्षों में राजनीतिक दल यहां बड़े सम्मेलन और शक्ति प्रदर्शन करते रहे हैं।
इस बार दोनों प्रमुख सिख-केंद्रित राजनीतिक संगठनों की गतिविधियों के बीच उनके कार्यक्रमों में जुटने वाली भीड़, कार्यकर्ताओं की लामबंदी और नेताओं के भाषणों पर विशेष नजर रहेगी।
Key Highlights:
- छपार मेला 26 सितंबर को लुधियाना में आयोजित हो रहा है।
- इस बार SAD और ‘वारिस पंजाब दे’ के बीच राजनीतिक गतिविधियां प्रमुख रहेंगी।
- सुखबीर सिंह बादल SAD की अगुवाई कर रहे हैं।
- ‘वारिस पंजाब दे’ की राजनीति में अमृतपाल सिंह प्रमुख चेहरा हैं।
- अमृतपाल सिंह वर्तमान में डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।
- दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली जून 2026 में ‘वारिस पंजाब दे’ से जुड़े थे।
- छपार मेला दाखा विधानसभा क्षेत्र में आता है।
- 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले दोनों संगठनों की गतिविधियां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।
FAQ Section:
सवाल: छपार मेला कहां आयोजित होता है?
जवाब: छपार मेला पंजाब के लुधियाना जिले के छपार क्षेत्र में आयोजित होने वाला ऐतिहासिक धार्मिक और सामाजिक मेला है।
सवाल: इस बार छपार मेले में किन राजनीतिक दलों की गतिविधियां प्रमुख हैं?
जवाब: इस वर्ष शिरोमणि अकाली दल और अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ की राजनीतिक गतिविधियां प्रमुख रहने वाली हैं।
सवाल: मनप्रीत सिंह अयाली किस पार्टी से जुड़े हैं?
जवाब: दाखा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली जून 2026 में ‘वारिस पंजाब दे’ के साथ जुड़े थे। इससे पहले वह SAD से जुड़े रहे थे।
सवाल: अमृतपाल सिंह की वर्तमान स्थिति क्या है?
जवाब: अमृतपाल सिंह, जो खडूर साहिब से सांसद हैं, वर्तमान में डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।
सवाल: छपार मेले का राजनीतिक महत्व क्यों है?
जवाब: छपार मेला बड़े ग्रामीण जनसमूह को आकर्षित करता है और लंबे समय से राजनीतिक दलों के लिए कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों से संवाद और शक्ति प्रदर्शन का मंच रहा है।
Conclusion:
छपार मेले में इस बार SAD और ‘वारिस पंजाब दे’ की राजनीतिक मौजूदगी पंजाब की पंथक राजनीति में जारी प्रतिस्पर्धा को सामने ला रही है। सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाला SAD अपने पारंपरिक आधार को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है, जबकि अमृतपाल सिंह से जुड़े ‘वारिस पंजाब दे’ का विस्तार जारी है। मनप्रीत सिंह अयाली के राजनीतिक बदलाव ने भी इस मुकाबले को स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण बना दिया है। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले छपार मेले में दोनों पक्षों की राजनीतिक गतिविधियां पंजाब की आगामी राजनीतिक बहस के लिए महत्वपूर्ण संकेत दे सकती हैं।
