- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- अंबाला में धान खरीद की सीमा को लेकर किसानों का धरना, 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग
अंबाला में धान खरीद की सीमा को लेकर किसानों का धरना, 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) ने मंडी में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारे लगाए, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला भी फूंका
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के बैनर तले किसानों ने धान खरीद में आ रही कथित दिक्कतों के विरोध में धरना दिया। किसानों ने प्रति एकड़ खरीद सीमा 26.26 से बढ़ाकर 32 क्विंटल करने की मांग की।
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में रविवार को भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के नेतृत्व में किसानों ने धान खरीद सीजन के दौरान सामने आ रही कथित परेशानियों के विरोध में धरना दिया। प्रदर्शनकारी किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंका।
किसानों का मुख्य विरोध धान खरीद पर लगाई गई सीमा को लेकर है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि सरकार मौजूदा खरीद सीमा को बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करे, ताकि किसानों को अपनी पूरी फसल बेचने में परेशानी न हो।
धान खरीद में दिक्कतों को लेकर किसानों का प्रदर्शन
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के आह्वान पर जिले की विभिन्न अनाज मंडियों में किसानों ने प्रदर्शन किया। अंबाला कैंट की मंडी में भी बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे और सरकार से धान खरीद व्यवस्था को सुचारू बनाने की मांग की।किसानों का आरोप है कि धान खरीद सीजन शुरू होने के बावजूद बड़ी संख्या में किसानों का ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ (MFMB) पोर्टल पर सत्यापन अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
MFMB सत्यापन में देरी से किसानों की परेशानी
भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि किसान लंबे समय से सरकार से धान खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने की मांग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में किसानों का MFMB पोर्टल पर सत्यापन लंबित होने के कारण उन्हें अपनी फसल बेचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपने रिकॉर्ड का सत्यापन कराने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। संगठन ने अधिकारियों से सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने की मांग की है।
26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा पर नाराजगी
किसान नेता गुरमीत सिंह माजरी के अनुसार, इस वर्ष सरकार ने धान खरीद के लिए 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा निर्धारित की है। किसान संगठन ने इस सीमा को स्वीकार करने से इनकार करते हुए इसे बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खरीद सीमा में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी उपज बेचने में राहत मिलेगी और मंडियों में खरीद प्रक्रिया से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं।
सरकार से सत्यापन प्रक्रिया तेज करने की मांग
किसान संगठन ने मांग की कि लंबित MFMB रिकॉर्ड का जल्द सत्यापन किया जाए और धान खरीद प्रक्रिया में किसानों को अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
किसानों ने स्पष्ट किया कि धान खरीद के दौरान पंजीकरण और सत्यापन में देरी का सीधा असर उनकी फसल की बिक्री पर पड़ रहा है।
Key Highlights:
- अंबाला कैंट अनाज मंडी में किसानों ने धान खरीद को लेकर धरना दिया।
- प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के बैनर तले हुआ।
- किसानों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का पुतला फूंका।
- धान खरीद की सीमा 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग।
- किसानों ने MFMB पोर्टल पर लंबित सत्यापन जल्द पूरा करने की मांग की।
- किसान संगठन के अनुसार सत्यापन में देरी से फसल बेचने में परेशानी हो रही है।
- संगठन ने जिले की अन्य अनाज मंडियों में भी विरोध प्रदर्शन किए।
FAQ Section:
अंबाला में किसानों ने किस मुद्दे को लेकर धरना दिया?
किसानों ने धान खरीद के दौरान सामने आ रही कथित परेशानियों, MFMB पोर्टल पर लंबित सत्यापन और खरीद सीमा को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
किसान धान खरीद की सीमा कितनी करने की मांग कर रहे हैं?
किसान संगठन ने मौजूदा 26.26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा को बढ़ाकर 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की है।
MFMB पोर्टल क्या है?
MFMB यानी मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर किसानों और उनकी फसलों से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है, जिसका सत्यापन खरीद प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होता है।
प्रदर्शन किस किसान संगठन ने किया?
प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के बैनर तले किया गया।
Conclusion:
अंबाला कैंट की अनाज मंडी में धान खरीद व्यवस्था को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन खरीद सीजन के दौरान सामने आ रही उनकी चिंताओं को सामने लाता है। किसान संगठन ने सरकार से MFMB सत्यापन प्रक्रिया में तेजी लाने और धान खरीद की सीमा 32 क्विंटल प्रति एकड़ करने की मांग की है। अब किसानों की मांगों पर सरकार और संबंधित विभाग की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।

