- Hindi News
- राज्य
- पंजाब
- योग को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं, बढ़ती उम्र में शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य रहेगा बेहतर: देसर...
योग को रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं, बढ़ती उम्र में शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य रहेगा बेहतर: देसराज गुप्ता
अमृतसर में BBK DAV कॉलेज में आयोजित योग प्रेरणा कैंप में भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने किया नई किताब ‘योग दर्शन-विभूति पाद’ का विमोचन
भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष देसराज गुप्ता ने कहा कि नियमित योग बढ़ती उम्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। उन्होंने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष देसराज गुप्ता ने रविवार को अमृतसर में आयोजित एक योग शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित रूप से योग करने से लोग बढ़ती उम्र में भी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में मदद पा सकते हैं।
यह योग प्रेरणा कैंप BBK DAV कॉलेज में 60वें योग दिवस समारोह के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान देसराज गुप्ता ने अपनी नई पुस्तक ‘योग दर्शन – विभूति पाद’ का भी विमोचन किया।
बढ़ती उम्र में योग के महत्व पर जोर
देसराज गुप्ता ने कहा कि उम्र बढ़ना एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन नियमित योग शारीरिक और मानसिक क्षमताओं में उम्र के साथ आने वाली गिरावट को धीमा करने में मदद कर सकता है।उन्होंने कहा कि रिटायरमेंट के बाद कई लोग अपनी शारीरिक गतिविधियां कम कर देते हैं। कम सक्रिय जीवनशैली के कारण शरीर की कार्यक्षमता में गिरावट तेजी से हो सकती है।
नियमित योग से सक्रिय रहने की अपील
गुप्ता ने लोगों से नियमित रूप से योग करने और सक्रिय जीवनशैली बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि योग को केवल किसी विशेष आयु वर्ग या बीमारी से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन की दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
उम्र से जुड़ी समस्याओं के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण जरूरी
भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बढ़ती उम्र के साथ होने वाली स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना योग और वैज्ञानिक समझ के आधार पर किया जाना चाहिए।
उन्होंने लोगों को अंधविश्वास से बचने की सलाह देते हुए योग के प्रति जागरूक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
‘योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं’
देसराज गुप्ता ने कहा कि लोगों को योग को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करना चाहिए। नियमित अभ्यास शारीरिक सक्रियता बनाए रखने और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकता है।
1967 में हुई थी भारतीय योग संस्थान की स्थापना
कार्यक्रम में भारतीय योग संस्थान की गतिविधियों और विस्तार के बारे में भी जानकारी दी गई। देसराज गुप्ता के अनुसार, संस्थान की स्थापना 1967 में हुई थी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में संस्थान के 23 राज्यों में 4,600 से अधिक केंद्र हैं। इसके अलावा 10 देशों में 60 से अधिक केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।
लाखों लोग ले रहे हैं मुफ्त योग सत्रों का लाभ
गुप्ता के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से आयोजित होने वाले मुफ्त योग सत्रों से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य योग को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और इसे स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए जागरूकता बढ़ाना है।
Key Highlights:
- अमृतसर में BBK DAV कॉलेज में योग प्रेरणा कैंप आयोजित।
- कार्यक्रम 60वें योग दिवस समारोह के अवसर पर हुआ।
- भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष देसराज गुप्ता ने संबोधित किया।
- गुप्ता ने अपनी नई किताब ‘योग दर्शन – विभूति पाद’ जारी की।
- नियमित योग को बढ़ती उम्र में शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए उपयोगी बताया।
- रिटायरमेंट के बाद कम होती शारीरिक सक्रियता पर चिंता जताई।
- उम्र संबंधी समस्याओं से निपटने में योग और वैज्ञानिक समझ अपनाने की अपील।
- भारतीय योग संस्थान की स्थापना 1967 में हुई थी।
- संस्थान के 23 राज्यों में 4,600 से अधिक केंद्र होने की जानकारी दी गई।
- 10 देशों में 60 से अधिक केंद्र संचालित होने का दावा।
FAQ Section:
योग प्रेरणा कैंप कहां आयोजित किया गया?
योग प्रेरणा कैंप BBK DAV कॉलेज, अमृतसर में आयोजित किया गया।
योग कैंप का आयोजन किस अवसर पर हुआ?
कैंप का आयोजन 60वें योग दिवस समारोह के अवसर पर किया गया।
कार्यक्रम में किस किताब का विमोचन हुआ?
देसराज गुप्ता ने अपनी नई पुस्तक ‘योग दर्शन – विभूति पाद’ का विमोचन किया।
बढ़ती उम्र में योग क्यों महत्वपूर्ण बताया गया?
देसराज गुप्ता के अनुसार, नियमित योग बढ़ती उम्र के दौरान शारीरिक और मानसिक क्षमताओं में होने वाली गिरावट को धीमा करने में मदद कर सकता है।
भारतीय योग संस्थान की स्थापना कब हुई थी?
भारतीय योग संस्थान की स्थापना 1967 में हुई थी।
भारतीय योग संस्थान के कितने केंद्र हैं?
गुप्ता के अनुसार, संस्थान के भारत के 23 राज्यों में 4,600 से अधिक केंद्र और 10 देशों में 60 से अधिक केंद्र हैं।
Conclusion:
अमृतसर में आयोजित योग प्रेरणा कैंप में बढ़ती उम्र के दौरान स्वस्थ और सक्रिय जीवनशैली के लिए नियमित योग के महत्व पर जोर दिया गया। भारतीय योग संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष देसराज गुप्ता ने लोगों से योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और उम्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

