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परगट सिंह के पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर चन्नी का ‘सधे’ अंदाज, गुटबाजी के बीच हाईकमान के फैसले पर नजर
परगट सिंह संभालेंगे पंजाब कांग्रेस की कमान, चन्नी खेमे की अलग उम्मीदों के बीच संगठन में संतुलन बनाने की कोशिश
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष परगट सिंह के पदभार संभालने से पहले पार्टी के भीतर सियासी समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने नियुक्ति का स्वागत किया है, जबकि पार्टी के भीतर अलग-अलग गुटों की अपनी अपेक्षाएं सामने आई हैं।
पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के बाद पार्टी के अंदर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) का नया अध्यक्ष बनाए जाने के बाद वह इस सप्ताह पंजाब कांग्रेस भवन में औपचारिक रूप से जिम्मेदारी संभालने जा रहे हैं। Hindustan Times
परगट सिंह की नियुक्ति अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के इस्तीफे के बाद हुई है। यह बदलाव 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले हुआ है और ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश कांग्रेस में लंबे समय से अंदरूनी मतभेद और गुटीय खींचतान चर्चा में रही है। Hindustan Times
चन्नी ने हाईकमान के फैसले का किया समर्थन
पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने परगट सिंह की नियुक्ति का स्वागत किया है। उनके इस रुख को पार्टी नेतृत्व के साथ किसी नए टकराव से बचने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।हालांकि, पार्टी सूत्रों के अनुसार चन्नी खेमे में परगट सिंह की नियुक्ति को लेकर पूरी तरह संतोष नहीं था। सूत्रों का दावा है कि इस खेमे की प्राथमिकताओं में प्रदेश कांग्रेस संगठन में कुछ और बदलाव और वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देना शामिल था।
कार्यकारी अध्यक्षों को लेकर भी चर्चा
पार्टी के भीतर हुई चर्चाओं के दौरान चन्नी खेमे की ओर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी में एक वरिष्ठ हिंदू नेता को कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की मांग रखे जाने की बात सामने आई है।
फिलहाल संगत सिंह गिलजियां, सुखविंदर सिंह डैनी और राज कुमार वेरका कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इनमें गिलजियां OBC समुदाय से हैं, जबकि डैनी और वेरका दलित समुदाय से आते हैं।
सूत्रों के मुताबिक, चन्नी खेमे की ओर से आगामी उम्मीदवार चयन और स्क्रीनिंग कमेटी में टिकट वितरण के दौरान अपने राजनीतिक हितों को भी ध्यान में रखने की अपेक्षा जताई गई थी।
हाईकमान ने गुटों से अलग परगट सिंह पर जताया भरोसा
परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने को कांग्रेस हाईकमान के लिए एक ऐसा विकल्प माना जा रहा है, जिसकी अपनी राजनीतिक पहचान है और जो किसी एक प्रमुख गुट के साथ पूरी तरह जुड़ा हुआ नहीं माना जाता।
कांग्रेस ने पंजाब के प्रभारी में बदलाव के साथ राजा वड़िंग को भी प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया है। इसके बाद परगट सिंह को संगठन की कमान सौंपना पार्टी के भीतर विभिन्न नेताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। Hindustan Times
परगट सिंह की नियुक्ति के बाद पार्टी के अलग-अलग वरिष्ठ नेताओं की ओर से सार्वजनिक रूप से उन्हें बधाई दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं। The Statesman
चन्नी और रंधावा भी अध्यक्ष पद की दौड़ में थे
परगट सिंह की नियुक्ति से पहले पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद को लेकर कई नाम चर्चा में थे। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा भी प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे थे।
हालांकि, हाईकमान ने अंततः परगट सिंह के नाम पर फैसला किया। इससे पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश संगठन की कमान ऐसे नेता को दी, जिसकी अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान है और जो मुख्यमंत्री पद की दौड़ के मौजूदा प्रमुख चेहरों से अलग संगठनात्मक भूमिका निभा सकता है। Hindustan Times
राजा वड़िंग को पूरी तरह नजरअंदाज करना आसान नहीं
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बावजूद संगठन में उनकी भूमिका पूरी तरह खत्म नहीं मानी जा सकती।
वड़िंग ने अप्रैल 2022 से प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाली थी और इस दौरान उन्होंने संगठन में विभिन्न पदों पर नेताओं और पदाधिकारियों की नियुक्तियां कीं। ऐसे में आने वाले समय में उम्मीदवार चयन के दौरान उनके समर्थकों और राजनीतिक प्रभाव को भी ध्यान में रखा जा सकता है।
वड़िंग ने राहुल गांधी से मुलाकात के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे के बाद ही परगट सिंह को नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया। Hindustan Times
परगट सिंह के सामने संगठन को एकजुट करने की चुनौती
नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारियों में से एक पार्टी के अलग-अलग धड़ों के बीच समन्वय कायम करना और जमीनी संगठन को मजबूत करना होगी।
परगट सिंह पहले ही अलग-अलग गुटों को साथ लाने और संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की बात कह चुके हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बूथ स्तर तक पार्टी संगठन को सक्रिय करना उनके लिए अहम चुनौती होगी।
हॉकी मैदान से राजनीति तक लंबा सफर
परगट सिंह की पहचान राजनीति के साथ-साथ भारतीय हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी के तौर पर भी रही है। वह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान हैं और 1992 बार्सिलोना तथा 1996 अटलांटा ओलंपिक में भारत की कप्तानी कर चुके हैं।
वह जालंधर कैंट से तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने 2012 में शिरोमणि अकाली दल के टिकट पर चुनाव जीता था और 2016 में कांग्रेस में शामिल होने के बाद 2017 और 2022 में कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर सीट बरकरार रखी। Hindustan Times
Key Highlights:
- परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
- वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह जिम्मेदारी संभालेंगे। Hindustan Times
- पूर्व CM चरणजीत सिंह चन्नी ने नियुक्ति का स्वागत किया है।
- चन्नी खेमे की ओर से संगठन में और बदलाव की अपेक्षा की बात सामने आई है।
- सुखजिंदर सिंह रंधावा और चन्नी अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों में बताए जा रहे थे।
- परगट सिंह को किसी एक प्रमुख गुट से अलग स्वतंत्र राजनीतिक पहचान रखने वाला नेता माना जाता है।
- 2027 विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करना नई प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के सामने अहम चुनौती होगी।
- परगट सिंह पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान और जालंधर कैंट से विधायक हैं। Hindustan Times
FAQ Section:
पंजाब कांग्रेस के नए अध्यक्ष कौन हैं?
परगट सिंह को कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। India Today
परगट सिंह ने किसकी जगह ली है?
उन्होंने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला है। Hindustan Times
क्या चरणजीत सिंह चन्नी अध्यक्ष पद के दावेदार थे?
पार्टी के भीतर अध्यक्ष पद के लिए चन्नी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में थे। अंततः हाईकमान ने परगट सिंह के नाम पर फैसला किया। Hindustan Times
परगट सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
उनके सामने प्रदेश कांग्रेस के भीतर विभिन्न गुटों के बीच समन्वय बनाने, संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी करने की चुनौती है।
परगट सिंह की राजनीतिक पृष्ठभूमि क्या है?
परगट सिंह जालंधर कैंट से तीन बार विधायक रह चुके हैं और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान भी हैं। वह पंजाब की पिछली कांग्रेस सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। Hindustan Times
Conclusion:
परगट सिंह को पंजाब कांग्रेस की कमान ऐसे समय मिली है जब पार्टी प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक बदलाव और आंतरिक मतभेदों के बीच आगे बढ़ रही है। चन्नी समेत वरिष्ठ नेताओं की प्रतिक्रिया और नए अध्यक्ष के सामने संगठन को साथ लेकर चलने की चुनौती आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस की दिशा तय करने में अहम होगी। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले परगट सिंह की प्राथमिकता संगठन को मजबूत करने और विभिन्न नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर रहने की संभावना है।

