पंजाब के शहद उत्पादकों पर दोहरी मार, Small Hive Beetle से 20-40% तक उत्पादन प्रभावित; कीमतों में गिरावट ने बढ़ाई चिंता

कीट के हमले से मधुमक्खी कॉलोनियां हो रहीं नष्ट, अमेरिका में बढ़े टैरिफ के बाद निर्यात के घटते अवसर और मिलावटी शहद ने बढ़ाई मुश्किलें

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पंजाब में Small Hive Beetle के बढ़ते प्रकोप से मधुमक्खी पालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उत्पादकों के मुताबिक कई जगह शहद उत्पादन में 20 से 40 फीसदी तक गिरावट आई है, जबकि घटती कीमतों और कमजोर निर्यात अवसरों ने संकट बढ़ा दिया है।

 

पंजाब में Small Hive Beetle (स्मॉल हाइव बीटल) का प्रकोप शहद उत्पादकों और मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी चिंता बनकर सामने आया है। मधुमक्खी पालकों के अनुसार, इस कीट के हमले से कई जगह शहद उत्पादन में 20 से 40 फीसदी तक की कमी आई है।

कीट के प्रकोप ने पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रहे मधुमक्खी पालकों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहद की कीमतों में गिरावट और अमेरिका की ओर से लगाए गए अधिक टैरिफ के बाद निर्यात के अवसर कम होने से उत्पादकों को बाजार में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

Small Hive Beetle से मधुमक्खी कॉलोनियों को नुकसान

मधुमक्खी पालकों का कहना है कि नियमित रूप से बॉक्स की सफाई और विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लेने के बावजूद इस आक्रामक कीट के प्रकोप को रोकना मुश्किल हो रहा है।

Small Hive Beetle के हमले से न केवल मधुमक्खी कॉलोनियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि शहद की मात्रा और गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है।

1,200 हाइव रखने वाले पालक को बड़ा नुकसान

अमृतसर के मधुमक्खी पालक करमिंदर सिंह भुल्लर ने बताया कि वह करीब 1,200 हाइव का प्रबंधन करते हैं। उनके अनुसार, इस सीजन में उन्हें 450 बॉक्स का नुकसान हुआ है।

उन्होंने बताया कि पहले जहां उनका उत्पादन करीब 1,600 बाल्टी था, वह घटकर सिर्फ 260 बाल्टी रह गया है। उत्पादन में आई इस भारी गिरावट ने मधुमक्खी पालन की लागत और आय के बीच संतुलन को प्रभावित किया है।

लुधियाना में भी 500 में से 150 बॉक्स नष्ट

लुधियाना जिले के मधुमक्खी पालक गुरिंदर सिंह ने बताया कि Small Hive Beetle के प्रकोप के कारण उनके 500 में से 150 बॉक्स नष्ट हो गए।

एक अन्य मधुमक्खी पालक ने बताया कि उत्पादन में करीब 30 फीसदी की गिरावट देखने को मिल रही है। लागत की भरपाई के लिए खुदरा कीमतों में 30 से 50 फीसदी तक बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है।

विशेषज्ञ ने माना- मधुमक्खी पालकों को हुआ नुकसान

पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ कीट विज्ञानी डॉ. अमित चौधरी ने कहा कि इस कीट के प्रकोप से मधुमक्खी पालकों को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है।

Small Hive Beetle के बढ़ते प्रभाव को लेकर मधुमक्खी पालकों में चिंता इसलिए भी है क्योंकि उत्पादन में कमी के साथ-साथ बाजार की मौजूदा परिस्थितियां भी उनके लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।

मिलावटी शहद को लेकर भी बढ़ी चिंता

मधुमक्खी पालकों ने शहद में मिलावट को लेकर भी चिंता जताई है। उनका आरोप है कि भारत में निर्मित चावल और कॉर्न सिरप को शहद में मिलाकर उसकी मिठास और बनावट जैसी विशेषताएं पैदा की जा रही हैं।

मधुमक्खी पालकों के अनुसार, मिलावटी शहद को अधिक प्राकृतिक दिखाने के लिए उसमें सूखा पराग (Dry Pollen) भी मिलाया जा रहा है।

असली शहद उत्पादकों के सामने बाजार में चुनौती

प्रोग्रेसिव बीकीपर्स एसोसिएशन, पंजाब के सिमरनजीत सिंह ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से वास्तविक शहद उत्पादकों को नुकसान हो रहा है।

उनके अनुसार, इससे उपभोक्ताओं का भरोसा प्रभावित हो सकता है और असली शहद उत्पादकों के लिए कम गुणवत्ता वाले उत्पादों के साथ प्रतिस्पर्धा करना मुश्किल हो रहा है।

Key Highlights:

  • पंजाब में Small Hive Beetle का प्रकोप मधुमक्खी पालकों के लिए बड़ी चिंता।
  • उत्पादकों के अनुसार शहद उत्पादन में 20 से 40 फीसदी तक गिरावट।
  • अमृतसर के एक मधुमक्खी पालक ने 450 हाइव बॉक्स खोने की जानकारी दी।
  • 1,600 बाल्टी से घटकर उत्पादन 260 बाल्टी तक पहुंचने का दावा।
  • लुधियाना में 500 में से 150 बॉक्स नष्ट होने की जानकारी।
  • शहद की कीमतों में गिरावट और निर्यात अवसर कम होने से आर्थिक दबाव।
  • अमेरिका में बढ़े टैरिफ को भी निर्यात में कमी की वजह बताया गया।
  • मधुमक्खी पालकों ने शहद में चावल और कॉर्न सिरप की मिलावट का आरोप लगाया।
  • मिलावटी शहद से असली उत्पादकों और उपभोक्ता भरोसे पर असर की चिंता।

FAQ Section:

Small Hive Beetle क्या है?

Small Hive Beetle मधुमक्खियों की कॉलोनियों को प्रभावित करने वाला एक कीट है। पंजाब के मधुमक्खी पालकों के अनुसार, इसके प्रकोप से हाइव बॉक्स और शहद उत्पादन को नुकसान हो रहा है।

पंजाब में शहद उत्पादन कितना प्रभावित हुआ है?

मधुमक्खी पालकों के अनुसार, कई मामलों में उत्पादन में करीब 20 से 40 फीसदी तक गिरावट आई है।

अमृतसर के मधुमक्खी पालक को कितना नुकसान हुआ?

अमृतसर के करमिंदर सिंह भुल्लर के अनुसार, उन्होंने इस सीजन में 1,200 में से 450 बॉक्स खो दिए और उत्पादन 1,600 बाल्टी से घटकर 260 बाल्टी रह गया।

लुधियाना में कितना नुकसान हुआ?

लुधियाना जिले के गुरिंदर सिंह के अनुसार, Small Hive Beetle के प्रकोप के बाद उनके 500 में से 150 बॉक्स नष्ट हो गए।

मधुमक्खी पालकों की एक और बड़ी चिंता क्या है?

मधुमक्खी पालकों ने शहद में चावल और कॉर्न सिरप जैसी चीजों की कथित मिलावट को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि इससे असली शहद उत्पादकों के लिए बाजार में प्रतिस्पर्धा मुश्किल हो रही है।

Conclusion:

पंजाब के मधुमक्खी पालक इस समय कीट प्रकोप, घटती शहद कीमतों और कमजोर निर्यात अवसरों जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। Small Hive Beetle के कारण हाइव बॉक्स और उत्पादन को हुए नुकसान ने उनकी चिंता बढ़ा दी है। इसके अलावा, कथित मिलावटी शहद की वजह से वास्तविक उत्पादकों और उपभोक्ताओं के भरोसे को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।Screenshot_412

Edited By: Atul Sharma

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