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हरियाणा में सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों का होगा जमीनी सत्यापन, ग्राम सभाओं को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सरकार ने ग्रामीण परिवारों की पात्रता जांच के लिए नया ग्राम सभा मॉड्यूल शुरू किया, 13 जिलों में 166 ग्राम सभाओं के जरिए 1,309 परिवारों का सत्यापन पूरा।
हरियाणा सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी डेटाबेस को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाने के लिए ग्राम सभाओं के माध्यम से जमीनी सत्यापन अभियान शुरू किया है। अब ग्रामीण परिवारों की आय, परिवार की संरचना, आवास और रोजगार से जुड़ी जानकारी की जांच की जाएगी।
हरियाणा सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में कल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों की पहचान को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ग्राम सभाओं को केंद्र में रखते हुए परिवारों की पात्रता का जमीनी स्तर पर सत्यापन शुरू किया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद परिवारों तक ही पहुंचे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने उच्चस्तरीय बैठक में इस अभियान की समीक्षा की। बैठक में ग्रामीण परिवारों के सत्यापन के लिए तैयार किए गए नए ग्राम सभा मॉड्यूल के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा की गई।
ग्राम सभाएं करेंगी लाभार्थियों की पहचान
नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID) के आयुक्त एवं सचिव जे. गणेशन के अनुसार, ग्राम सभा मॉड्यूल के जरिए ग्रामीण परिवारों की विस्तृत जानकारी की जांच की जाएगी। इसमें परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) का लाभ, वार्षिक आय, कच्ची छत वाले मकान और परिवार के कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय जैसी जानकारी शामिल होगी।इस प्रक्रिया में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी को आधार बनाया जाएगा, जिससे लाभार्थियों की पहचान अधिक पारदर्शी और सहभागी तरीके से की जा सके।
13 जिलों में 1,309 परिवारों का सत्यापन
सरकार के इस अभियान के शुरुआती चरण में उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। हरियाणा के 23 में से 13 जिलों में 166 ग्राम सभाओं के माध्यम से 1,309 परिवारों का सत्यापन किया जा चुका है।
सरकार का मानना है कि ग्राम सभाओं की भागीदारी से लाभार्थियों के बारे में जमीनी जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी और गलत या अपूर्ण रिकॉर्ड को सुधारने का रास्ता भी खुलेगा।
1.66 लाख परिवारों की आय की होगी जांच
इस अभियान की शुरुआत करीब 1.66 लाख ऐसे परिवारों की पहचान के बाद हुई, जिनकी आय का सत्यापन आवश्यक पाया गया था। पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए इन लंबित मामलों को ग्राम सभाओं के पास भेजा गया।
अब इस प्रक्रिया का दायरा बढ़ाकर उन सभी ग्रामीण परिवारों को शामिल किया गया है, जिन्होंने अपनी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम बताई है। ग्राम सभाएं जमीनी जांच के आधार पर परिवारों की उपयुक्त आय श्रेणी निर्धारित करेंगी।
घर, आय और रोजगार की भी होगी जांच
सत्यापन प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। सबसे पहले ग्राम सभा परिवार की संरचना की पुष्टि करेगी। इसके बाद अंत्योदय अन्न योजना के लाभार्थियों और 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय बताने वाले परिवारों की जानकारी की जांच की जाएगी।
कच्ची छत वाले मकानों का भौतिक निरीक्षण भी किया जाएगा। इस दौरान परिवार के किसी सदस्य के साथ मकान की तस्वीर लेने का प्रावधान रखा गया है। इसके अलावा परिवार के कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय की जानकारी भी दर्ज की जाएगी।
निगरानी के लिए बनाया गया बहुस्तरीय तंत्र
सरकार ने सत्यापन प्रक्रिया में जवाबदेही बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय निगरानी व्यवस्था तैयार की है। इसमें जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अतिरिक्त उपायुक्त (ADC), राजपत्रित अधिकारी, CRID के अधिकारी और ग्राम सचिवों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न जिलों और गांवों में सत्यापन प्रक्रिया एक समान तरीके से लागू हो और रिकॉर्ड तैयार करने में पारदर्शिता बनी रहे।
अधिकारियों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
मैदानी स्तर पर अभियान शुरू करने से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। DCRIM अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से 27 अगस्त को ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी।
इसके बाद ये अधिकारी मास्टर ट्रेनर के रूप में जिला स्तर के अधिकारियों को प्रशिक्षण देंगे। अतिरिक्त उपायुक्त प्रशिक्षण की पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, ताकि फील्ड में सत्यापन शुरू होने से पहले संबंधित अधिकारी पूरी तरह तैयार रहें।
Key Highlights:
- हरियाणा सरकार ने ग्रामीण परिवारों के लाभार्थी सत्यापन के लिए ग्राम सभा मॉड्यूल शुरू किया।
- ग्राम सभाओं को पात्र लाभार्थियों की जमीनी पहचान में अहम भूमिका दी गई है।
- 13 जिलों की 166 ग्राम सभाओं में 1,309 परिवारों का सत्यापन हो चुका है।
- करीब 1.66 लाख परिवारों की आय सत्यापन के लिए पहचान की गई थी।
- 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय बताने वाले ग्रामीण परिवारों को अभियान में शामिल किया गया है।
- परिवार की संरचना, AAY स्थिति, आय, मकान की छत और रोजगार की जानकारी जांची जाएगी।
- कच्ची छत वाले मकानों का भौतिक निरीक्षण और फोटो सत्यापन भी किया जाएगा।
- अधिकारियों की निगरानी के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था बनाई गई है।
- 27 अगस्त को DCRIM अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए ट्रेनिंग होगी।
FAQ Section:
सवाल: हरियाणा सरकार ने लाभार्थी सत्यापन अभियान क्यों शुरू किया है?
जवाब: सरकारी कल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थी डेटाबेस को अधिक सटीक बनाने और यह सुनिश्चित करने के लिए अभियान शुरू किया गया है कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पहुंचे।
सवाल: ग्राम सभा मॉड्यूल में किन जानकारियों की जांच होगी?
जवाब: परिवार की संरचना, अंत्योदय अन्न योजना की स्थिति, वार्षिक आय, कच्ची छत वाले मकान और कमाने वाले सदस्यों के व्यवसाय की जानकारी सत्यापित की जाएगी।
सवाल: अब तक कितने परिवारों का सत्यापन हुआ है?
जवाब: 13 जिलों में 166 ग्राम सभाओं के माध्यम से 1,309 परिवारों का सत्यापन किया जा चुका है।
सवाल: किन परिवारों को आय सत्यापन में शामिल किया गया है?
जवाब: ग्रामीण क्षेत्रों में 1.80 लाख रुपये से कम वार्षिक आय बताने वाले परिवारों को इस सत्यापन प्रक्रिया के दायरे में लाया गया है।
सवाल: सत्यापन प्रक्रिया की निगरानी कौन करेगा?
जवाब: जिला परिषदों के CEO, ADC, राजपत्रित अधिकारी, CRID अधिकारी और ग्राम सचिवों समेत कई स्तर के अधिकारी इसकी निगरानी करेंगे।
Conclusion:
हरियाणा सरकार का ग्राम सभा आधारित सत्यापन अभियान कल्याणकारी योजनाओं में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्थानीय स्तर पर परिवारों की आय, आवास और रोजगार संबंधी जानकारी की जांच से सरकारी रिकॉर्ड को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिल सकती है। आने वाले चरणों में इस व्यवस्था के व्यापक स्तर पर लागू होने से पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और गलत लाभार्थी रिकॉर्ड को दुरुस्त करने की प्रक्रिया मजबूत होने की उम्मीद है।
