- Hindi News
- राज्य
- हरियाणा
- यमुनानगर में ‘उत्तर-दक्षिण’ शास्त्रीय संगीत श्रृंखला, विद्यार्थियों ने जाना भारतीय संगीत का समृद्ध व...
यमुनानगर में ‘उत्तर-दक्षिण’ शास्त्रीय संगीत श्रृंखला, विद्यार्थियों ने जाना भारतीय संगीत का समृद्ध विरासत
गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में प्रसिद्ध बांसुरी वादक चेतन जोशी ने दी प्रस्तुति, घाटक और तबले की संगत ने बांधा समां
यमुनानगर के संतपुरा स्थित गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में ‘उत्तर-दक्षिण – ए क्लासिकल म्यूजिक सीरीज’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा से जोड़ना था।
यमुनानगर जिले के संतपुरा स्थित गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविध परंपराओं से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से ‘उत्तर-दक्षिण – ए क्लासिकल म्यूजिक सीरीज’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन पायनियर आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी और आर्ट एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन की ओर से किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई, अनुशासन, लय और भावपूर्ण अभिव्यक्ति को प्रस्तुत किया। मधुर सुरों से पूरा माहौल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया।
चेतन जोशी की बांसुरी प्रस्तुति रही मुख्य आकर्षण
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण प्रसिद्ध बांसुरी वादक चेतन जोशी की शास्त्रीय बांसुरी प्रस्तुति रही। उनकी प्रस्तुति में सुरों की मधुरता, भावपूर्ण अभिव्यक्ति और तकनीकी दक्षता का शानदार मेल देखने को मिला।बांसुरी की मधुर धुनों ने दर्शकों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की समृद्ध परंपरा और उसकी भावनात्मक गहराई से रूबरू कराया।
घाटक और तबले की संगत ने बढ़ाई प्रस्तुति की खूबसूरती
बांसुरी वादन के दौरान शौनक बनर्जी ने घाटक पर प्रभावशाली संगत दी। वहीं उज्जित उदय कुमार ने कुशल तबला वादन से प्रस्तुति में ऊर्जा और लय का प्रभावी समावेश किया।
प्रसिद्ध बांसुरी वादक चेतन जोशी के बेटे अंजनय जोशी ने भी प्रस्तुति में सहयोग दिया।
विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की विविधता से कराया परिचित
कार्यक्रम में भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न परंपराओं और शैलियों की प्रस्तुतियां दी गईं। कलाकारों ने अपने प्रदर्शन के माध्यम से श्रोताओं को संगीत की बारीकियों, अनुशासन, ताल और भावात्मक पक्ष की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं था, बल्कि विद्यार्थियों को देश की समृद्ध संगीत विरासत से जोड़ना भी था।
कॉलेज प्रबंधन और आयोजकों का रहा मार्गदर्शन
कार्यक्रम का आयोजन कॉलेज के महासचिव एमएस सावनी, निदेशक वरिंदर गांधी और प्राचार्य सुखविंदर कौर के मार्गदर्शन में किया गया।
कार्यक्रम की संयोजक अंबिका और मनदीप कौर रहीं, जबकि रितिका और ममता ने सह-संयोजक के तौर पर आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Key Highlights:
- गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज, संतपुरा में शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम आयोजित।
- कार्यक्रम का नाम ‘उत्तर-दक्षिण – ए क्लासिकल म्यूजिक सीरीज’ रहा।
- आयोजन पायनियर आर्ट्स एजुकेशन सोसायटी और आर्ट एंड कल्चरल ऑर्गनाइजेशन ने किया।
- विद्यार्थियों को भारतीय शास्त्रीय संगीत की विरासत से जोड़ना कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था।
- प्रसिद्ध बांसुरी वादक चेतन जोशी ने मुख्य प्रस्तुति दी।
- शौनक बनर्जी ने घाटक पर संगत की।
- उज्जित उदय कुमार ने तबले पर प्रस्तुति को लय प्रदान की।
- अंजनय जोशी ने भी कार्यक्रम में सहयोग किया।
- कलाकारों ने शास्त्रीय संगीत की विभिन्न परंपराओं और शैलियों को प्रस्तुत किया।
- कार्यक्रम में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक माहौल देखने को मिला।
FAQ Section:
सवाल: ‘उत्तर-दक्षिण – ए क्लासिकल म्यूजिक सीरीज’ कार्यक्रम कहां आयोजित हुआ?
जवाब: कार्यक्रम यमुनानगर जिले के संतपुरा स्थित गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में आयोजित किया गया।
सवाल: कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
जवाब: कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना था।
सवाल: कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कौन रहे?
जवाब: प्रसिद्ध बांसुरी वादक चेतन जोशी की शास्त्रीय बांसुरी प्रस्तुति कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही।
सवाल: बांसुरी के साथ किन कलाकारों ने संगत की?
जवाब: शौनक बनर्जी ने घाटक और उज्जित उदय कुमार ने तबले पर संगत की। अंजनय जोशी ने भी प्रस्तुति में सहयोग दिया।
सवाल: कार्यक्रम में क्या प्रस्तुत किया गया?
जवाब: कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत की विभिन्न परंपराओं और शैलियों की प्रस्तुतियां दीं, जिनमें लय, अनुशासन और भावपूर्ण अभिव्यक्ति पर विशेष जोर रहा।
Conclusion:
संतपुरा के गुरु नानक गर्ल्स कॉलेज में आयोजित ‘उत्तर-दक्षिण’ शास्त्रीय संगीत श्रृंखला ने विद्यार्थियों और दर्शकों को भारतीय संगीत की गहराई और विविधता से परिचित कराया। चेतन जोशी की बांसुरी प्रस्तुति और कलाकारों की शानदार संगत ने कार्यक्रम को यादगार बनाया। ऐसे आयोजन युवा पीढ़ी को देश की पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
