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अमृतसर में तारों का जाल बना खतरा, बिजली और इंटरनेट केबलों की अव्यवस्था से बढ़ी हादसे की आशंका
शहर के कई व्यस्त इलाकों में बिजली, इंटरनेट, टेलीफोन और केबल की तारें एक ही पोल पर बेतरतीब तरीके से लटकी नजर आ रही हैं। लोगों ने खराब और बेकार तारों को हटाने की मांग की है।
अमृतसर में बिजली और संचार तारों की बढ़ती अव्यवस्था ने सार्वजनिक सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई स्थानों पर तारें कम ऊंचाई पर झूल रही हैं और पोलों पर उलझी हुई हैं।
अमृतसर शहर के कई हिस्सों में बिजली और संचार तारों का बढ़ता जाल अब लोगों के लिए चिंता का कारण बन गया है। बिजली के खंभों पर बड़ी संख्या में केबलें एक-दूसरे के ऊपर से गुजरती हुई और कई जगह बेहद कम ऊंचाई पर लटकती दिखाई दे रही हैं।
कुछ स्थानों पर तारों को पोल के चारों ओर लपेटकर छोड़ दिया गया है, जबकि कई केबलें जमीन के बेहद करीब तक झूलती नजर आती हैं। इससे न केवल शहर की विद्युत व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।
व्यस्त इलाकों में ज्यादा खतरा
इन बेतरतीब तारों की स्थिति उन क्षेत्रों में अधिक गंभीर नजर आती है, जहां पैदल यात्रियों के साथ बड़ी संख्या में दोपहिया और चारपहिया वाहन गुजरते हैं।स्थानीय लोगों को डर है कि बारिश, तेज हवाओं या खराब मौसम के दौरान ढीली, क्षतिग्रस्त अथवा कमजोर तारें गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। इसके अलावा तारों के इस जाल के कारण यह पहचानना भी मुश्किल हो जाता है कि कौन सी केबल चालू है और कौन सी पुरानी या इस्तेमाल में नहीं है।
बिजली और इंटरनेट केबलों का बढ़ता नेटवर्क
निवासियों के अनुसार, पिछले कई वर्षों के दौरान अलग-अलग सेवा प्रदाताओं द्वारा लगातार नई केबलें जोड़े जाने से समस्या बढ़ती गई है।
बिजली के साथ इंटरनेट, टेलीफोन और अन्य संचार सेवाओं की लाइनें भी उन्हीं पोलों का इस्तेमाल कर रही हैं। इसके चलते कई जगहों पर पोलों पर तारों का ऐसा जाल बन गया है, जिसे व्यवस्थित करना लगातार मुश्किल होता जा रहा है।
पुराने और बेकार तार हटाने की मांग
स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग और संबंधित नागरिक एजेंसियों से शहर में ऐसे स्थानों का व्यापक सर्वे कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सर्वे के दौरान इस्तेमाल में नहीं आ रही और बेकार हो चुकी केबलों की पहचान कर उन्हें हटाया जाना चाहिए।
लोगों ने यह भी मांग की कि चालू तारों को व्यवस्थित तरीके से बांधा जाए और उन्हें निर्धारित सुरक्षित ऊंचाई पर लगाया जाए, ताकि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए खतरा कम हो सके।
निजी टेलीकॉम और केबल ऑपरेटरों पर भी निगरानी जरूरी
निवासियों का कहना है कि केवल बिजली विभाग की जिम्मेदारी तय करने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। निजी टेलीकॉम और केबल ऑपरेटरों को भी तार बिछाने और पुरानी लाइन हटाने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिक हरनाम सिंह ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को क्षतिग्रस्त बिजली के खंभों की भी मरम्मत करवानी चाहिए। साथ ही निजी टेलीकॉम और केबल ऑपरेटरों द्वारा लाइन बिछाने या स्थानांतरित करने के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बारिश और तेज हवाओं में बढ़ सकती है परेशानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सामान्य दिनों में भी बेतरतीब तार परेशानी पैदा कर रहे हैं, लेकिन बारिश और तेज हवाओं के दौरान जोखिम और बढ़ सकता है। ऐसे में समय रहते तारों की जांच, पोलों की मरम्मत और अनावश्यक केबलों को हटाना जरूरी है।
Key Highlights:
- अमृतसर के कई इलाकों में बिजली और संचार तारों का जाल।
- कई जगह कम ऊंचाई पर लटक रही हैं केबलें।
- बारिश और तेज हवाओं के दौरान हादसे की आशंका।
- बिजली, इंटरनेट और टेलीफोन लाइनें एक ही पोल पर।
- लोगों ने पुराने और बेकार तार हटाने की मांग की।
- चालू तारों को सुरक्षित ऊंचाई पर व्यवस्थित करने की अपील।
- निजी टेलीकॉम और केबल ऑपरेटरों पर सुरक्षा मानकों के पालन की मांग।
FAQ Section:
सवाल: अमृतसर में तारों की समस्या क्यों बढ़ रही है?
जवाब: स्थानीय निवासियों के अनुसार, वर्षों से अलग-अलग सेवा प्रदाताओं द्वारा नई बिजली, इंटरनेट, टेलीफोन और अन्य संचार केबलें जोड़े जाने से पोलों पर तारों का जाल बढ़ता गया है।
सवाल: बेतरतीब तारों से क्या खतरा है?
जवाब: ढीली या क्षतिग्रस्त तारें बारिश और तेज हवाओं के दौरान गिर सकती हैं और लोगों तथा वाहनों के लिए सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती हैं।
सवाल: स्थानीय लोगों ने क्या मांग की है?
जवाब: लोगों ने व्यापक सर्वे, बेकार केबलों को हटाने, चालू तारों को व्यवस्थित करने और उन्हें सुरक्षित ऊंचाई पर लगाने की मांग की है।
सवाल: किन एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की गई है?
जवाब: लोगों ने बिजली अधिकारियों और संबंधित नागरिक एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की है। निजी टेलीकॉम और केबल ऑपरेटरों को भी सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है।
निष्कर्ष:
अमृतसर में बिजली और संचार तारों की अव्यवस्थित स्थिति केवल शहर की सुंदरता और व्यवस्था का मुद्दा नहीं है, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से भी जुड़ी हुई है। समय रहते सर्वे, खराब पोलों की मरम्मत और अनावश्यक केबलों को हटाने की कार्रवाई जरूरी है, ताकि बारिश और तेज हवाओं के दौरान किसी बड़े हादसे की आशंका को कम किया जा सके।
