साहा इंडस्ट्रियल एरिया में फायर सेफ्टी पर सवाल, 300 से ज्यादा यूनिट के बावजूद स्थायी फायर टेंडर नहीं

औद्योगिक इकाइयों में बढ़ती गतिविधियों के बीच दमकल व्यवस्था की कमी से उद्योगपति चिंतित, जून की फैक्ट्री आग के बाद तेज हुई स्थायी फायर स्टेशन की मांग

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अंबाला के साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर और अंबाला कैंट स्थित HSIIDC इंडस्ट्रियल एस्टेट में पर्याप्त फायर सेफ्टी व्यवस्था नहीं होने से उद्योगपति चिंतित हैं। कारोबारियों ने औद्योगिक क्षेत्रों में स्थायी दमकल वाहन तैनात करने की मांग की है।

 

अंबाला के साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर और अंबाला कैंट स्थित HSIIDC इंडस्ट्रियल एस्टेट में औद्योगिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध नहीं होने से उद्योगपतियों की चिंता बढ़ गई है।

उद्योग जगत की मांग है कि औद्योगिक क्षेत्रों में स्थायी रूप से फायर टेंडर तैनात किए जाएं। खास तौर पर साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में दमकल वाहन उपलब्ध रहने से आग लगने की स्थिति में शुरुआती समय में ही कार्रवाई की जा सकेगी और बड़े नुकसान को टाला जा सकता है।

आग लगने पर अंबाला कैंट और बराड़ा से पहुंचती हैं दमकल गाड़ियां

फिलहाल साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में आग लगने की स्थिति में दमकल वाहन अंबाला कैंट और बराड़ा से भेजे जाते हैं।

उद्योगपतियों के अनुसार, घटनास्थल तक दमकल गाड़ी पहुंचने में लगने वाला समय और आग बुझाने के बाद पानी भरने के लिए दोबारा लौटने की जरूरत कई बार नुकसान को काफी बढ़ा देती है।

ऐसे में उनका कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र के भीतर ही दमकल वाहन उपलब्ध रहने से आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।

जून में ग्लासवेयर फैक्ट्री में लगी थी भीषण आग

जून में एक ग्लासवेयर फैक्ट्री में आग लगने की बड़ी घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद उद्योगपतियों ने औद्योगिक क्षेत्र में फायर टेंडर उपलब्ध नहीं होने पर नाराजगी जताई थी।

फैक्ट्री को आग की वजह से भारी नुकसान हुआ। फैक्ट्री के मालिक आलोक सूद के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी और दमकल वाहनों के पहुंचने तक आग काफी नुकसान कर चुकी थी।

उन्होंने बताया कि राहत की बात यह रही कि घटना में किसी व्यक्ति को चोट नहीं लगी और फैक्ट्री का बीमा भी था। हालांकि, आग की घटना का संचालन पर असर पड़ा।

उद्योगपतियों ने स्थायी फायर स्टेशन की मांग दोहराई

आलोक सूद ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में फायर स्टेशन स्थापित करना लंबे समय से लंबित मांग है और अब यह तत्काल जरूरत बन चुकी है।

उनके मुताबिक, साहा में उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त संख्या में फायर टेंडर हर समय उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।

अनिल विज ने भी दिए थे तत्काल दमकल वाहन तैनाती के निर्देश

ग्लासवेयर फैक्ट्री में आग लगने के बाद हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया था।

इस दौरान उन्हें बताया गया था कि औद्योगिक क्षेत्र के भीतर कोई दमकल वाहन तैनात नहीं है। उद्योगपतियों से बातचीत के बाद विज ने हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) के प्रबंध निदेशक को साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में तत्काल दमकल वाहन तैनात करने के निर्देश दिए थे।

विज ने कहा था कि औद्योगिक क्षेत्र में फायर ब्रिगेड वाहन खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है और उद्योगों तथा कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था जरूरी है।

साहा में 300 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयां

साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। इसके पहले चरण में करीब 410 एकड़ क्षेत्र विकसित किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 250 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।

औद्योगिक क्षेत्र में पहले से ही 300 से अधिक इकाइयां संचालित हो रही हैं और उद्योगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

बढ़ते औद्योगिक विस्तार के बीच फायर सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर उद्योगपतियों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।

स्थायी फायर स्टेशन बनने में लग सकता है करीब एक साल

HSIIDC ने नियमित फायर स्टेशन शुरू होने तक क्षेत्र में दो दमकल वाहन उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभाग से अनुरोध किया था।

जून में HSIIDC ने अंबाला कैंट के फायर स्टेशन अधिकारी को पत्र लिखकर बताया था कि कुछ ही सप्ताह के दौरान औद्योगिक इकाइयों में आग लगने की तीन घटनाएं हो चुकी थीं।

औद्योगिक केंद्र में फायर स्टेशन भवन के निर्माण के लिए जमीन पहले ही चिन्हित की जा चुकी है। भवन निर्माण का अनुमान सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद फायर स्टेशन भवन के निर्माण में करीब एक साल लग सकता है।

Key Highlights:

  • साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर उद्योगपति चिंतित।
  • औद्योगिक क्षेत्र में स्थायी फायर टेंडर तैनात करने की मांग।
  • फिलहाल अंबाला कैंट और बराड़ा से दमकल वाहन भेजे जाते हैं।
  • जून में ग्लासवेयर फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगी थी।
  • आग की घटना में फैक्ट्री को भारी नुकसान हुआ, हालांकि कोई घायल नहीं हुआ।
  • मंत्री अनिल विज ने साहा में तत्काल दमकल वाहन तैनात करने के निर्देश दिए थे।
  • साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर के पहले चरण में करीब 410 एकड़ क्षेत्र विकसित है।
  • दूसरे चरण में 250 एकड़ क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
  • औद्योगिक क्षेत्र में 300 से अधिक इकाइयां पहले से मौजूद हैं।
  • HSIIDC ने नियमित फायर स्टेशन बनने तक दो दमकल वाहन उपलब्ध कराने की मांग की है।
  • जून में कुछ सप्ताह के भीतर औद्योगिक इकाइयों में तीन आग की घटनाएं होने की जानकारी दी गई थी।
  • स्थायी फायर स्टेशन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित है और निर्माण अनुमान मंजूरी के लिए लंबित है।

FAQ Section:

सवाल: साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में फायर सेफ्टी को लेकर क्या समस्या है?

जवाब: औद्योगिक क्षेत्र में स्थायी रूप से दमकल वाहन उपलब्ध नहीं हैं। आग लगने की स्थिति में अंबाला कैंट और बराड़ा से फायर टेंडर बुलाए जाते हैं, जिससे घटनास्थल तक पहुंचने में समय लग सकता है।

सवाल: साहा इंडस्ट्रियल एरिया में कितनी औद्योगिक इकाइयां हैं?

जवाब: साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में 300 से अधिक औद्योगिक इकाइयां मौजूद हैं और इनकी संख्या धीरे-धीरे बढ़ रही है।

सवाल: जून में साहा में क्या घटना हुई थी?

जवाब: जून में एक ग्लासवेयर फैक्ट्री में शॉर्ट सर्किट के कारण बड़ी आग लग गई थी। दमकल वाहनों के पहुंचने तक फैक्ट्री को काफी नुकसान हो चुका था।

सवाल: साहा में स्थायी फायर स्टेशन कब तक बन सकता है?

जवाब: फायर स्टेशन भवन के निर्माण के लिए जमीन चिन्हित है और निर्माण का अनुमान सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी के अधीन है। निर्माण पूरा होने में करीब एक साल लगने का अनुमान है।

सवाल: HSIIDC ने क्या व्यवस्था मांगी है?

जवाब: HSIIDC ने नियमित फायर स्टेशन शुरू होने तक साहा औद्योगिक क्षेत्र में दो दमकल वाहन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।

Conclusion:

साहा इंडस्ट्रियल ग्रोथ सेंटर में तेजी से बढ़ती औद्योगिक गतिविधियों के बीच फायर सेफ्टी व्यवस्था की कमी गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। 300 से अधिक इकाइयों वाले क्षेत्र में आग की घटनाओं से निपटने के लिए तत्काल दमकल वाहन उपलब्ध कराना जरूरी माना जा रहा है। स्थायी फायर स्टेशन के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, लेकिन इसमें करीब एक साल लग सकता है। ऐसे में तब तक पर्याप्त फायर टेंडर तैनात करना उद्योगों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिहाज से अहम होगा।Screenshot_1276

Edited By: Atul Sharma

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